tcs layoffs: सोमवार को शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिसकी अगुवाई आईटी सेक्टर ने की। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़ी एक खबर रही। दरअसल, TCS ने अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 2 फीसदी की कटौती करने का फैसला लिया है। इस खबर के सामने आने के बाद निवेशकों का भरोसा अचानक से डगमगा गया और टीसीएस के अलावा आईटी के कई अन्य शेयरों में तेज गिरावट देखी गई।
TCS की इस घोषणा के असर से अन्य आईटी कंपनियों के शेयर भी दबाव में आ गए और बाजार का समग्र मूड बिगड़ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस छंटनी का सीधा संकेत आईटी सेक्टर में बदलते वैश्विक हालात और लागत नियंत्रण की रणनीति से जुड़ा हो सकता है। बाजार के जानकार अब निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं, खासकर तकनीकी शेयरों में। सोमवार दोपहर 1:30 बजे शेयर बाजार में गिरावट का रुख बना रहा, जिसमें सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर में देखने को मिला।
शेयरों के गिरावट के पीछे छंटनी की वजह
सोमवार को देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS के शेयर 1.16% टूटकर 3980 रुपये पर पहुंच गए। वहीं, HCL टेक के शेयर 1.15% गिरकर 1472 रुपये और Wipro के शेयर 3.61% लुढ़ककर 250 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। मिडकैप आईटी स्टॉक्स पर भी बिकवाली हावी रही, जिससे पूरे सेक्टर में कमजोरी का माहौल बना रहा। इस गिरावट का असर broader market पर भी पड़ा। सेंसेक्स लगभग 503 अंक और निफ्टी करीब 151 अंक टूटकर 24,685 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। शेयर मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि TCS की हालिया छंटनी की खबर और वैश्विक मंदी के संकेतों से आईटी शेयरों पर दबाव बढ़ा है।
छंटनी के पीछे AI का हाथ नहीं
देश की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती की योजना बनाई है। कंपनी करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है, जो कि उसके कुल वर्कफोर्स का लगभग 2 फीसदी हिस्सा है। हालांकि, कंपनी ने यह साफ किया है कि यह फैसला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से नहीं लिया गया है। TCS का कहना है कि यह छंटनी उन कर्मचारियों को लेकर की जा रही है जिनकी कौशल क्षमता (Skills) अब कंपनी की बदलती बिजनेस जरूरतों के अनुरूप नहीं है। कंपनी ने यह भी बताया कि वह अपने टैलेंट बेस को नए तकनीकी क्षेत्रों के हिसाब से ढालना चाहती है और इसके लिए स्किल अपग्रेडेशन पर भी फोकस कर रही है। यह कदम न केवल कंपनी की आंतरिक रणनीति को दर्शाता है, बल्कि आईटी इंडस्ट्री में तेजी से बदलती तकनीकी मांगों की भी ओर इशारा करता है।
TCS ने बताई 12000 कर्मचारियों की छंटनी की वजह
आईटी सेक्टर में जारी गिरावट और छंटनी के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक व्यापारिक तनाव और ग्राहकों द्वारा विवेकाधीन खर्चों में कटौती के चलते आने वाले समय में इस क्षेत्र को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। नुवामा के विश्लेषकों के अनुसार, TCS के लिए आने वाली एक-दो तिमाहियों में मांग का माहौल चुनौतीपूर्ण बना रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मध्यम से लंबी अवधि में तकनीकी निवेश की जरूरतें बढ़ेंगी, जिससे कंपनी की भविष्य की संभावनाएं सकारात्मक बनी रहेंगी। इसका मतलब है कि अभी भले ही आईटी कंपनियों पर दबाव हो, लेकिन लंबे समय में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नई तकनीकों की मांग उन्हें फिर से मजबूती दे सकती है।
TCS की तिमाही रिपोर्ट
आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी TCS की पहली तिमाही में प्रदर्शन कुछ कमजोर रहा है। कंपनी के रेवेन्यू में 3.3% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय बिक्री 0.5% घट गई। वहीं, उपकरण और सॉफ्टवेयर लागत में भी कटौती देखी गई, जो अब कुल बिक्री का सिर्फ 1.14% रह गई है। विश्लेषकों का मानना है कि बीएसएनएल से जुड़ी परियोजनाओं में आई गिरावट का असर अब काबू में है, और कंपनी के पास मार्जिन सुधारने की अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं। एमओएफएसएल (Motilal Oswal Financial Services) ने TCS पर अपनी ‘खरीद’ रेटिंग बरकरार रखी है और कंपनी के शेयर का लक्ष्य मूल्य 3,850 रुपये तय किया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 14% बढ़त की संभावना दर्शाता है। संक्षेप में, भले ही तिमाही आंकड़े कमजोर रहे हों, लेकिन लंबी अवधि में कंपनी के लिए संभावनाएं अब भी मजबूत मानी जा रही हैं।
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS में 6 लाख से ज्यादा कर्मचारी
वर्तमान समय में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में लगभग 6,13,069 कर्मचारी कार्यरत हैं, जो इसे भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की भी सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक बनाता है। TCS एक भारतीय बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेयर सर्विसेस और कंसल्टिंग कंपनी है, जो तकनीकी समाधान और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाएं वैश्विक स्तर पर प्रदान करती है। यह कंपनी भारत के प्रमुख शेयर बाजारों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सूचीबद्ध है, और निवेशकों के बीच एक भरोसेमंद नाम मानी जाती है। अपने बड़े वर्कफोर्स और वैश्विक उपस्थिति के साथ, TCS भारत की आईटी ताकत का प्रतीक मानी जाती है।














