वो न्याय की आस में एक वकील समझकर आई थी, लेकिन वकील के भेष में उसकी मुलाकात एक मजहबी दरिंदे से हो गई। ये दर्द है उस हिन्दू महिला का जो आगरा की दीवानी कचहरी में जमीन विवाद के मामले में न्याय की मांग को लेकर एक वकील के पास आती है। उस वकील का नाम है जलालुद्दीन, जिसने एक बार महिला के साथ दुष्कर्म किया और फिर बीते तीन साल से लगातार उसके साथ रेप करता आ रहा है। उसने महिला के घर पर कब्जा कर लिया और उसे इस्लामिक कन्वर्जन के लिए प्रताड़ित कर रहा है। अब पीड़िता ने उसके खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया है।
कैसे हुई इस घटना की शुरुआत
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दिल दहला देने वाली वारदात के बारे में जानने की कोशिश करें तो इसकी शुरुआत वर्ष 2019 में उस वक्त होती है, जब आगरा की है एक हिन्दू महिला आगरा दीवानी कचहरी जाती है। उसका जमीन विवाद अपने भाइयों के साथ चल रहा था। पीड़िता न्याय की आस को लेकर वकील की तलाश कर रही होती है। उसी दौरान उसकी मुलाकात जलालुद्दीन से होती है। उसने जलालुद्दीन को अपनी समस्या बताई। जल्लाद्दीन की नजर उसके शरीर पर थी। अत: तुरंत महिला से मदद का वादा कर डाला।
कांग्रेस कार्यालय में किया रेप
पीड़िता का आरोप है कि एक दिन जब उसकी तबीयत खराब थी, तो जलालुद्दीन उसके घर आया। इसके बाद वह उसे इलाज के बहाने एमजी रोड स्थित कांग्रेस के कार्यालय ले गया। वहां उसने पीड़िता के साथ बंदूक की नोक पर रेप किया। साथ ही धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वो उसे बदनाम कर देगा। पीड़िता ने कहा-जलालुद्दीन ने मुझे कहा कि मेरी पहुंची बहुत ऊंची है। इसके बाद तो उसकी हिम्मत इतनी बढ़ गई कि उसका जब मन करता था वो मेरे साथ रेप करता था।
मां की मौत के बाद घर पर कर लिया कब्जा
पुलिस कमिश्नर से मिलकर की गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वो घर में अपनी मां के साथ रहती थी। लेकिन मां की मौत के बाद तो जलालुद्दीन ने मेरे घर पर कब्जा ही कर लिया। वह मेरे घर में जबरन नमाज पढ़ता था। उसने पीड़िता से रोजे रखवाए। वह उसे इस्लामिक कन्वर्जन करके निकाह करने के लिए मजबूर कर रहा था।
खौफ ऐसा कि घर में होते हुए भी बाहर से लगवाना पड़ता था ताला
पीड़िता ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि मैं जलालुद्दीन से इतना डर गई थी कि अपने ही घर में बाहर से ताला लगवा देती थी, ताकि उसे ये लगे कि मैं घर में ही नहीं हूं। इसके अलावा पीड़िता ने कहा कि जब मेरी बेटी की परीक्षा होनी थी, तो होटल में रहकर उसकी परीक्षा दिलवाई। पीड़िता ने बताया कि जलालुद्दीन मेरे साथ मारपीट और गालियां देता था। 1 जनवरी 2025 को तो उसने चाकू से हमला कर दिया था। बड़ी मुश्किल से जान बचाई।
इसके साथ ही महिला का कहना है कि उसका पति दिव्यांग है और वह गुजरात में रहता है। उसने ये भी बताया कि जलालुद्दीन से अपनी जान बचाने के लिए मैं गुजरात चली गई थी। उसने बताया कि मैंने शाहगंज पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने की कोशिश की थी, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। बाद में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर केस दर्ज हुआ।

















