अमेरिका को ये बात समझ आ गई है कि उसने भारत से अपने रिश्ते खराब करके सही नहीं किया है। इसकी बानगी भी अब दिखने लगी है। भारत पर 50 प्रतिशत की टैरिफ के बाद अपने ही देश में चौतरफा आलोचना का शिकार हुए राष्ट्रपति ट्रंप के भी सुर बदलने लगे हैं। उन्होंने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह पीएम मोदी के साथ हमेशा दोस्त रहेंगे और मोदी एक शानदार नेता हैं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी गर्मजोशी से जवाब देते हुए दोनों देशों के बीच सकारात्मक और भविष्योन्मुखी रिश्तों पर जोर दिया। यह बयान उस वक्त आया जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव की खबरें सुर्खियों में थीं।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा, “मैं हमेशा मोदी के दोस्त रहूंगा, वह एक महान प्रधानमंत्री हैं।” उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच “विशेष रिश्ते” की बात कही। यह बयान व्यापार, टैरिफ और रूस से तेल खरीद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आया। ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाए, जिसे उन्होंने रूस से तेल खरीदने की सजा बताया। इससे दोनों देशों के रिश्तों में खटास की खबरें उभरीं।
पीएम मोदी का जवाब
मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए ट्रंप के बयान की सराहना की। उन्होंने लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और हमारे रिश्तों के सकारात्मक मूल्यांकन की मैं बहुत सराहना करता हूं। भारत और अमेरिका एक सकारात्मक और भविष्योन्मुखी रणनीतिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं।” मोदी ने कहा कि दोनों देश अपने लोगों के कल्याण और वैश्विक शांति के लिए मिलकर काम करेंगे।
इससे पहले भारत पर लगा दिया था टैरिफ
इससे पहले रूस यूक्रेन का युद्ध खत्म करवा पाने में असफल रहे ट्रंप ने खीझ बस भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया था। साथ ही उन्होंने तर्क दिया कि उन्होंने ऐसा भारत द्वारा रूस का तेल खरीदने के चलते किया है। ट्रंप ने सोचा कि भारत दब जाएगा, लेकिन पीएम मोदी ने दूसरे विकल्पों को भी तलाश लिया। इससे ट्रंप चौतरफा घिरते चले गए। आखिरकार अब उनके सुर बदलने लगे हैं।

















