केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक बड़ा और दिल को छूने वाला फैसला लिया है। अब सरकारी कर्मचारी अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए 30 दिन की अर्जित छुट्टी (Earned Leave) ले सकेंगे, और इस दौरान उनकी सैलरी में एक भी रुपये की कटौती नहीं होगी। यह खबर 24 जुलाई 2025 को केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में साझा की।
यह कदम उन लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है, जो अपने माता-पिता की देखभाल और नौकरी की जिम्मेदारियों को संतुलित करने में मुश्किलों का सामना करते हैं। यह सुविधा न सिर्फ कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा देगी, बल्कि उनके परिवार के प्रति उनकी जिम्मेदारी निभाने में भी मदद करेगी।
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क्या है नया नियम?
केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के तहत, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर साल 30 दिन की अर्जित छुट्टी, 20 दिन की अर्ध वेतन छुट्टी, 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी और 2 दिन की प्रतिबंधित छुट्टी मिलती है। अब कर्मचारी अपनी 30 दिन की अर्जित छुट्टी का इस्तेमाल निजी कारणों, खास तौर पर बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए कर सकेंगे। इस छुट्टी के दौरान पूरी सैलरी मिलेगी, जिससे कर्मचारियों को पैसे की चिंता नहीं होगी। यह नियम उन कर्मचारियों के लिए वरदान साबित होगा, जो अपने माता-पिता की सेहत या देखभाल को लेकर परेशान रहते हैं।
आवेदन कैसे करें?
इस छुट्टी का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को अपने विभाग के एचआर या संबंधित अधिकारी को लिखित आवेदन देना होगा। आवेदन में छुट्टी का कारण और कितने दिन चाहिए, यह साफ-साफ लिखना होगा। आम तौर पर अर्जित छुट्टी के लिए पहले से सूचना देनी पड़ती है, लेकिन इमरजेंसी में तुरंत आवेदन भी मंजूर हो सकता है। कर्मचारियों को सलाह है कि वे अपने विभाग के छुट्टी नियमों को अच्छे से जांच लें, क्योंकि प्रक्रिया में थोड़ा-बहुत बदलाव हो सकता है। यह सुविधा कर्मचारियों को अपने परिवार और नौकरी के बीच बेहतर तालमेल बनाने का मौका देगी।











