‘सुशासन संवाद : ओडिशा की उड़ान’ कार्यक्रम के ‘अतीत और भविष्य सत्र’ में वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा ने ओडिशा की उप मुख्यमंत्री प्रभाती परीडा से बातचीत की। प्रस्तुत हैं वार्ता के प्रमुख अंश—
राज्य की पहली महिला उप मुख्यमंत्री बनने पर क्या कहेंगी?
मैं जिस पार्टी से आती हूं और जिस विचारधारा को लेकर आगे बढ़ी हूं, उसको चलाने वाले लोग बड़े पारखी हैं। वे कार्यकर्ताओं को पहचान लेते हैं। वकालत करते-करते मैं समाज कल्याण बोर्ड की सदस्य बनी। इस दौरान मैंने पार्टी के कई दायित्व निभाए। महिला मोर्चा की अध्यक्ष रही, फिर उपाध्यक्ष का दायित्व निभाया। मेरे पास कई जिलों का प्रभार भी रहा। मुझे पहली बार विधायक बनने का अवसर मिला और उप मुख्यमंत्री भी बन गई। जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी दी, मैं उन सभी की आभारी हूं। यह ओडिशा की महिलाओं के लिए गर्व का विषय है।
ओडिशा में समुद्र तट है, वन है, मंदिर हैं। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए सरकार क्या सोच रखती है!
शायद पिछली सरकार ओडिशा के पर्यटन को उद्योग नहीं मानती थी। हम जानते हैं कि भारतवर्ष आध्यात्मिक और घरेलू पर्यटन में आगे है। हमारे पास तो प्रभु जगन्नाथ का क्षेत्र है। उससे 30 किलोमीटर की दूरी पर एक कोणार्क मंदिर है। इस वर्ष अब तक कोणार्क में 65 लाख लोगों का आगमन हुआ है। इसके अलावा प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा में केवल 9 दिन में करीब 50 लाख लोग आते हैं। यानी ओडिशा में तो 35-40 लाख तक घरेलू पर्यटक ही आते हैं। ओडिशा में विरासत और विश्वास है। हमारे पास ‘ट्राइबल टूरिज्म’ भी है। हमने ‘इको टूरिज्म’ को ‘टूरिज्म’ की शाखा बनाया है। इसके साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नई योजना शुरू की गई है। पर्यटकों में तो 80 फीसदी महिलाएं होती हैं। इन सबको देखते हुए हम ‘टूरिस्ट फ्रेंडली पुलिस’ बल भी बनाने जा रहे हैं।
धार्मिक पर्यटन और पर्यटन में सामंजस्य कैसे बैठाएंगे?
हम लोग विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। राज्य में जो भी धरोहर हैं, उन्हें विकसित करने की योजना है। उदयगिरि में किंग खारवेल है, उसे भी आगे ले जा रहे हैं। हमारे रेत के सागरतट की जो सुंदरता है, उसे भी देखने के लिए लोग आते हैं। बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमी आते हैं। सिर्फ तीन माह में लगभग 15 लाख पक्षी प्रेमी आए हैं। हमारी कोशिश है पक्षियों का एक म्यूजियम बनाने की, ताकि उसके माध्यम से पक्षी प्रेमियों को राज्य की ओर आकर्षित किया जा सके। हम हॉट एयर बैलून की व्यवस्था करने जा रहे हैं, हेली टूर भी शुरू करने की तैयारी है। भगवान जगन्नाथ की कृपा रही तो सतकोसिया बाघ अभयारण्य के साथ-साथ देवरीगढ़ और सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान को भी पर्यटन के नजरिए से और विकसित किया जाएगा।
डबल इंजन की सरकार को आप किस प्रकार से देखती हैं?
डबल इंजन की सरकार में विकास की गति चार गुना हो जाती है। इसके साथ ही सरकार चलाने वालों पर इसका जबर्दस्त दबाव रहता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि लोगों की अपेक्षाएं अधिक हो जाती हैं। इसलिए हम कोशिश कर रहे हैं कि इंजन ही नहीं, बोगियां भी मजबूत हों। हमारी कोशिश है लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरें।
आपकी सरकार महिलाओं के विकास को लेकर क्या कर रही है?
हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए ‘सुभद्रा योजना’ शुरू की है। इससे महिलाएं सशक्त हो रही हैंं। पहले की सरकारें ‘कालिया’ और ‘बलिया’ के नाम पर योजनाएं चलाती थीं। शायद उन्होंने ‘सुभद्रा’ को हमारे लिए ही छोड़ दिया था।


















