देहरादून : देवभूमि उत्तराखंड में चल रहे ग्राम पंचायत चुनावों में रिवर्स पलायन का संदेश सुनाई दे रहा है। हाल ही में रिटायर हुई आई जी पुलिस बिमला गुंज्याल, व्यास घाटी के सीमांत ग्राम गुंजी की प्रधान बनने जा रही हैं। वहीं सेना से सेवा निवृत कर्नल यशपाल सिंह नेगी अपने पुश्तैनी बिरगण गांव (वीरों खाल) के ग्राम प्रधान होंगे।
चुने गए निर्विरोध
इन दोनों के समक्ष कोई प्रतिद्वंदी नहीं खड़ा हुआ इस लिए इनका निर्विरोध ग्राम प्रधान चुना जाना तय हो गया है। माना जा रहा है कि ये अपने आप में राज्य के लिए ये शुभ संदेश है। सक्षम व्यक्ति अपने गांव लौट रहे हैं ग्राम राज्य के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं।
माना यही जाता रहा है कि लोग जैसे ही सक्षम होते हैं वे अपना गांव छोड़ देते हैं। इन दोनों का निर्विरोध ग्राम प्रधान चुना जाना यह संकेत देता है कि जीवन में क्षमता अर्जित कर चुके लोग अब अपनी क्षमता का उपयोग करने अपने पुश्तैनी गांव लौट रहे हैं और उसकी विकास यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं।
श्री मति गुंज्याल सीमांत वाइब्रेट विलेज का नेतृत्व करेंगी जिसे पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं और ये आदि कैलाश, कैलाश मानसरोवर यात्रा का अहम पड़ाव भी है। कभी ये भारत तिब्बत व्यापार की बड़ी मंडी हुआ करती थी। चार साल पूर्व यहां सड़क पहुंची है, जिसके बाद यहां का जीवन बदलने लगा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा ये सुखद संदेश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व आई जी बिमला गुंज्याल के गुंजी का ग्राम प्रधान बनने और पूर्व कर्नल यशपाल सिंह नेगी के बिरगण के ग्राम प्रधान पद पर निर्विरोध चुने जाने को एक सुखद संदेश बताया। उन्होंने कहा कि रिवर्स पलायन एक परंपरा बने और सक्षम लोग सेवानिवृत होने के बाद अपने गांव के विकास में भागीदार जब बनेंगे तो इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे।

















