Malegaon Blast Verdict: मालेगांव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा समेत सातों आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। इसके बाद से भाजपा ने हिंदू आतंकवाद शब्द गढ़ने वाली कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। बीजेपी ने पूछा है कि साध्वी प्रज्ञा के वो 17 साल कौन लौटाएगा? क्या हिंदू आतंकवाद शब्द को गढ़ने वाली कांग्रेस 100 करोड़ हिंदुओं को इसका जवाब देगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि हिंदू न कभी आतंकवादी था, न है और न होगा।
वहीं, भोपाल की पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Sadhvi Pragya acquitted in Malegaon blast case) ने कहा कि वह जीवत हैं क्योंकि वह संन्यासी हैं। एनआईए कोर्ट में सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Malegaon Blast Verdict) ने कहा “मैंने शुरू से ही कहा है कि जिन लोगों को जांच के लिए बुलाया जाता है, उसके पीछे कोई आधार होना चाहिए। मुझे जांच के लिए बुलाया गया और गिरफ्तार कर प्रताड़ित किया गया। इससे मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया।
‘मैं साधु का जीवन जी रही थी मुझे फंसा दिया गया’
साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘मैं एक साधु का जीवन जी रही थी लेकिन मुझे फंसा दिया गया। कोई भी हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ। मैं जीवित हूं, क्योंकि मैं एक संन्यासी हूं। एक षड्यंत्र के तहत भगवा को बदनाम किया गया। आज भगवा और हिंदुत्व की जीत हुई है। जो लोग दोषी हैं, उन्हें भगवान सजा देंगे।

वहीं, इस फैसले के बाद बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस और दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और दिग्विजय सिंह ने इस्लामिक आतंकवाद पर पर्दा डालने के लिए जानबूझ कर हिंदू आतंकवाद शब्द को गढ़ा था। हिंदू कभी न आतंकवादी था और न होगा। इस फैसले के बाद दिग्विजय सिंह समेत पूरी कांग्रेस को हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए।
भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ने वाली कांग्रेस को मांगनी होगी माफी
वहीं, इस फैसले के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए भाजपा सांसद रवि किशन ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमें समझ नहीं आ रहा कि खुश हों या दुखी। मेरी बहन साध्वी प्रज्ञा संसद में मेरे बगल में बैठती थीं। उनका पूरा शरीर लकवाग्रस्त है। झूठे आरोपों का सामना करने वाले आरोपियों और उनके परिवारों पर क्या बीती होगी… वो 17 साल कौन लौटाएगा? भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ने वाली कांग्रेस को जवाब देना होगा। वे सभी जवाबदेह हैं… उन्हें 100 करोड़ हिंदुओं को जवाब देना होगा कि किस सबूत के साथ उन्होंने भगवा आतंकवाद की बात शुरू की… इस नैरेटिव के पीछे मास्टरमाइंड कौन था?

सितंबर 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में गुरुवार को मुंबई की एक विशेष अदालत ने पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। इस विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और 101 अन्य घायल हुए थे। एनआईए के मामलों की सुनवाई के लिए नियुक्त विशेष न्यायाधीश एके लाहोटी ने अभियोजन पक्ष के मामले और की गई जांच में कई खामियां बताईं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को संदेह का लाभ मिलना चाहिए। विस्फोट के सभी छह पीड़ितों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और सभी घायलों को 50,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल पर बंधे विस्फोटक उपकरण में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई थी। धमाके में 100 से अधिक घायल हुए थे। इस घटना के बाद कांग्रेस ने भगवा आतंकवाद का झूठा नेरेशन गढ़ा था।

















