पाकिस्तान में इस समय बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। पंजाब प्रांत में भारी बारिश और भारत से आने वाली नदियों के उफान ने लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऐसे में अमेरिका ने मानवीय मदद का हाथ बढ़ाया है। 6 सितंबर 2025 को अमेरिकी सैन्य विमानों ने पाकिस्तान के नूर खान एयर बेस पर राहत सामग्री पहुंचाई। यह मदद पाकिस्तानी सेना के अनुरोध पर भेजी गई, जिसमें तंबू, जल शोधन पंप, जनरेटर जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। इस मुश्किल घड़ी में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का साथ पाकिस्तान के लिए बड़ा सहारा बन रहा है।
नूर खान एयर बेस पर राहत सामग्री
रावलपिंडी के नूर खान एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य विमान 6 सितंबर को उतरे। यहां पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों के साथ-साथ अमेरिकी दूतावास की चार्ज डी’अफेयर्स नताली बेकर ने राहत सामग्री को रिसीव किया। अमेरिकी दूतावास ने अपने बयान में कहा, “पाकिस्तान की सेना के अनुरोध पर हमने जरूरी सामान पहुंचाया। नताली बेकर ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना जताई।” इस सामग्री को जल्द से जल्द बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचाया जाएगा, ताकि लोगों को तुरंत राहत मिल सके। कुल छह विमानों के जरिए यह मदद पहुंचाई जा रही है, जो अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (यूएस आर्सेंट) के तहत हो रहा है।
पाकिस्तान में बाढ़ की भयावह स्थिति
पाकिस्तान का पंजाब प्रांत इस बार भारी मॉनसून बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। रावी, सतलुज और चिनाब नदियों में भारत से आए पानी ने हालात को और बिगाड़ दिया। लाखों लोग बेघर हो गए, उनके घर पानी में डूब गए, फसलें बर्बाद हो गईं और कई परिवार अस्थायी कैंपों में रहने को मजबूर हैं। सिंध प्रांत में भी बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है, जहां 16 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं। पंजाब में अब तक 231 लोग मॉनसून सीजन में जान गंवा चुके हैं, और हालात अभी और बिगड़ने की आशंका है, क्योंकि मौसम विभाग ने 9 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी है।
अमेरिका का मानवीय सहयोग और समन्वय
अमेरिका ने इस संकट में न केवल सामग्री भेजी, बल्कि तकनीकी विशेषज्ञों और राहत संगठनों के जरिए भी मदद का आश्वासन दिया है। नताली बेकर ने पाकिस्तान के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) के आधुनिक आपदा प्रबंधन मॉडल की तारीफ की और इसे क्षेत्र के लिए एक मिसाल बताया। उन्होंने और यूएस सेंट्रल कमांड की डिजास्टर रिस्पॉन्स ग्रुप ने नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एनईओसी) का दौरा भी किया। यह मदद संयुक्त राष्ट्र और यूनाइटेड किंगडम के बाद अमेरिका की ओर से तीसरा बड़ा कदम है।
नूर खान एयर बेस का रणनीतिक महत्व
नूर खान एयर बेस का जिक्र इस साल मई में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी हुआ था, जब भारतीय वायुसेना ने इस बेस पर सटीक हमले किए थे। उस हमले में रनवे, हैंगर और सैन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा था। फिर भी, यह बेस पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से अहम बना हुआ है और अब राहत कार्यों का केंद्र बन गया है।













