असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में यह स्पष्ट किया है कि राज्य के धुबरी और दक्षिण सालमारा जिलों में दुर्गा पूजा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ‘शूट एट साइट’ (देखते ही गोली मारने) का आदेश लागू रहेगा। यह फैसला भारत-बांग्लादेश सीमा के पास बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह आदेश पहले 13 जून को लागू किया गया था, जब इलाके में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। अब दुर्गा पूजा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के समय किसी भी तरह की हिंसा या असामाजिक गतिविधि को रोकने के लिए इस आदेश को आगे भी लागू रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को सुरक्षा एजेंसियों से इनपुट मिले हैं कि धुबरी और दक्षिण सालमारा में कुछ असंवेदनशील गतिविधियां हो रही हैं। ये दोनों जिले बांग्लादेश की सीमा से सटे हुए हैं और वहीं से खतरे की संभावना ज्यादा बताई गई है। इसलिए इन्हें ‘चिंता वाले क्षेत्र’ (Sensitive Zones) के रूप में चिन्हित किया गया है।
सीमा पार से धमकी भरे कॉल- मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि धुबरी जिले के कुछ लोगों को बांग्लादेश से धमकी भरे फोन कॉल्स आ रहे थे। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि ये कॉल सीमा पार से एक आतंकी संगठन से जुड़े लोगों द्वारा किए जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि एक व्यक्ति अली हुसैन बेपारी इन कॉल्स के पीछे था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह व्यक्ति जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) नामक आतंकी संगठन से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, अली हुसैन ने ही स्थानीय लोगों के फोन नंबर बांग्लादेश भेजे थे, जिससे वहां से कॉल किए गए। इससे यह भी पता चलता है कि आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश हो रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सीमा पार से कॉल कैसे किए जा सके।
अली हुसैन का आपराधिक इतिहास- मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अली हुसैन पहले भी जेल जा चुका है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड है। वह पहले से ही संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है। इस बार उसकी गिरफ्तारी से कई चौंकाने वाली जानकारियाँ सामने आई हैं। हिमंत बिस्वा सरमा ने चेतावनी दी कि यदि दुर्गा पूजा के दौरान कोई व्यक्ति रात के समय संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाया गया, तो उसे गोली मारने का आदेश पहले की तरह ही जारी रहेगा। यह कदम सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, ताकि शांति भंग न हो और लोगों का त्योहार सुरक्षित माहौल में मनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि राज्य के बाकी जिलों में ऐसी कोई चिंता नहीं है। केवल धुबरी और दक्षिण सालमारा को लेकर ही सुरक्षा एजेंसियों ने चिंता जताई है, क्योंकि ये जिले सीमा से सटे हुए हैं और वहां घुसपैठ और आतंकी नेटवर्क की संभावनाएं ज्यादा रहती हैं।

















