नई दिल्ली: रूस ने एक बार फिर से यूक्रेन पर बड़ा हमला किया है। रूस की तरफ से यूक्रेन पर रातभर में 500 से अधिक ड्रोन और मिसाइलें दागीं गई हैं। यूक्रेन पर जबरदस्त हमला बोलते हुए रूस की तरफ से 526 ड्रोन और मिसाइलें छोड़ी गई हैं। इनमें 502 ड्रोन और 24 मिसाइलें शामिल थीं। रूस के इस हमले की जानकारी यूक्रेन की वायुसेना ने दी है। हमले में रूस ने मुख्य रूप से यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से को निशना बनाया। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से समर्थन मांगा है।
जेलेंस्की ने की रूस पर कड़े प्रतिबंध की मांग
यूक्रेन पर लगातार हो रहे हमलों के बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की का कहना है कि रूसी ड्रोन हमलों की संख्या बढ़ रही है। दिन के उजाले में भी हमले हो रहे हैं। उन्होंने सहयोगी देशों से रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की है। जेलेंस्की ने रूस के हमलों का जवाब देने के लिए अपने सहयोगी देशों से मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि रूस के हमले के मुख्य लक्ष्य नागरिक बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से ऊर्जा सुविधाएं थीं। रूस ऊर्जा सुविधाओं को सर्दी से पहले निशाना बनाकर अपने पड़ोसी को परेशान करने की आक्रामक नीति पर काम कर रहा है। यूक्रेनी वायु सेना ने बताया कि हमलों में मुख्य रूप से पश्चिमी और मध्य यूक्रेन को निशाना बनाया गया और कम से कम पांच लोग घायल हो गए।
मोदी कह चुके हैं-यूक्रेन में शांति के लिए स्थायी रास्ता खोजना होगा
गौरतलब है कि हाल ही में एससीओ बैठक में पुतिन, मोदी और शि चिनपिंग ने मुलाकात की थी। इस बैठक में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग भी थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करते हुए कहा था कि यूक्रेन में शांति के लिए स्थायी रास्ता खोजना होगा। वहीं, वाशिंगटन इस मुलाकात से चिढ़ गया था और वहां से बयान आया था कि ये देश रूस के युद्ध प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध को हो गए हैं 42 महीने से ज्यादा
रूस और यूक्रेन के युद्ध को 42 महीने से ज्यादा हो गये हैं। रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 से युद्ध चल रहा है। युद्ध के कारण दोनों देशों को जान-माल की हानि हो रही है। यूक्रेन के कई शहर युद्ध में तबाह हो चुके हैं। यूक्रेन की तरफ से भी रूस के हमलों का जवाब दिया जा रहा है। हाल ही के दिनों में दोनों देशों के बीच हवाई हमले तेज हुए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध को रोकने का प्रयास कर चुके हैं। लेकिन उनके प्रयास असफल रहे। जेलेंस्की ने हालांकि ट्रंप के युद्ध विराम और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ आमने-सामने शांति वार्ता के प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया है, लेकिन क्रेमलिन ने इस पर आपत्ति जताई है।

















