भोपाल में ड्रग और यौन अपराधों से जुड़ा मामला राज्य में संगठित आपराधिक नेटवर्क की गहराई को उजागर करता है। इस नेटवर्क के सरगना यासीन अहमद उर्फ ‘मछली’ और उसका चाचा शाहवर हैं। यासीन भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास एक बड़े कॉम्प्लेक्स में दो पब में डीजे ( Disc Jockey) है और इसी की आड़ में एमडी ड्रग्स और चरस की तस्करी करता था। पब में युवकों और विशेष रूप से हाईप्रोफाइल युवतियों को फ्री में ड्रग्स दी जाती थी, ताकि उन्हें नशे का आदी बनाया जा सके। नशे में या फिर बेहोशी की स्थिति में युवतियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं भी सामने आई हैं।
क्राइम ब्रांच को यासीन के मैकबुक से कई अश्लील फोटो, वीडियो और चैट्स मिले हैं। वहीं, यासीन के मोबाइल से बरामद वीडियो फुटेज में इस बात के सबूत हैं, जिससे पता चलता है कि भोपाल की छात्राओं को पहले नशीले पदार्थों के जरिए फंसाया जाता है, फिर उनके साथ यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन मतांतरण (कन्वर्जन) का दबाव डाला जाता है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यासीन सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि राजस्थान और पंजाब से भी चरस और एमडी ड्रग्स मंगवाकर भोपाल की हाईप्रोफाइल पार्टियों में सप्लाई करता था। पुलिस शाहवर को जांच के लिए राजस्थान भी ले गई थी, जहां ड्रग्स तस्करी से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। नए साक्ष्यों के आधार पर शाहवर को दो दिन की अतिरिक्त रिमांड पर लिया गया। इस मामले में ड्रग्स और कथित लव जिहाद के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यासीन के चाचा और शहर के प्रमुख मछली व्यापारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
यासीन अहमद ने उगले राज
मध्य प्रदेश के भोपाल में क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक माह में सात आरोपियों को पकड़ा है। यह कार्रवाई मास्टरमाइंड यासीन अहमद उर्फ मछली से पूछताछ के आधार पर की गई है। डीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि ड्रग्स के मामलों में कार्रवाई की जा रही है । शवार अहमद और यासीन अहमद से पूछताछ से जो जानकारी सामने आई उसके आधार पर तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये ड्रग पैडलर हैं। कुछ ऐसे कनेक्शन भी मिले हैं जो राज्य के बाहर के हैं। आरोपी वहीं से नशीले पदार्थ खरीदकर लाते थे और सप्लाई करते थे। जांच चल रही है, उम्मीद है कि अभी और खुलासे होंगे।
लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाया जा रहा
इस संबंध में भोपाल में हाल ही में उजागर हुई एक छात्रा की आपबीती सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में पनप रहे इस संगठित अपराध के एक भयावह नेटवर्क का पर्दाफाश है। यह प्रकरण बताता है कि कैसे स्कूल-कॉलेज जाने वाली लड़कियों को सुनियोजित तरीके से प्रेमजाल में फंसाया जाता है और फिर वर्षों उनका शोषण किया जाता है। इस मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान में लिया है। पुलिस द्वारा पूरे प्रकरण को गंभीरता से नहीं लेने पर उसकी खिंचाई की है।
यासीन और शारिक पीड़िता का कर रहे थे 2019 से शोषण
उक्त प्रकरण में भोपाल के ड्रग पैडलर यासीन अहमद और उसके चाचा के खिलाफ युवती ने शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने उसके दो गुर्गों पर ब्लैकमेलिंग, यौन शोषण और न्यूड वीडियो-फोटो वायरल करने का आरोप लगाया और बताया कि जब उसके साथ ये सब घट रहा था, तब वह नाबालिग थी। वह 11 सितंबर 2024 को अपने पिता के साथ आनंद नगर चौकी, पिपलानी थाने में शिकायत करने गई थी। पुलिस ने शिकायती आवेदन लिया जरूर, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंची तो जांच एपमी नगर थाने की महिला सब इंस्पेक्टर को सौंप दी गई थी। 22 वर्षीय इस पीड़िता का कहना है कि उसके साथ वर्ष 2019 से अक्टूबर 2024 तक शोषण किया गया था।
क्लब 90 है ड्रग्स, यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन कन्वर्जन का अड्डा
पूरे मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। क्योंकि इससे पहले भोपाल में जो लव जिहाद का संगठित गिरोह पकड़ा गया था, उसमें कई युवतियों ने एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं, कुछ पीड़िताएं गवाह बनी हैं। यहां देखने में आ रहा है कि जिस स्थान का नाम हिन्दू लड़कियों को लव जिहाद में फंसाने के लिए सामने आया, उसी स्थान का नाम इस केस से भी जुड़ा है। पीड़िता के मुताबिक, दिव्यांश उसे उसी क्लब 90 में ले गया, जहां फरहान और उसके साथियों ने हिंदू छात्राओं से दुष्कर्म किया था। यहीं उसने यासीन के चाचा और मोहित बघेल से परिचय करवाया। यहीं उसने बताया कि वह न्यूड वीडियो यासीन के चाचा को भेजते हैं।
पीड़िता ने तंग आकर लगाई थी फांसी, पिता ने बचा लिया
पीड़िता का कहना है कि जब उसके वीडियो और फोटो को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा था, उससे मारपीट की जा रही थी, तभी वह पूरे प्रकरण को पिता को बताने जा रही थी, लेकिन वह अपनी हिम्मत जुटाती, उससे पहले पिता को दिल का दौरा पड़ा और डॉक्टरों ने उन्हें तनाव से दूर रखने की सलाह दी। पीड़िता ने बताया कि जब उसे पता चला कि उसके न्यूड वीडियो और फोटो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं, तब उसने फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन उसके पिता ने उसे बचा लिया।
सख्त हुआ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, प्रियंक कानूनगो बोले
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा, “कॉलेज/स्कूल जाने वाली हिंदू लड़कियों को लक्षित कर ड्रग्स देकर बलात्कार करने, वीडियो बनाने, ब्लैकमेल कर यौन शोषण करने और इस्लाम में कन्वर्जन का दबाव बनाने वाले मामले में एक और लड़की ने सामने आकर शिकायत दर्ज करवाई है। बच्ची ने बताया कि क्लब 90 (जिसे पुलिस ने बगैर फॉरेंसिक सबूत इकट्ठा किए गिरवा दिया था) में बलात्कार होता है और शारिक मछली के संरक्षण में यौन पिपासु जिहादी गैंग लड़कियों के वीडियो सर्कुलेट करने की धमकी के आधार पर सेक्स स्लेव बनाते हैं। इस अपराध की जानकारी बालिका ने पुलिस को दी थी परंतु अपराधियों की उनके साथ दोस्ती के चलते पुलिस कार्यवाही नहीं करती है। मैंने संज्ञान ले लिया है, अपराधियों को सज़ा दिलाने के लिए इस बार आयोग द्वारा कठोर कार्रवाई की जा रही है।”
फोन में 20 से अधिक पोर्न वीडियो मिले
इससे पहले प्रियंक कानूनगो ने कहा था, “भोपाल का आपराधिक ताना-बाना समझिए। स्कूल कॉलेज में पढ़ने वाली हिंदू लड़कियों को लक्षित कर उनको पार्टियों के बहाने ड्रग्स की लत लगवाना, बलात्कार कर के वीडियो बनाना,वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल कर सामूहिक यौन शोषण करना और फिर इस्लाम में कन्वर्जन का दबाव बनाकर आजीवन के लिए सेक्स स्लेव बना कर रखना। हमारी जांच की फ़ाइंडिंग्स में हमने लिखा है कि पुलिस की जांच अपर्याप्त है। जांच की दिशा अपराध के संरक्षकों की तरफ होना चाहिए। इसलिए फिर से जाँच के लिए निर्देश दिए। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सख्ती के बाद दो दिन पहले जिस यास्मीन मछली और शावर को पुलिस में ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। उन दोनों के फोन में कथित रूप से 20 से अधिक लड़कियों के पोर्न वीडियो मिले हैं। मुझे फोटो प्रमाण के साथ सूचना मिली है कि यास्मीन का चाचा सोहेल पुलिस के कई अफसरों का दोस्त है। इन अफसरों के भोपाल में रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश जारी किए जा रहे हैं।”
पुलिस की तहकीकात
फिलहाल पुलिस अपनी तहकीकात में इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि यासीन अहमद और उसके करीबी सहयोगी ड्रग तस्करी में भी शामिल हैं। पुलिस ने यासीन के संबंध में कुछ अहम सबूत जुटाए हैं और दो अन्य ड्रग पैडलरों को गिरफ्तार किया है। भोपाल में क्लब‑90, युवतियों को ड्रग्स देकर रेप और फिर वीडियो बनाकर शोषण का केंद्र बन चुका है। भोपाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए जगजीत सिंह उर्फ जग्गा और अंश चावला की चैट्स से खुलासा हुआ कि ये गिरोह दिल्ली से एमडीएमए जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स भोपाल और मुरैना तक सप्लाई कर रहे थे। यासीन इस ड्रग नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। दिल्ली से लेकर भोपाल तक मेथिलीन डाईऑक्सी मेथामफेटामीन (एमडीएमए) जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी की जा रही है, इसका खुलासा हुआ है और यह भी पता चला है कि कैसे कई युवतियों को इसकी लत लगाकर उन्हें काबू में लिया जा रहा है।
विहिप की मांग गैरजमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज हो
मामले में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल का कहना है कि भोपाल जबरन कन्वर्जन, लव जिहाद के साथ ही ड्रग तस्करी, साइबर अपराध और यौन शोषण का अड्डा बन गया है। यहां अपराधियों का संगठित गठजोड़ काम कर रहा है। इस प्रकरण में भी ऐसे ही एक संगठित अपराध का होना पाया गया है। ऐसे में यह जरूरी है कि इस पूरे गिरोह पर गंभीर अपराध की धाराएं लगाई जाएं, ताकि उन्हें सीधे थाने से जमानत न मिले, और उन्हें जांच में पूरा सहयोग देने के लिए न्यायिक हिरासत में रखा जा सके।
विहिप की मांग है कि भोपाल, उज्जैन, इंदौर जैसे ड्रग हॉटस्पॉट पर नार्कोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की स्थायी इकाई गठित की जाए, जो ड्रग नेटवर्क की निगरानी और गिरफ्तारी सुनिश्चित करे। अपराधियों की सहायता करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो।
ड्रग, यौन शोषण, कन्वर्जन और साइबर अपराध पर विद्यालयों में वर्कशॉप हों
इस मामले में मप्र बाल संरक्षण आयोग भी सक्रिय हो गया है। आयोग की सदस्य डॉ. निवेदिता शर्मा ने कहा, स्कूल-कॉलेजों में ड्रग, यौन शोषण, कन्वर्जन और साइबर अपराध पर अनिवार्य वर्कशॉप शुरू किए जाने की आवश्यकता है। कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र खोले जाएं। ब्लैकमेल, दुष्कर्म और कन्वर्जन की शिकार छात्राओं को गोपनीयता के साथ सरकारी सुरक्षा, छात्रवृत्ति और पुनर्वास सहायता दिए जाने की भी जरूरत है। राज्य सरकार एक पब्लिक पोर्टल बनाए जहां ऐसे अपराधों की पारदर्शी निगरानी और रिपोर्टिंग हो सके।
प्रदेश भर से सामने आ रहे इस प्रकार के प्रकरण
मध्य प्रदेश में पिछले वर्ष से अब तक ड्रग-यौन शोषण-लव जिहाद की कड़ियां जुड़ी हैं। इसी साल जबलपुर में मेडिकल छात्राओं के अश्लील वीडियो की टेलीग्राम पर बोली लगाई जा रही थी। उज्जैन और सतना में लड़कियों को कन्वर्जन के लिए फर्जी नाम और पहचान से फंसाने के मामलों में केस दर्ज किया गया। पिछले साल खंडवा जिले में सोशल मीडिया से लड़कियों को फंसाकर ड्रग्स की लत और शारीरिक शोषण का बड़ा मामला उजागर हुआ था। इंदौर से आए दिन इस तरह के प्रकरण सामने आते हैं।
(लेखक हिंदुस्थान समाचार से संबद्ध हैं)

















