जलपाईगुड़ी। जिले के राजगंज ब्लॉक के चेकरमारी गांव में लेप्टोस्पाइरा (रैट फीवर) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक 73 लोग इस बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से 23 नाबालिग हैं।
मंगलवार को गांव से 67 और लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भेजे गए थे। रिपोर्ट में 58 और लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई, जिससे कुल संक्रमितों की संख्या 73 तक पहुंच गई है। इसके अलावा, दो लोग स्क्रब टाइफस से भी संक्रमित पाए गए हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि गांव की एक हैचरी से मुर्गियों के मल के जमा होने के कारण चूहों की संख्या बढ़ गई है, जिससे यह बीमारी फैल रही है। इस बीमारी से प्रभावित लोगों में बुखार और पैरों में तेज दर्द जैसे लक्षण दिख रहे हैं।
क्या है रैट फीवर?
यह एक जीवाणु संक्रमण है जो लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह अक्सर संक्रमित जानवरों (विशेषकर चूहों) के मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से फैलता है।
लक्षण:
तेज बुखार, सिरदर्द
मांसपेशियों में दर्द,
उल्टी और पीलिया
गंभीर मामलों में, यह गुर्दे और यकृत को भी प्रभावित कर सकता है।
रोकथाम:
इस बीमारी से बचने के लिए, संक्रमित जानवरों के संपर्क से बचें, खासकर दूषित पानी में तैरने से। घर के आसपास साफ-सफाई रखें और चूहों से बचाव करें। इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। जल्द पता चलने पर इसका इलाज संभव है।











