चीन के तियानजिन में SCO समिट होने जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अहम मुलाकात होनी है। ऐसे में रूस के साथ चल रहे युद्ध में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को भी इस बात की चिंता सताने लगी है कि कहीं भारत और रूस मिलकर कोई बड़ा कदम न उठा लें। ऐसे में माहौल को अपने पक्ष में करने की नीयत से जेलेंस्की ने 30 अगस्त 2025 को पीएम मोदी से फोन पर बातचीत की। यह बातचीत शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट से ठीक एक दिन पहले हुई। इस फोन कॉल में रूस-यूक्रेन संघर्ष के ताज़ा हालात और शांति की कोशिशों पर गंभीर चर्चा हुई।
रूस-यूक्रेन संघर्ष पर बात
ज़ेलेंस्की ने प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बारे में ताज़ा जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस लगातार नागरिक ठिकानों पर हमले कर रहा है, जिसके कारण कई लोगों की जान जा रही है। ज़ेलेंस्की ने कहा, “पिछले दो हफ्तों में, जब रूस को कूटनीति के लिए तैयार होना चाहिए था, उसने कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया। उल्टा, उसने नागरिकों पर हमले किए और दर्जनों लोगों की जान ली।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शांति की सार्थक बातचीत के लिए तुरंत और बिना शर्त युद्धविराम ज़रूरी है। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन रूस के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन मॉस्को की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया।
मोदी का शांति के लिए समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी ने ज़ेलेंस्की को धन्यवाद दिया और भारत की हमेशा से चली आ रही शांति की नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के लिए हर संभव कोशिश का समर्थन करता है। पीएम मोदी ने एक्स पर कहा, “ज़ेलेंस्की का आज फोन के लिए धन्यवाद। हमने संघर्ष, इसके मानवीय पहलुओं और शांति बहाली के प्रयासों पर विचार साझा किए। भारत इन सभी कोशिशों को पूरा समर्थन देता है।” भारत ने पहले भी कई बार युद्ध के बजाय बातचीत और कूटनीति के रास्ते को बढ़ावा दिया है।
SCO समिट और भारत की भूमिका
यह फोन कॉल इसलिए भी अहम थी क्योंकि SCO समिट में मोदी न सिर्फ पुतिन से, बल्कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करने वाले हैं। ज़ेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि भारत अपनी कूटनीतिक ताकत का इस्तेमाल करके रूस और अन्य नेताओं को शांति का संदेश देगा। उन्होंने कहा, “भारत SCO समिट में रूस को सही संदेश देने के लिए तैयार है।” यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब अमेरिका ने भारत के रूसी तेल खरीदने पर 50% टैरिफ लगा दिया है, जिससे भारत की स्थिति और जटिल हो गई है।
भारत-यूक्रेन संबंधों पर चर्चा
युद्ध के अलावा, दोनों नेताओं ने भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय रिश्तों को मज़बूत करने पर भी बात की। ज़ेलेंस्की ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने भविष्य में उच्च-स्तरीय दौरों और जॉइंट इंटरगवर्नमेंटल कमीशन की बैठक की तैयारियों का ज़िक्र किया। ज़ेलेंस्की ने कहा, “हमारे रिश्तों में बहुत संभावनाएं हैं, जिन्हें हम हकीकत में बदल सकते हैं। मैं जल्द ही प्रधानमंत्री से मिलने को उत्सुक हूं।” यह दूसरी बार था जब अगस्त में दोनों नेताओं ने फोन पर बात की, जो भारत-यूक्रेन संबंधों के बढ़ते महत्व को दिखाता है।

















