नई दिल्ली । मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा- ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान जिस प्रकार से देश के लोगों ने मेरा साथ दिया, मुझे आशीर्वाद दिया, देश की जनता का मुझ पर कर्ज है। मैं देशवासियों का आभार व्यक्त करता हूं, मैं देशवासियों का अभिनंदन करता हूं।
पहलगाम हमले को बताया क्रूरता की पराकाष्ठा
उन्होंने कहा- 22 अप्रैल को पहलगाम में जिस प्रकार की क्रूर घटना घटी, जिस प्रकार आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों से धर्म पूछकर गोलियां चलाईं, यह क्रूरता की पराकाष्ठा थी। यह भारत को हिंसा की आग में झोंकने का एक सुविचारित प्रयास था, भारत में दंगे फैलाने की साजिश थी। मैं आज देशवासियों का धन्यवाद करता हूं कि देश ने एकता के साथ उस साजिश को नाकाम कर दिया।
आतंकियों और उनके आकाओं को मिली सजा
22 अप्रैल के बाद मैंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यह हमारा संकल्प है कि हम आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे। सजा उनके आकाओं को भी मिलेगी… और ऐसी सजा मिलेगी जो कल्पना से भी बड़ी होगी। 22 अप्रैल को मैं विदेश में था। वहां से लौटने के तुरंत बाद मैंने एक बैठक बुलाई। उस बैठक में मैंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आतंकवाद को करारा जवाब देना होगा, और यह हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। सेना को कार्रवाई की खुली छूट दी गई। हमें गर्व है, आतंकियों को वो सजा दी कि आज भी आतंक के उन आकाओं की नींद उड़ी हुई है।
22 मिनट में लिया गया बदला
भारत ने 6 मई रात को जैसा तय किया था, वैसी कार्रवाई की और पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया। 22 मिनट में, 22 अप्रैल का बदला निर्धारित लक्ष्य के साथ हमारी सेना ने ले लिया।
न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग के खिलाफ भारत का संदेश
पीएम मोदी ने कहा- भारत ने सिद्ध कर दिया है कि न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग अब नहीं चलेगी, और न ही न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग के सामने भारत झुकेगा। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की आत्मनिर्भर ताकत को पहचाना। ‘मेक इन इंडिया’ ड्रोन और मिसाइलों ने पाकिस्तान के हथियारों की पोल खोलकर रख दी।
आतंकियों के मास्टरमाइंड अब चैन से नहीं सोते
पीएम मोदी ने कहा- आतंक की घटनाएं पहले भी देश में होती थीं, लेकिन तब आतंकियों के मास्टरमाइंड निश्चिंत रहते थे और आगे की तैयारी में लगे होते थे… क्योंकि उन्हें पता था, कुछ नहीं होगा। लेकिन अब मास्टरमाइंड को नींद नहीं आती। उन्हें पता है कि अब भारत आएगा… और मारकर जाएगा। यह न्यू नॉर्मल भारत ने सेट कर दिया है। हमने सिंदूर से लेकर सिंधु तक, पाकिस्तान पर कार्रवाई की है।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन और कांग्रेस पर प्रहार
पीएम मोदी ने बताया – विदेश नीति को लेकर भी काफी बातें कही गईं। दुनिया के समर्थन को लेकर भी काफी बातें कही गईं। दुनिया में किसी भी देश ने भारत को अपनी सुरक्षा में कार्रवाई करने से रोका नहीं है। 193 देशों में से सिर्फ 3 देश ने पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिया था। QUAD हो या BRICS हो… दुनियाभर से भारत को समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि मेरे देश के वीरों के पराक्रम को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला।
कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप
पीएम मोदी ने कहा – 22 अप्रैल के आतंकी हमले के बाद 3—4 दिन में ही ये उछल रहे थे, और कहना शुरू किया कि कहां गई 56 इंच की छाती, मोदी तो खो गया… ये मजा ले रहे थे। पहलगाम के निर्दोष लोगों की हत्या में भी वो अपनी राजनीति तरास रहे थे।
झूठे प्रोपेगेंडा पर प्रतिक्रिया
पीएम मोदी ने कहा – 10 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत हो रहे एक्शन को रोकने की घोषणा की, इसे लेकर यहां भांति भांति की बातें की गईं। ये वहीं प्रोपेगेंडा है जो सीमा पार से यहां फैलाया गया है। कुछ लोग सेना द्वारा दिए गए तथ्यों की जगह पाकिस्तान के झूठे प्रचार को आगे बढ़ाने में जुटे हुए थे, जबकि भारत का रूख हमेशा स्पष्ट रहा था।
किसी भी देश ने भारत को ऑपरेशन रोकने को नहीं कहा
पीएम मोदी ने आगे कहा- दुनिया के किसी भी नेता ने भारत को ऑपरेशन रोकने के लिए नहीं कहा। 9 तरीख की रात को अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने मुझसे बात करने का प्रयास किया, वो घंटे भर कोशिश कर रहे थे लेकिन मेरी सेना के साथ बैठक चल रही थी, तो मैं उठा नहीं पाया, लेकिन बाद में मैंने कॉल बैक किया।
पाकिस्तान को मिली सख्त चेतावनी
फिर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जी ने मुझे बताया कि पाकिस्तान बहुत बड़ा हमला करने वाला है। इस पर मैंने कहा— अगर पाकिस्तान का ये इरादा है, तो उसे बहुत महंगा पड़ेगा। अगर पाकिस्तान हमला करेग तो हम बड़ा हमला कर जवाब देंगे। आगे मैंने कहा था, ‘हम गोली का जवाब गोले से देंंगे’।
9 मई की रात पाकिस्तान को मिला करारा जवाब
9 मई की रात और 10 मई की सुबह, हमने पाकिस्तान की सैन्य शक्ति को तहस-नहस कर दिया था। आज पाकिस्तान भी जान गया है कि भारत का हर जवाब पहले से ज्यादा तगड़ा होता है। उसे ये भी पता है कि भविष्य में नौबत आई तो भारत आगे कुछ भी कर सकता है। इसलिए मैं फिर से लोकतंत्र के इस मंदिर में दोहराना चाहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है। पाकिस्तान ने दुस्साहस की अगर कल्पना की तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।
कांग्रेस पर पाकिस्तान पर निर्भर रहने का आरोप
एक तरफ भारत ‘आत्मनिर्भरता’ की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, और दूसरी तरफ कांग्रेस अब भी मुद्दों के लिए पाकिस्तान पर निर्भर होती जा रही है। दुर्भाग्य से कांग्रेस को मुद्दे भी पाकिस्तान से ‘इम्पोर्ट’ करने पड़ रहे हैं!
अभिनंदन की वापसी का उल्लेख
जब पायलट अभिनंदन पकड़े गए, तो पाकिस्तान में खुशी का माहौल होना स्वाभाविक था, क्योंकि उनके हाथ भारतीय सेना का पायलट लगा था। लेकिन यहां पर भी कुछ लोग थे जो कानों-कान कह रहे थे — “अब मोदी फंसा, अब देखते हैं, मोदी क्या करता है।” डंके की चोट पर अभिनंदन वापस आया।
बीएसएफ जवान की वापसी पर प्रतिक्रिया
पहलगाम हमले के बाद जब हमारे बीएसएफ का एक जवान पाकिस्तान के कब्जे में गया, तो इन्हें लगा कि अब मोदी फंस जाएगा। अब तो मोदी की फजीहत जरूर होगी… और इनके इकोसिस्टम ने सोशल मीडिया पर तमाम कथाएं वायरल कीं — बीएसएफ जवान का क्या होगा, उसके परिवार का क्या होगा? बीएसएफ का वो जवान भी आन, बान और शान के साथ वापस आया।
सेना का विरोध कांग्रेस की पुरानी आदत
सेना का विरोध और सेना के प्रति नकारात्मकता — ये कांग्रेस का पुराना रवैया रहा है। अभी देश ने कारगिल विजय दिवस मनाया, लेकिन देश जानता है कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में और आज तक न तो कारगिल की विजय को अपनाया है, न ही कारगिल विजय दिवस मनाया है, और न ही कारगिल का गौरव किया है।
कांग्रेस पर पाकिस्तान के रिमोट कंट्रोल का आरोप
कांग्रेस का भरोसा पाकिस्तान के रिमोट कंट्रोल से बनता है… और बदलता भी है। कांग्रेस अपने नए सदस्य से कहलवाती है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तमाशा था। जिस भीषण आतंकी घटना में 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया — उस पर ये तेजाब छिड़कने वाला पाप है।
ऑपरेशन महादेव और आतंकियों का खात्मा
कल हमारे सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन ‘महादेव’ को अंजाम दिया और पहलगाम हमले के तीनों आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कल यहां पूछा गया कि आज ही क्यों हुआ, क्या ऑपरेशन के लिए सावन महीने का सोमवार ढूंढा गया था। पिछले कई सप्ताह से पूछा जा रहा था कि पहलगाम के आतंकियों का क्या हुआ और जब आतंकियों को मार गिराया गया तो कल ही क्यों हुआ… क्या हाल है इन लोगों का…
आत्मनिर्भरता पर मोदी का जोर
कांग्रेस के शासन के दौरान सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के संबंध में सोचा तक नहीं जाता था, आज भी आत्मनिर्भर शब्द का मजाक उड़ाया जाता है। हर रक्षा सौदे में कांग्रेस अपने मौके खोजती थी। हर छोटे छोटे हथियारों के लिए विदेशों पर निर्भरता, ये इनका कार्यकाल रहा है।

















