आज के समय में बैंक खाता खोलना जितना आसान हो गया है, उसे बंद करना उतना ही सोच-समझकर किया जाना चाहिए। बहुत से लोग बिना जरूरी जानकारी के अपना बैंक खाता बंद करवा देते हैं और बाद में उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। खाता बंद करते समय कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज करने से न सिर्फ पैसा कट सकता है, बल्कि आगे चलकर परेशानियां भी खड़ी हो सकती हैं। इस आर्टिकल में हम आपको तीन ऐसी महत्वपूर्ण बातें बताएंगे जो बैंक खाता बंद करते समय अवश्य ध्यान में रखनी चाहिए। अगर आप इन बातों को ध्यान में रखते हैं, तो भविष्य में किसी भी तरह की आर्थिक हानि से बच सकते हैं।
खाते में बचे हुए पैसे का ध्यान रखें- जब भी आप अपना बैंक खाता बंद करवाने जाएं, तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि खाते में कोई भी राशि शेष न हो। कई बार लोग खाते में कुछ राशि छोड़ देते हैं और सोचते हैं कि खाता बंद होने पर वह पैसा वापस मिल जाएगा। लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। अगर आपने खाता बंद करवाने से पहले पैसा नहीं निकाला या किसी और खाते में ट्रांसफर नहीं किया, तो बैंक उस राशि को खाते पर लगने वाले चार्ज या अन्य शुल्क में काट सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपके खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं है, तो बैंक उस पर पेनल्टी लगा सकता है और आपकी राशि उसी में चली जाएगी। खाता बंद करवाने से पहले बैलेंस चेक करें। यदि राशि शेष हो, तो उसे निकाले या किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर करें। खाता बंद करने के लिए आवेदन तभी करें जब बैलेंस ज़ीरो हो।
ऑटो-डेबिट और ऑटो-पेमेंट को बंद करें- आजकल बहुत से लोग अपने बैंक खाते से बिजली, मोबाइल, ईएमआई, ओटीटी जैसी सेवाओं के भुगतान के लिए ऑटो-डेबिट सुविधा का उपयोग करते हैं। अगर आप खाता बंद करवाते समय इन्हें बंद करना भूल जाते हैं, तो ये सेवाएं चालू रहेंगी और बैंक खाता बंद होने के बाद भुगतान न हो पाने के कारण पेनल्टी लग सकती है। यह समस्या तब और बढ़ जाती है जब संबंधित सेवा प्रदाता (जैसे कि मोबाइल कंपनी या लोन कंपनी) भुगतान न होने की स्थिति में आपके खिलाफ कार्रवाई करता है। खाता बंद करवाने से पहले सभी ऑटो-डेबिट और स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शंस को बंद करें। नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप या बैंक ब्रांच के माध्यम से इन सेवाओं को हटवाएं। सुनिश्चित करें कि आपके किसी भी पेमेंट का लिंक उस बंद होने वाले खाते से नहीं है।
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खाता बंद होने की पुष्टि अवश्य लें- खाता बंद करवाने के बाद यह बहुत जरूरी है कि आप बैंक से इसकी पुष्टि किसी लिखित रूप में प्राप्त करें। अक्सर लोग फॉर्म भरने के बाद यह मान लेते हैं कि खाता बंद हो गया है, लेकिन बाद में पता चलता है कि खाता अभी भी एक्टिव है और उस पर चार्जेस लग रहे हैं। अगर आपने बैंक से कोई पुष्टि नहीं ली और भविष्य में कोई विवाद खड़ा होता है, तो आपके पास कोई प्रमाण नहीं होगा कि आपने खाता बंद करवाया था।
क्या करें– खाता बंद करने के लिए बैंक में एक निर्धारित फॉर्म भरना होता है, उसे भरें और जमा करें। उसके बाद बैंक से स्लिप या ईमेल के माध्यम से खाता बंद होने की पुष्टि जरूर लें। अगर आप नेट बैंकिंग या डिजिटल ऐप का उपयोग करते हैं, तो उससे भी लॉगआउट करें और ऐप को अनइंस्टॉल कर दें। आज के दौर में बैंकिंग अधिकतर डिजिटल हो गई है। ऐसे में खाता बंद करते समय यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि आपकी निजी जानकारी जैसे कि यूज़र आईडी, पासवर्ड, ओटीपी एक्सेस आदि सुरक्षित हों। खाता बंद हो जाने के बाद भी आपके पुराने लॉगिन डेटा से किसी को खाता एक्सेस न मिले, इसका ध्यान रखें।

















