मणिपुर में अशांति फैलाने की साजिश में शामिल उग्रवादियों के खिलाफ एक बार फिर से सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 18-23 अगस्त के दौरान सेना, मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स ने संयुक्त अभियान के तहत राज्य के कर्ई जिलों में ताबड़तोड़ सर्च अभियान चलाया। इसके तहत 8 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही भारी मात्रा में हथियार, ग्रेनेड, लाइट मशीनगन और गोला-बारूद बरामद हुए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बताया जाता है कि ये उग्रवादी राज्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। हालांकि, वक्त रहते इसकी खबर सुरक्षा बलों को लग गई। सुरक्षा बलों को इनपुट मिला था कि राज्य के कई जिलों में उग्रवादी डेरा डाले हुए हैं और बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं। बस फिर क्या था। सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने राज्य के जिरीबाम, फेरजॉल, बिष्णुपुर, थौबल, इम्फाल वेस्ट और इम्फाल ईस्ट जैसे जिलों में छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों से लोहा लेने की भी कोशिश की। हालांकि, उन्हें पकड़ लिया गया। बलों ने इनके पास से कई खतरनाक हथियार बरामद किए हैं।
क्या-क्या मिला हथियारों के जखीरे में?
उग्रवादियों के पास से सुरक्षाबलों ने AK-47 राइफल, इंसास LMG (लाइट मशीन गन), सिंगल बैरल राइफल, पिस्तौल और ग्रेनेड को बरामद किया है। इसके अलावा, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। इन हथियारों की मौजूदगी से साफ है कि उग्रवादी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे। लेकिन, समय रहते सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया।
क्यों है मणिपुर में तनाव?
गौरतलब है कि पूर्वोत्तर राज्य में मणिपुर में मई 2023 से कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय संघर्ष चल रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार की कोशिशों के कारण राज्य में शांति बहाली अवश्य हुई है। लेकिन गाहे-बगाहे इन समुदायों के बीच होने वाले तनाव के कारण उग्रवादी भी अपने सिर उठाने की कोशिशें करते हैं। इस ताजा कार्रवाई से पहले भी, मार्च और मई 2025 में सुरक्षाबलों ने कई उग्रवादियों को पकड़ा और हथियार जब्त किए थे।

















