अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत को पाकिस्तान समझ बैठे। उन्होंने सोचा था कि वे टैरिफ लगाएंगे और भारत डरकर रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। लेकिन वो ये भूल गए हैं कि ये भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति है, जिसे वे अपनी सहूलियत के हिसाब से नचा नहीं सकते। ट्रंप द्वारा भारत पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ आज से प्रभावी हो गया है। वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके जबाव में लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील की है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के इस दौर में, पीएम मोदी ने देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उनकी इस अपील का मकसद न सिर्फ भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है, बल्कि हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाना भी है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच स्वदेशी का महत्व
पीएम मोदी वाराणसी में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था इस समय अस्थिरता और अनिश्चितता से जूझ रही है। कई देश अपनी आर्थिक नीतियों को अपने हितों के इर्द-गिर्द केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में भारत, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, को भी अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप के टैरिफ जैसे कदम भारतीय निर्यातकों, खासकर इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों के लिए चुनौती बन सकते हैं। लेकिन इस चुनौती को अवसर में बदलने के लिए उन्होंने स्वदेशी को ‘ब्रह्मास्त्र’ बताया। मोदी ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर हम न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की ताकत को भी बढ़ाएंगे।
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त्योहारी सीजन में दुकानदारों से खास अपील
मोदी ने विशेष रूप से व्यापारियों और दुकानदारों से आग्रह किया कि वे त्योहारी और शादी के सीजन में सिर्फ भारत में बने सामान बेचें। उन्होंने सुझाव दिया कि दुकानों के बाहर ‘स्वदेशी’ का बोर्ड लगाया जाए, ताकि लोग स्थानीय उत्पादों को आसानी से पहचान सकें और खरीद सकें। पीएम ने कहा, “जब दुनिया अनिश्चितता से गुजर रही है, तब हमें अपनी दुकानों और बाजारों में सिर्फ स्वदेशी सामान बेचने का संकल्प लेना चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश की सच्ची सेवा होगी। साथ ही, उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे हर खरीदारी से पहले यह सोचें कि क्या वह सामान भारतीय मेहनत और कौशल से बना है।
नागरिकों की भूमिका पर जोर
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अपनी तरफ से किसानों, लघु उद्योगों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। लेकिन राष्ट्र के परिवर्तन के लिए सिर्फ सरकार के प्रयास काफी नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि वह स्वदेशी को अपनाए।” मोदी ने इसे एक सामूहिक आंदोलन का रूप देने की बात कही, जिसमें हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी राजनीतिक विचारधारा से हो, देशहित में एकजुट हो। उन्होंने पहले के उदाहरणों का जिक्र किया, जब उनकी अपील पर लोगों ने विदेशों में शादी की योजना रद्द कर भारत में समारोह आयोजित किए।
‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र
मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के अपने पुराने मंत्र को दोहराते हुए कहा कि स्वदेशी सिर्फ एक आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन से जोड़ा और कहा कि यह हमारी एकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

















