बढ़ते अपराधों के चलते पंजाब में गैंगस्टर राज स्थापित होने के लक्ष्ण दिखाई देने लगे हैं। आए दिन गोलीबारी, लूट, चोरी और हत्या के मामले सामने आते रहते है। ऐसा ही एक मामला सामने आ रहा है। पंजाब में दिन दहाड़े एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
गुरदासपुर में किराना स्टोर मालिक की हत्या
जिला गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में अज्ञात मोटरसाइकिल सवार युवकों ने किराना स्टोर के मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में हडक़ंप मच गया है। वहीं मृतक की पहचान रवि ढिल्लों के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रवि जब अपने घर के गेट के बाहर पहुंचे और कार से उतरने वाले थे, तभी गुरुद्वारा चौला साहिब की ओर से आए बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस हमले में रवि गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद उनको अस्पताल ले जाया गया यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
फिरौती कॉल और सुरक्षा में लापरवाही
मिली जानकारी के अनुसार रवि को करीब 1 महीना पहले फिरौती की कॉल भी आई थी। पुलिस ने उसे दो सुरक्षा कर्मी भी दिए थे लेकिन हादसे के समय दोनों सुरक्षा कर्मी उसके साथ नहीं थे।
डेरा बाबा नानक में आक्रोश और बाजार बंद
रवि ढिल्लों की हत्या ने ऐतिहासिक कस्बे डेरा बाबा नानक को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद कस्बे के बाजार पूरी तरह बंद रहे। व्यापारी, दुकानदार और आम नागरिकों ने भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए अलग-अलग पार्टियों के नेताओं के साथ मिलकर पुलिस थाने के बाहर ज़बरदस्त धरना-प्रदर्शन किया और सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर असफल होने के आरोप लगाए।
व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
व्यापारी वर्ग का कहना है कि अब उन्हें अपने कारोबार और जीवन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। कुछ व्यापारियों ने तो यहां तक कहा कि हालात ऐसे हैं कि उन्हें कस्बा छोडक़र किसी और शहर में जाना पड़ सकता है।
पुलिस प्रशासन पर आरोप और कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि रवि ढिल्लों को सुरक्षा के लिए दो गनमैन उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन बीते दिन अचानक उन्हें किसी अन्य कार्य के लिए वापस बुला लिया गया। उसी दौरान हमलावरों ने मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दे दिया। प्रदर्शनकारियों ने डेरा बाबा नानक के एसएचओ पर भी कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि धमकियों की जानकारी दिए जाने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। यह न केवल घोर लापरवाही है बल्कि जान के साथ खिलवाड़ के बराबर है।

















