भविष्य के भारत का इंद्रधनुष
September 19, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

PM मोदी के भाषण में संघ के 100 वर्ष पूरे होने का उल्लेख ऐतिहासिक

15 अगस्त, 2025 का यह भाषण एक परंपरागत औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाले दो दशकों के लिए राष्ट्रीय कार्य-सूची है। इसमें सुरक्षा से लेकर सामाजिक संतुलन, तकनीकी आत्मनिर्भरता से लेकर सांस्कृतिक जागरण और आर्थिक सशक्तिकरण से लेकर प्रशासनिक सुधार तक, सब कुछ एक ही सूत्र में पिरोया गया है।

Written byहितेश शंकरहितेश शंकर
Aug 18, 2025, 11:13 am IST
inभारत, सम्पादकीय, संघ @100
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण इस बार केवल एक परंपरागत राष्ट्रीय संदेश नहीं था, बल्कि इसमें भविष्य के भारत का सप्तरंगी इंद्रधनुषी खाका था। इसमें संकल्प भी थे, सपनों का आकाश भी, समृद्धि की रूपरेखा भी और सुरक्षा की ठोस गारंटी भी। इसमें समय-सीमाओं की स्पष्टता थी, शासन के साथ सरोकार का भाव था और सबसे गहरे स्तर पर स्वदेशी का मंत्र था। वही स्वदेशी, जिसे महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम का प्राण बनाया था और जिसे आज ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्थानीय को प्राथमिकता’ के रूप में नए युग का विस्तार दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य की नींव राष्ट्रीय सुरक्षा पर रखी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’, ‘परमाणु धमकी अस्वीकार्य’ और सिंधु जल संधि पर सख्त रुख केवल तत्कालीन चुनौतियों का उत्तर नहीं हैं, बल्कि यह संकेत हैं कि आने वाले वर्षों में भारत अपने हितों की रक्षा के लिए निर्णायक और आत्मविश्वासी रहेगा। वर्ष 2035 तक देशव्यापी सुरक्षा-कवच का विस्तार और ‘सुदर्शन चक्र अभियान’ जैसी योजनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि रक्षा केवल सीमाओं पर तैनात जवान की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक, हर नगर, हर महत्वपूर्ण ढांचे के चारों ओर अदृश्य कवच की स्थापना का राष्ट्रीय संकल्प है।

लेकिन सुरक्षा केवल बाहरी खतरों के विरुद्ध ढाल नहीं होती; यह समाज के भीतर संतुलन से भी बनती है। भाषण में महिलाओं और जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता थी, किंतु साथ ही जनसंख्या असंतुलन के मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनांकिकी यानी आबादी की बनावट पर मिशन-स्तर पर काम होगा। इससे देश के वास्तविक नागरिकों-युवाओं की ऊर्जा और कौशल को देश के विकास में लगाने पर ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा और राष्ट्रीय संसाधनों का पूरा लाभ समाज को मिलेगा।

घुसपैठियों द्वारा देश के संसाधनों और अधिकारों पर कब्जा करने की प्रवृत्ति पर कड़ा संदेश बताता है कि आर्थिक दृष्टि से उत्पादक उम्र की आबादी का पूरा उपयोग कर रोजगार और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बढ़ाने के लिए भारत संकल्पित हो रहा है। सामाजिक रूप से योजनाओं का लाभ सही हकदारों तक पहुंचाना, जनकल्याण की योजनाओं को पारदर्शी और लक्षित बनाना, साथ ही रणनीतिक स्तर पर सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने का संकेत बताता है कि भारत अब आंतरिक सुरक्षा और जनसंख्या नीति के बीच तालमेल बैठाने के चिर प्रतीक्षित, परंतु अकारण उपेक्षित मुद्दे पर दृढ़ता से काम करेगा। यह संदेश साफ है कि जनांकिकी को संभालना देश की सुरक्षा और विकास, दोनों के लिए अहम है।

भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने का उल्लेख अपने आप में ऐतिहासिक था। यह केवल संगठन की तिथि का जिक्र नहीं, बल्कि उस सामाजिक-सांस्कृतिक धारा की स्वीकृति थी, जिसने गांधीजी के बाद स्वदेशी की अलख को सबसे व्यापक और संगठित रूप में जगाया। आपदा राहत, शिक्षा, ग्राम विकास और सांस्कृतिक जागरण तक, संघ का योगदान एक सदी में राष्ट्र-निर्माण की मौन परंतु प्रभावशाली धारा रहा है। इस मान्यता का संदेश स्पष्ट है-राष्ट्र-निर्माण में राजनीति से परे भी ऐसे स्तंभ हैं, जो देश की आत्मा को गढ़ते हैं।

 

यह भाषण पिछले दशक के अन्य परिवर्तनकारी क्षणों की श्रेणी में आता है। साल 2014 में स्वच्छ भारत का आह्वान, जिसने स्वच्छता को जन-अभियान बना दिया। 2019 में जल जीवन मिशन, जिसने ग्रामीण भारत के घर-घर में नल-जल पहुंचाने का संकल्प लिया और 2020 में राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य अभियान, जिसने स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल एकीकरण की नींव रखी। 2025 में इन सबके बीच प्रधानमंत्री ने बहु-पक्षीय कार्यक्रम रखा-राष्ट्रीय सुरक्षा की नई परिभाषा, महत्वपूर्ण तकनीकों में आत्मनिर्भरता, समयबद्ध लक्ष्यों के साथ देशी चिप निर्माण, परमाणु ऊर्जा में निजी भागीदारी और ‘सुदर्शन चक्र अभियान’। यह केवल घोषणाओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक संगठित कार्य-योजना है।

भाषण का भावनात्मक शिखर वह था, जब प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के लिए सामूहिक परिश्रम का आह्वान किया। यह आह्वान केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय भावना का निर्माण है जहां किसान, वैज्ञानिक, श्रमिक, उद्यमी और विद्यार्थी, सभी अपने-अपने क्षेत्र में श्रेष्ठतम योगदान दें। उन्होंने उपनिवेशी मानसिकता और पुराने, अप्रासंगिक कानूनों से मुक्ति को मानसिक स्वतंत्रता का हिस्सा बताया और साथ ही हमारी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आग्रह किया।

‘विविधता का उत्सव’ उनके शब्दों में एकता का मंत्र बनकर उभरा-राजनीतिक मतभेदों और भाषाई-सांस्कृतिक भिन्नताओं को राष्ट्रहित की छतरी में लाने का आग्रह। अंत में उन्होंने युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को अग्रिम पंक्ति में आकर राष्ट्र-निर्माण का दायित्व उठाने के लिए बुलाया।

15 अगस्त, 2025 का यह भाषण एक परंपरागत औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाले दो दशकों के लिए राष्ट्रीय कार्य-सूची है। इसमें सुरक्षा से लेकर सामाजिक संतुलन, तकनीकी आत्मनिर्भरता से लेकर सांस्कृतिक जागरण और आर्थिक सशक्तिकरण से लेकर प्रशासनिक सुधार तक, सब कुछ एक ही सूत्र में पिरोया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह भविष्य का भारत केवल कल्पना में नहीं, बल्कि ठोस समय-सीमाओं, लक्ष्यों और स्वदेशी की गहरी जड़ों में दिखाई देता है। यही कारण है कि यह भाषण ऐतिहासिक भी है और प्रेरणादायक भी, क्योंकि इसमें दृष्टि है, दिशा है और उस दिशा तक पहुंचाने का ठोस मार्ग भी।

X@hiteshshankar

Topics: 2025Future Indiaराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघIndia's RainbowRashtriya Swayamsevak SanghNuclear Threat Unacceptableहितेश शंकरSudarshan Chakra CampaignRed Fortभारत का इंद्रधनुषलाल किलापरमाणु धमकी अस्वीकार्यNarendra Modi15 augustपाञ्चजन्य विशेषभविष्य का भारतOperation Sindoor
हितेश शंकर
हितेश शंकर
हितेश शंकर पत्रकारिता का जाना-पहचाना नाम, वर्तमान में पाञ्चजन्य के सम्पादक [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

अवैध घुसपैठियों पर कसता शिकंजा

जम्मू में जनसंख्या असंतुलन – घुसपैठियों के नेक्सस पर प्रहार, जानें कैसे काम करता है पूरा गिरोह

दो दिन दिल्ली में दुनिया

यूपीआई : डिजिटल भुगतान पर पूरा ज्ञान

स्वरा भास्कर

राम मंदिर पर आए निर्णय पर स्वरा भास्कर शर्मिंदा क्यों?

चित्तौड़ विजय के 700 वर्ष : तुगलक को कैद करने वाले हम्मीर की गाैरव-गाथा

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा : आस्था और भक्ति की जीवंत अभिव्यक्ति

Load More

ताज़ा समाचार

EPFO

PF से अचानक पैसों की जरूरत पड़े तो ऐसे निकाल सकते हैं एडवांस, जानिए 5 बड़े कारण

अनीश ने अपनाया सनातन धर्म

Ghar Wapsi News: बचपन से भगवान गणेश में आस्था, अब महादेवगढ़ मंदिर में अनीश ने अपनाया सनातन धर्म

(AI generated image)

PM Kisan 24th Installment: इस तारीख के बीच आ सकते हैं 2,000 रुपये

MP Weather Today

MP Weather Update: MP के इन जिलों में आज भारी बारिश के आसार, बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी चेतावनी

अलाउद्दीन ने अपनाया सनातन धर्म

Ghar Wapsi: अलाउद्दीन ने अपनाया सनातन धर्म, जनेऊ धारण कर बने अखिलेश

Today Weather

Weather Update: 20 राज्यों में फिर बिगड़ेगा मौसम; 75 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बारिश का अलर्ट

श्रीजी राधारानी

राधा अष्टमी : भक्ति, प्रेम और समर्पण का दिव्य सार हैं राधा

आज का श्लोक : यथात्मनस्तथान्यस्य रहस्यं न प्रकाशयेत्

आज का राशिफल

19 सितंबर राशिफल: आज इन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते, जानें मेष से मीन तक कैसा रहेगा दिन?

सरस्वती शिशु मंदिर योजना : 75 वर्ष पूरे होने पर देशभर में मनेगा अमृत महोत्सव, जानिए कब और कैसे हुई थी शुरुआत?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies