नई दिल्ली: विपक्ष ने अपना उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को बनाया है। वह सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उनके नाम की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एकमत होकर उनके नाम पर सहमति जताई है। इससे पहले विपक्ष के नेताओं ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर फैसला लेने और घोषणा के लिए 10 राजाजी मार्ग पर बैठक की थी। इसके बाद जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी के नाम की घोषणा हुई। वह 21 अगस्त को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है। वे आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में काम कर चुके हैं।
कौन हैं जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी?
जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश में हुआ था। वह कृषक परिवार से आते हैं। उन्होंने 1971 में उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से कानून की डिग्री प्राप्त की। 8 अगस्त, 1988 को वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी वकील के रूप में नियुक्त हुए और 8 जनवरी, 1990 तक इस पद पर बने रहे। 1993-94 में वे आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष चुने गए। 8 जनवरी 1993 को उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद के कानूनी सलाहकार और स्थायी वकील नियुक्त किए गए। 2 मई, 1995 से आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त किए गए। उन्हें 2005 में गौहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 2007 में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए। वे 2011 में सेवानिवृत्त हुए।
राजग के सीपी राधाकृष्णन से मुकाबला
पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा। सीपी राधाकृष्णन 16 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गये थे और चार दशक से राजनीति में सक्रिय हैं। वह 1974 में जनसंघ में स्टेट एक्जक्यूटिव कमेटी के मेंबर बने। 1996 में तमिलनाडु में बीजेपी के सचिव नियुक्त किये गये। 1998 में पहली बार कोयंबटूर से लोकसभा सासंद चुने गये। 1999 में फिर से कोयंबटूर सीट से सांसद चुने गये थे। वह साल 2004 से लेकर 2007 तक तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष रहे। 2020 से 2022 तक वह केरल भाजपा के ऑल इंडिया प्रभारी रहे। वह दो बार कोयंबटूर सीट से सांसद भी रहे हैं। उन्हें साल 2024 में महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया था। इससे पहले वह झारखंड के राज्यपाल भी रह चुके हैं।

















