भारत की सियासत में तमिलनाडु हमेशा से एक अलग पहचान रखता है। यहां की राजनीति में क्षेत्रीय दल जैसे डीएमके और एआईएडीएमके का दबदबा रहा है। लेकिन हाल ही में इंडिया टुडे-सी वोटर के मूड ऑफ द नेशन सर्वे ने कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं। अगर आज लोकसभा चुनाव हों, तो तमिलनाडु में बीजेपी की वोट हिस्सेदारी में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, सीटों के मामले में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन अभी भी मजबूत स्थिति में है।
सर्वे का आधार और समय
इंडिया टुडे-सी वोटर का मूड ऑफ द नेशन सर्वे 1 जुलाई से 14 अगस्त 2025 तक किया गया। इसमें तमिलनाडु सहित देश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में 54,788 लोगों से बात की गई। इसके अलावा, सी वोटर के नियमित ट्रैकर डेटा से 1,52,038 और साक्षात्कारों का विश्लेषण किया गया। यह सर्वे देश के सियासी मूड को समझने का एक भरोसेमंद तरीका माना जाता है।
तमिलनाडु में बीजेपी की वोट हिस्सेदारी में उछाल
सर्वे के मुताबिक, अगर आज लोकसभा चुनाव हों, तो बीजेपी की वोट हिस्सेदारी 2024 के 18% से बढ़कर 37% तक पहुंच सकती है। यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि तमिलनाडु में बीजेपी का प्रभाव हमेशा कम रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को कोई सीट नहीं मिली थी, लेकिन इस बार सर्वे में उसे 3 सीटें जीतने की संभावना दिख रही है। यह बढ़त बीजेपी के लिए एक उम्मीद की किरण है, खासकर तब जब वह हाल ही में एआईएडीएमके के साथ फिर से गठबंधन कर चुकी है।
डीएमके-कांग्रेस गठबंधन अभी भी मजबूत
हालांकि बीजेपी की वोट हिस्सेदारी बढ़ रही है, लेकिन डीएमके-कांग्रेस के नेतृत्व वाला इंडिया गठबंधन अभी भी तमिलनाडु में बादशाहत कायम रखे हुए है। सर्वे के अनुसार, इंडिया गठबंधन को 48% वोट मिल सकते हैं, जो 2024 के 47% से थोड़ा ज्यादा है। सीटों की बात करें तो गठबंधन 39 में से 36 सीटें जीत सकता है।
विजय का टीवीके और सियासी समीकरण
तमिलनाडु की सियासत में एक नया मोड़ सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टई कझगम (टीवीके) ला रही है। सर्वे बताता है कि विजय की पार्टी डीएमके विरोधी वोटों को बांट सकती है, जिसका फायदा अप्रत्यक्ष रूप से डीएमके को मिल सकता है। टीवीके का असर खासकर एआईएडीएमके के वोट बैंक पर पड़ सकता है, जो पहले से ही कमजोर हो रहा है। सर्वे में एआईएडीएमके की वोट हिस्सेदारी 2024 के 23% से घटकर 20% होने का अनुमान है।
बीजेपी की रणनीति और चुनौतियां
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई की आक्रामक रणनीति और ‘एन मन, एन मक्कल’ अभियान ने पार्टी की दृश्यता बढ़ाई है। लेकिन, विशेषज्ञों का कहना है कि बीजेपी को तमिलनाडु में बड़ी सफलता के लिए एआईएडीएमके और टीवीके जैसे दलों के साथ बड़ा गठबंधन बनाना होगा। साथ ही, डीएमके के खिलाफ जनता में मौजूद नाराजगी को भुनाने की जरूरत है, जिसमें भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोप शामिल हैं।
















