उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में गत 26 अगस्त को कन्वर्जन कराने वाला गैंग पकड़ा गया था। बरेली जनपद की पुलिस ने कन्वर्जन गिरोह के मुख्य अभियुक्त अब्दुल मजीद, सलमान आरिफ और फहीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब पुलिस ने बताया है कि इस गिरोह में एक मदरसा भी शामिल था। इस मदरसे के कागजात आदि अपूर्ण हैं फिर भी मदरसा संचालित किया जा रहा था। मदरसा अवैध कन्वर्जन एवं फंडिंग की गतिविधियों के लिए संचालित किया जा रहा था। अभी तक 21बैंकों से 13 लाख रुपए का लेन-देन किया गया था।
पुलिस का कहना है 5 बैंक खाता अब्दुल मजीद के नाम पर , शेष बैंक खाते उसकी पत्नी के नाम पर हैं। एक अन्य अभियुक्त सलमान के नाम पर 12 बैंक खाते मिले हैं। विगत कुछ माह में 2 हजार बार ट्रांजेक्शन किया गया है।
पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अंशिका वर्मा ने बताया कि एक सोसायटी का पंजीकरण कराया गया था। उसकी अवधि समाप्त हो जाने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। उसके बावजूद इस सोसायटी के आधार पर मदरसे का संचालन किया जा रहा था।
पुलिस का कहना कि इस गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त 14 राज्यों के 29 जनपदों में फैला हुआ है। यह गैंग लोगों का ब्रेनवाश करके कन्वर्जन करा रहा था।
उल्लेखनीय है कि बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गोपनीय रूप से पुलिस इस गैंग के बारे में कई दिनों से छानबीन कर रही थी। इस गैंग के लोगों ने बरेली के सुभाष नगर निवासी बृजपाल के पूरे परिवार का ब्रेनवाश किया था। इस गैंग ने बृजपाल का ब्रेनवाश कर उसकी शादी एक मुस्लिम लड़की से कराई। इसके बाद उसकी बहन की शादी एक मुस्लिम युवक से कराई। अभियुक्तों के कब्जे से कुछ पुस्तकें भी बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि इस गैंग के और भी सदस्यों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
बरेली की पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अंशिका वर्मा ने बताया कि पुलिस को इस गैंग के बारे में सूचना में प्राप्त हुई थी। इस संबंध में अब्दुल मजीद समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था।

















