भुवनेश्वर। माओवादियों द्वारा मनाए जा रहे ‘शहीद सप्ताह’ (28 जुलाई से 3 अगस्त) के अंतिम दिन रविवार को एक विध्वंसक घटना में संदिग्ध नक्सलियों ने ओडिशा-झारखंड सीमा पर रेलवे ट्रैक को विस्फोट कर उड़ा दिया। यह घटना झारखंड के करमपाड़ा और ओडिशा के रेंजेडा स्टेशन के बीच सरंडा वन क्षेत्र में हुई, जिससे इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट बिमलगढ़ रेलवे सेक्शन के अंतर्गत तड़के हुआ, जिससे रेलवे ट्रैक को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि, घटना के समय ट्रैक पर कोई ट्रेन नहीं थी, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। यह इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है और माओवादियों की सक्रियता के लिए जाना जाता है।
घटना के बाद प्रभावित खंड पर रेल संचालन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। उधर ओडिशा पुलिस, झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ और झारखंड जैगुआर्स की संयुक्त टीमों ने सरंडा वन क्षेत्र में व्यापक सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है। रेलवे ट्रैक पर अन्य संभावित विस्फोटकों की जांच के लिए बम निरोधक दस्तों को भी तैनात किया गया है।
करमपाड़ा (झारखंड) और रेंजेडा (ओडिशा) स्टेशन दोनों ही सीमा क्षेत्र में स्थित हैं और माओवादियों के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। यह हमला उस समय हुआ है जब बीते सप्ताह ओडिशा के मलकानगिरी, रायगड़ा सहित तेलंगाना और झारखंड के कई इलाकों में माओवादी पोस्टर और बैनर देखने को मिले थे।
‘शहीद सप्ताह’ के मद्देनजर पहले से ही मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा और कंधमाल जैसे सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया था। करमपाड़ा के निकट हुआ यह विस्फोट इस सप्ताह के दौरान माओवादियों द्वारा की गई सबसे बड़ी हिंसात्मक घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

















