India UK Trade Deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन के दौरे पर हैं, जहां दोनों देशों के बीच बहुप्रतीक्षित एवं बहुचर्चित मुक्त व्यापार समझौते पर गुरुवार को यहां हस्ताक्षर हो गए। इससे आत्मनिर्भर भारत और मेड इन इंडिया उत्पादों को भारी फायदा होने वाला है। भारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों और मध्यम, लघु एवं कुटीर उद्यम क्षेत्रों के लिए ब्रिटेन में नया बाज़ार मिलेगा जबकि भारत को ब्रिटेन में बने उत्पाद – जैसे मेडिकल उपकरण और एयरोस्पेस कलपुर्ज़े किफायती दरों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
मुक्त व्यापार समझौते का फायदा देश के प्रत्येक राज्य को मिलने वाला है। इसे केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक ग्राफ शेयर कर समझाया है। उन्होंने भारत देश का नक्शा शेयर किया है, जिसके जरिए ये समझाने की कोशिश की गई है कि किस राज्य को क्या फायदा होने वाला है।

किस राज्य को कौन सा फायदा होगा?
जम्मू-कश्मीर: फ्री ट्रेड के बाद जम्मू कश्मीर की मशहूर पश्मीना शॉल, बासमती चावल, केसर और कश्मीरी विलो लकड़ी से बने बैट के व्यापार को फायदा होगा।
पंजाब: पंजाब के जालंधर में बने खेल के सामानों और पंजाबी बासमती चावल के निर्यात में बढ़ोतरी होगी।
दिल्ली: दिल्ली के बासमती चावल को इससे फायदा होगा।
राजस्थान: राजस्थान के कीमती पत्थर उद्योग, आभूषणों की मांग में इजाफा हो सकता है।
गुजरात: फ्री ट्रेड डील से गुजरात के सूरत कपड़ा उद्योग, मोरबी के सेरामिक्स और हीरों व्यापार को फायदा होगा।
महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के विश्व प्रसिद्ध कोल्हापुरी चप्पल उद्योग और पुणे जैसे शहरों की आईटी सेक्टर की कंपनियों को फायदा होगा।
कर्नाटक: कर्नाटक के चन्नापटना के प्रसिद्ध खिलौना उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश का बासमती चावल उद्योग इससे बढ़ेगा।
केरल: केरल के रबर उद्योग को भी इससे फायदा होगा।
उत्तराखंड: उत्तराखंड के बासमती चावल उद्योग को फायदा।
उत्तर प्रदेश: भारत-ब्रिटेन समझौते से उत्तर प्रदेश के चार उद्योगों को फायदा मिलने वाला है। इनमें मेरठ में बनने वाले खेल के सामान, खुर्जा के मिट्टी के बर्तन उद्योग, आगरा और कानपुर का चमड़ा उद्योग और बासमती चावल को इससे फायदा होगा।
तेलंगाना: तेलंगाना अपने आईटी सेवाओं के लिए प्रसिद्ध है और इस समझौते के राज्य के आईटी सेक्टर को बूस्ट मिलेगा।
आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश की बात करें तो इससे राज्य की प्रसिद्ध अराकू कॉफी और हल्दी उद्योग को बूस्ट मिल सकता है।
तमिलनाडु: तमिलनाडु की बात करें तो इस राज्य के करीब पांच उद्योगों को मुक्त व्यापार समझौते का फायदा मिल सकता है, जिसमें कांचीपुरम की विश्व प्रसिद्ध साड़ियां, तिरुपुर की निटवियर, हल्दी उद्योग, तंजावुर के गुड्डे-गुड़ियों के उद्योग, वेल्लोर की चप्पलों और आईटी सेवाओं को बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
बिहार: बिहार को देखें तो यहां के प्रसिद्ध सिक्की ग्रास टॉय, भागलपुर का प्रसिद्ध सिल्क, मखाना और शाही लीची को भी फायदा मिलेगा।
त्रिपुरा: त्रिपुरा के परिस्कृत प्राकृतिक रबर उद्योग को फायदा मिल सकता।
पश्चिम बंगाल: मुक्त व्यापार समझौते से पश्चिम बंगाल उद्योगों को भी फायदा होने वाला है, जिसमें बल्लुचरी की साड़ियां, दार्जिलिंग की चाय, नट्टूग्राम के खिलौने और शांतिनिकेतन का लेदर उद्योग शामिल है।
इसके अलावा और भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिन्हें भारत-ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड डील से फायदा होगा।

















