भुवनेश्वर । ओडिशा में गौवंश तस्करी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अब तस्कर एक नया तरीका अपनाकर देर रात स्थानीय सड़कों से खुलेआम गायों को चुराकर ले जा रहे हैं। तस्कर सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी बोर्ड लगाकर अपनी गाड़ियों को वैध दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पुलिस या आम जनता को शक न हो।
केंदुझर जिले से सामने आया मामला
ऐसा ही एक मामला ओडिशा के केंदुझर जिले के बोलानी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां पुलिस ने एक बोलेरो वाहन से दो गौवंशों की बरामदगी की। इनमें से एक गाय की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल थी।
घटना का विस्तृत विवरण
पुलिस के अनुसार, यह क्षेत्र खदानों और भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण अक्सर जाम से ग्रस्त रहता है। बोलानी पुलिस रात गश्त के दौरान माटकामबेडा औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद थी, जहां एक फैक्ट्री के गेट के पास लंबा जाम लगा हुआ था। इसी दौरान पुलिस की नजर एक बोलेरो वाहन पर पड़ी, जिसके चालक और उसमें सवार लोग पुलिस की गाड़ी देखकर भागने की कोशिश करने लगे।
पुलिस को शक हुआ और तत्काल वाहन की जांच की गई। वाहन के भीतर दो गायें पाई गईं, जिनमें से एक की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। घायल गाय को मौके पर ही पशु चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में इलाज के लिए भेजा गया, जबकि मृत गाय को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
फर्जी बोर्ड के सहारे तस्करी
इस बोलेरो में वित्त विभाग का बोर्ड लगाया गया था और शीशे पर “जय शंकर” नाम लिखा हुआ था, जिससे यह जताने की कोशिश की गई कि वाहन किसी सरकारी कार्य में लगा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तस्करों द्वारा इस तरह की चालाकी से गायों की चोरी और तस्करी को अंजाम देने की आशंका है। वाहन के दस्तावेजों की जांच की जा रही है और मालिक की पहचान कर उससे पूछताछ की जाएगी, ताकि इस रैकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रात गश्त और चेकिंग को और मजबूत किया जाए। गौरतलब है कि हाल के दिनों में ओडिशा-झारखंड सीमा पर गौतस्करी के मामले बढ़े हैं, जिनमें अधिकतर बार वाहनों में गैरकानूनी तरीके से गौवंश को एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
बोलानी पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक अकेली घटना नहीं, बल्कि संगठित तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जिसकी परतें धीरे-धीरे खोली जाएंगी।











