Jammu Kashmir Cloudburst: जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर प्रकृति का कहर बरपा है। रामबन जिले के राजगढ़ इलाके में शुक्रवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मची। इस आपदा में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने कई घरों को तहस-नहस कर दिया, जिससे लोगों का जीवन संकट में पड़ गया।
क्या हुआ राजगढ़ में?
30 अगस्त 2025 की रात करीब 12:30 बजे, राजगढ़ के द्रुबला नटना गांव में बादल फटने की घटना हुई। तेज बारिश और बाढ़ के कारण दो घर और एक स्कूल की इमारत बह गई। पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। दो लोग अभी लापता हैं, और उनकी तलाश में बचाव अभियान चल रहा है। बाढ़ ने कई घरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए।
बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिए। स्थानीय प्रशासन, पुलिस, और आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंच चुकी हैं। लापता लोगों की खोजबीन के लिए टीमें दिन-रात काम कर रही हैं, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला। उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि भारी बारिश ने रामबन और पूंछ जैसे इलाकों में सड़कों को भी नुकसान पहुंचाया है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) बंद हो गया है, जिससे आवागमन ठप है।
बारिश का कहर जारी
जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। इससे पहले डोडा में बादल फटने और वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं। मौसम विभाग ने रामबन, पूंछ, किश्तवाड़, जम्मू और उधमपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदियों, नालों और पहाड़ी इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

















