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नेपाल से भारत पर आतंकी खतरा! : सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी, जैश और लश्कर की गतिविधियों पर कड़ी नजर

नेपाल के वरिष्ठ नेता सुनील बहादुर थापा ने चेताया- ISI नेपाल में सक्रिय, जैश और लश्कर भारत पर हमला करने के लिए नेपाल की धरती का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो
Jul 15, 2025, 05:50 pm IST
inभारत, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश

देहरादून । नेपाल के राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार रहे और भारत-नेपाल संबंधों के विशेषज्ञ, पूर्व उद्योग मंत्री सुनील बहादुर थापा ने कहा कि पाकिस्तान की आईएसआई नेपाल में सक्रिय है और भारत पर हमला करने के लिए लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की मदद कर सकती है।

ऑपरेशन सिंदूर : भारत की पाकिस्तान को सख्त चेतावनी

उल्लेखनीय है कि भारत ने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के तहत यह चेतावनी दी थी कि यदि अब पाकिस्तान से कोई भी आतंकी हमला हुआ तो भारत उसे सीधा युद्ध मानेगा। नेपाल में पांच बार प्रधानमंत्री रहे सूर्य बहादुर थापा के पुत्र सुनील बहादुर थापा, नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी हैं। उनका कहना है कि नेपाल भारत को यह वचन देता रहा है कि वह भारत के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए अपनी ज़मीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा।

यह भी पढ़ें : पाक-चीन की खैर नहीं…भारत ने बनाई एडवांस्ड मिसाइल; ब्रह्मोस से 3 गुना ज्यादा शक्तिशाली

पहलगाम हमले के बाद ISI की नेपाल में बढ़ती सक्रियता

लेकिन पहलगाम की घटना के बाद इस बात की संभावनाएं प्रबल हुई हैं कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट्स नेपाल में सक्रिय हैं। पहलगाम घटना के बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नेपाल सीमा पर भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी थी। यूपी-बिहार सीमा पर बड़ी संख्या में मदरसे और मस्जिदें ध्वस्त की गई थीं। साथ ही उत्तराखंड सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती गई थी।

यह भी पढ़ें – यमन में केरल की नर्स निमिषा प्रिया की फांसी टली, 5 बिंदुओं में समझिये अब क्या होगा?

आतंकी ट्रांजिट पॉइंट के रूप में नेपाल का इस्तेमाल

नेपाल-भारत के ट्रांजिट प्वाइंट्स का इस्तेमाल आतंकी संगठन लगातार करते रहे हैं। 18 जुलाई 2013 को जैश के आतंकी यासिन भटकल और 16 अगस्त 2013 को लश्कर के अब्दुल करीम टुंडा की गिरफ्तारी भी नेपाल से ही हुई थी। नेपाली कांग्रेस नेता सुनील बहादुर थापा के ताज़ा बयान के बाद इस बात पर भी मोहर लगती है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठनों की गतिविधियाँ नेपाल में तेज़ हो रही हैं।

थापा का बयान : गंभीर संकेत और तथ्य-आधारित चेतावनी

सुनील बहादुर थापा को भारत-नेपाल मामलों का गंभीर विशेषज्ञ माना जाता है। वे बिना तथ्यों की पुष्टि के कभी बयान नहीं देते। ऐसे में उनका यह बयान भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

बॉर्डर पर चौकसी : भारत-नेपाल समन्वय और सुरक्षा उपाय

नेपाली नेता के बयान के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियों में भी बॉर्डर सुरक्षा को लेकर मंथन चल रहा है। उत्तर प्रदेश में नेपाल बॉर्डर पर दोनों देशों के जिला अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वयक बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

सीमा सशस्त्र बल और खुफिया एजेंसियाँ सतर्क

नेपाल सीमा पर सीमा सशस्त्र बल (SSB) की गश्त बढ़ा दी गई है और खुफिया एजेंसियों को और अधिक सक्रिय कर दिया गया है। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण राष्ट्र-विरोधी तत्वों ने इस स्थिति का कई बार दुरुपयोग किया है, जिसके चलते इस सीमा को सील करने की मांग भी समय-समय पर उठती रही है।

Topics: Operation SindoorISI ActivitiesSunil Bahadur ThapaTerrorism AlertNepal IntelligenceLashkar-e-TaibaIndia-Nepal RelationsNepal Borderjaish-e-mohammad
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