हाईलाइट्स
-लोकसभा में पाकिस्तान पर गरजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
-बोले कि दुष्ट के साथ उसी तरह से व्यवहार करना चाहिए
-हम अब आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और सशक्त कदम उठा रहे हैं
-पाक और आईएसआई आतंकवाद को टूल किट की तरह यूज कर रहा
नई दिल्ली: लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें भगवान कृष्ण से सीखना चाहिए कि धर्म की रक्षा के लिए अंत में सुदर्शन चक्र उठाना पड़ता है। दुष्ट के साथ उसी तरीके से व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने 2006 के संसद और 2008 के मुंबई हमले देखे हैं। हमने कहा कि अब काफी हो गया और सुदर्शन चक्र उठा लिया। हम अब आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और सशक्त कदम उठा रहे हैं।
अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटते
उन्होंने कहा कि भारत शांति चाहता है। लेकिन जो अशांति फैलाते हैं, उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने में भी हम पीछे नहीं हटेंगे। अगर हम शांति के लिए हाथ बढ़ाना जानते हैं तो अशांति फैलाने वालों के हाथ उखाड़ना भी जानते हैं। दुष्टों के साथ दुष्टता का ही व्यवहार करना चाहिए।
आतंकवाद के खिलाफ जारी है भारत की लड़ाई
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की लड़ाई अब सिर्फ सीमा पर ही नहीं, बल्कि वैचारिक स्तर पर भी आतंकवाद के खिलाफ जारी है। प्रधानमंत्री ने इस उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह समिति दुनिया भर के मंचों पर जाकर भारत की बात रख रही है और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन को मजबूत कर रही है।
उन्होंने भारत के आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख और ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी विश्वभर में फैलाने में मदद करने वालों का भी धन्यवाद दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सत्ता में थे, तब भारत-पाकिस्तान के बीच कम्पोजिट डायलॉग का नियम था कि पाक अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंक फैलाने के लिए नहीं करेगा। पाकिस्तान ने इसे स्वीकार भी किया था। लेकिन 2009 में, तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने शर्म-अल-शेख में एक बड़ी गलती की जब इस डायलॉग से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अलग कर दिया गया। इससे भारत की रणनीतिक स्थिति कमजोर हुई।
आतंकवाद को टूलकिट की तरह इस्तेमाल कर रहा है पाक
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद कोई पागलपन नहीं है, बल्कि सोची-समझी साजिश और नीति का हिस्सा है। यह आतंकवाद नहीं, बल्कि एक टूलकिट है जिसे पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियां राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करती हैं। यह सोच पूरी दुनिया के सभ्य नियमों के खिलाफ है और इसमें सहिष्णुता की कोई जगह नहीं है। पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो दोहरे मापदंड और झूठ पर आधारित है। अब वह एक फेल्ड स्टेट की तरह नजर आ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का हमारा संकल्प अडिग है।
उन्होंने कहा कि भारत का पाकिस्तान के साथ कोई सीमाई विवाद नहीं है। यह सभ्यता बनाम बर्बरता का संघर्ष है। पाकिस्तान के हुक्मरान जानते हैं कि वे भारत से सीधे युद्ध में नहीं जीत सकते। यही वजह है कि वे आतंकवाद को पाला-पोसा करते हैं। उसका प्रशिक्षण देते हैं, और फिर खुद को निर्दोष दिखाते हैं।

















