गत दिनों किशनगंज (बिहार) में विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्या मंदिर को रक्षा मंत्रालय ने सैनिक स्कूल का दर्जा प्रदान किया। यह बिहार का चौथा स्कूल है, जिसे यह मान्यता प्राप्त हुई है। यह जानकारी ‘लोक शिक्षा समिति’ के सचिव रामलाल ने दी। इससे पहले पटना, भागलपुर और रोसड़ा के विद्यालयों को सैनिक स्कूल का दर्जा मिल चुका है।
जुलाई, 2025 से सैनिक स्कूल की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए 100 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिनमें 60 सीट स्थानीय बच्चों के लिए आरक्षित होंगी और शेष 40 देशभर से चयनित छात्रों के लिए होंगी। विद्यालय में पहले से पढ़ रहे छात्रों के लिए आंतरिक परीक्षा के आधार पर नामांकन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। -प्राचार्य नागेन्द्र तिवारी
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के कारण किशनगंज को संवेदनशील जिला माना जाता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय बच्चों को देश-सेवा की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करना है। इसके साथ ही छात्रों में शिक्षा के साथ संस्कार एवं राष्ट्रहित सोच जगाने का भाव है।
इस विद्यालय को अब सैनिक स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष नन्द किशोर पोद्दार ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि रक्षा मंत्रालय द्वारा किशनगंज को यह जिम्मेदारी सौंपना गर्व की बात है। हम पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ इस दायित्व को निभाएंगे।
विद्यालय के प्राचार्य नागेन्द्र तिवारी ने बताया कि जुलाई, 2025 से सैनिक स्कूल की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए 100 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिनमें 60 सीट स्थानीय बच्चों के लिए आरक्षित होंगी और शेष 40 देशभर से चयनित छात्रों के लिए होंगी। विद्यालय में पहले से पढ़ रहे छात्रों के लिए आंतरिक परीक्षा के आधार पर नामांकन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

















