नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वार के बीच रूस का बयान सामने आया है। एक वरिष्ठ राजनयिक का कहना है कि रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए भारत पर अमेरिका का दबाव अनुचित है। यह बात रूसी मिशन के उप प्रमुख रोमन बाबुश्किन ने कही है। उन्होंने कहा, ‘हमें विश्वास है कि बाहरी दबाव के बावजूद भारत-रूस ऊर्जा सहयोग जारी रहेगा। हमें नई दिल्ली के साथ अपने संबंधों पर भरोसा है।’ उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल के बीच स्थिरता लाने वाली ताकत के रूप में ब्रिक्स की भूमिका बढ़ेगी।
ट्रंप को ध्यान रखना चाहिए- दोस्त कभी पाबंदियां नहीं लगाते
रोमन बाबुश्किन ने कहा कि अमेरिका ने अर्थव्यवस्था को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि दोस्त कभी पाबंदियां नहीं लगाते हैं। खासकर रूस कभी भारत पर ऐसी पाबंदियां नहीं लगाएगा। बाबुश्किन का कहना है कि भारत और रूस हमेशा कठिन समय में भी सहयोगी बने रहे हैं। हम भारत को कच्चे तेल की सप्लाई जारी रखेंगे और इसके लिए मेकेनिज्म भी तैयार कर रखा है।

रोमन बाबुश्किन भारत में स्थित रूसी दूतावास के प्रभारी हैं। उन्होंने कहा कि अगर पश्चिमी देश आपकी आलोचना करते हैं तो इसका मतलब है कि आप सब कुछ सही कर रहे हैं। हमें इसकी उम्मीद नहीं है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करेगा। उन्होंने कहा, ‘हम भारत के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से परिचित हैं। यही वह सच्ची रणनीतिक साझेदारी है जिसका हम आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन की ओर से हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन के हालिया घटनाक्रम के बारे में जानकारी साझा करने और समझाने के लिए किए गए फोन कॉल का अर्थ है कि भारत रूस के लिए बहुत मायने रखता है। हम आपसी संतुष्टि के लिए कोई भी समाधान निकालने में सक्षम हैं। हमारी साझेदारी का गहरा होना हमें साथ मिलकर आगे बढ़ने में मदद करेगा।
गौरतलब है कि अमेरिका ने भारत पर रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था। उससे पहले ट्रंप भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगा चुके थे। इस तरह भारत पर अमेरिका द्वारा लगाया गया टैरिफ 50 फीसदी हो गया है जो कि 27 अगस्त से लागू हो जाएगा। भारत ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका की धमकी के आगे नहीं झुकेगा।

















