देहरादून: हिमालय शिवालिक क्षेत्रों में पिछले एक हफ्ते से लगातार हों रही बारिश से यहां से निकलने वाली गंगा जमुना शारदा और उनकी सहायक नदियों ने रौद्र रूप धारण किया हुआ है। बारिश से जन जीवन प्रभावित है आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य करना भी एक चुनौती साबित हो रहा है। बावजूद इसके लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाए जाने का काम पूरा किया गया है। रुद्रप्रयाग जिले में दो दिनों में दस से अधिक लोगों की जाने चली गई है। कई लापता लोगों की खोज जारी है।
राहत कार्य तेज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सतत निगरानी में प्रदेश में आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्य तेज करवाया है। भारी बारिश व मलबा आने से प्रदेश में कुल 1827 स्थानों पर सड़कें बाधित हुई थीं। इनमें से 1747 सड़कों को खोला जा चुका है, जबकि 80 सड़कों पर कार्यवाही गतिमान है। इस प्रकार मलबे और भू स्खलन से बंद हुई अब तक 95.62% सड़कों पर यातायात बहाल किया जा चुका है। सीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जहाँ-जहाँ मलबा आने की संभावना थी, वहाँ पहले से ही जेसीबी और आवश्यक संसाधनों की तैनाती की गई है।
सीएम धामी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जाए। परिणामस्वरूप प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें तेज़ी से खोली जा रही हैं और लोगों को राहत मिल रही है। ज्ञातव्य है कि इस वर्ष प्रदेश में पिछले कई वर्षों की तुलना में अधिक बारिश हो रही है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री श्री धामी स्वयं लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा कर रहे हैं।
श्री धामी ने कहा है कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार लगातार सक्रिय है और हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।उन्होंने चेताया कि अगले एक सप्ताह बारिश भूस्खलन की दृष्टि से और भी भारी रहने वाले है।
प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सड़क, बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बहाल करने की निरंतर निगरानी की जा रही है। सभी विभाग समन्वय बनाकर त्वरित राहत व बचाव कार्य कर रहे हैं।

















