ब्रिटेन में अब रहेंगे फिलिस्तीन शरणार्थी? लोगों मे गुस्सा और नेताओं मे तनातनी
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ब्रिटेन में अब रहेंगे फिलिस्तीन शरणार्थी? लोगों मे गुस्सा और नेताओं मे तनातनी

यूके सांसदों ने गाज़ा के लोगों के लिए वीसा स्कीम की मांग की, सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया। क्या फिलिस्तीनी शरणार्थियों को मिलेगी एंट्री?

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Jul 3, 2025, 07:01 pm IST
inविश्व

ब्रिटेन में शरणार्थी समस्या पर लगातार बात हो रही है और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का ऐसा दावा है कि ब्रिटेन में फिलिस्तीन अप्रवासी शरणार्थी के रूप में आने वाले हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया में घमासान मचा हुआ है। ब्रिटेन में लोग कह रहे हैं कि मुस्लिम देश क्यों नहीं गाजा के शरणार्थी स्वीकार कर रहे हैं..?

दरअसल ब्रिटेन के कुछ सांसद सरकार से यह अनुरोध कर रहे हैं कि वह गाजा के पीड़ितों के लिए भी यूक्रेन के जैसी ही वीसा योजना लेकर आए। उन्होनें एक पत्र होम सेक्रेटरी यवेट कूपर को यह अनुरोध करते हुए भेजा है कि वे फिलिस्तीन के नागरिकों के लिए एक वीजा रूट बनाएं।

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स्काई न्यूज के अनुसार वे फिलिस्तीनियों को उनके प्रियजनों को यूके में एक साथ आने के लिए गाजा फैमिली स्कीम कई मांग कर रहे हैं, जब तक कि वापस जाना सुरक्षित न हो जाए। इस पत्र में लिखा है कि “जिस तरह ब्रिटेन ने यूक्रेन और हांगकांग में उत्पीड़न से बचकर भाग रहे लोगों के लिए अपने दरवाजे खोले, हमारा मानना ​​है कि वैसी ही उदारता फिलिस्तीनी परिवारों के लिए भी बढ़ाई जानी चाहिए।

हालांकि सोशल मीडिया पर ऐसी किसी भी योजना के लिए न केवल विपक्षी सांसद बल्कि आम लोग भी विरोध कर रहे हैं, परंतु इस पर सरकार में शामिल कई सांसदों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं।

standard.co.uk के अनुसार इस पर लंदन के कई सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें मार्शा डी कॉर्डोवा (बैटरसी), स्टेला क्रेसी (वाल्थैम्स्टो), बेल रिबेरो-एडी (क्लैपहम और ब्रिक्सटन हिल), एंडी स्लॉटर (हैमरस्मिथ और चिसविक) शामिल हैं, जो सभी लेबर हैं, साथ ही जॉन मैकडोनेल (हेस और हरलिंगटन) और अप्सना बेगम (पोपलर और लाइमहाउस), जिन्हें पिछले वर्ष दो-बाल कल्याण कैप के खिलाफ मतदान करने के कारण संसदीय दल से निलंबित कर दिया गया था, और पूर्व लेबर नेता और अब स्वतंत्र सांसद जेरेमी कॉर्बिन (इस्लिंगटन नॉर्थ)।

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इस पत्र में सड़सठ सांसद और साथी अपना नाम दे चुके हैं। इन सांसदों ने इजरायल पर भी अस्थाई सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और गाजा में लोगों को भूखा मारने का भी आरोप लगाया।

इस पत्र की बात बार आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। एक यूजर ने लिखा कि यह बात एकदम गलत है कि गाजा के शरणार्थी और यूक्रेन के शरणार्थी एक समान है। AntSpeaks नामक यूजर ने लिखा कि यूक्रेन एक स्वतंत्र देश है और भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में, वहाँ पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। वहाँ के कानून, कल्चर और मूल्य सभी कुछ यूके के जैसे हैं और हाँ, वहाँ से आए लोगों से यूरोप के लोगों को किसी भी प्रकार से यह चिंता नहीं होती है कि पश्चिम या पश्चिम के मूल्यों को खतरा होगा।

यूकेन के अधिकतर लोगों ने या तो पोलैंड या फिर अन्य पड़ोसी देशों में शरण ली थी, मगर गाजा के लिए मिस्र, जॉर्डन या अन्य मध्य पूर्वी देश अपना दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इसके पीछे एक कारण यह भी है कि मिस्र जैसे देश गाजा के लोगों को एक विश्वसनीय खतरे के रूप में देखते हैं।

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उन्होनें आगे लिखा कि “गाजा के बच्चों को यहूदियों से घृणा करना सिखाया जाता है। इजरायलियों या यहूदियों को मारने का विचार उनके समाज के कुछ हिस्सों में पूरी तरह से सामान्य है। यह पश्चिमी सभ्यता के अनुकूल नहीं है। अब इसे समझाया जाए, तो फिर तो इससे बड़ा आश्चर्य हो ही नहीं सकता।

दुनिया भर की खुफिया एजेंसियों के अनुसार, इस्लामी चरमपंथ हमारी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। यूनाइटेड किंगडम में, MI5 आतंकवाद निगरानी सूची में शामिल 40,000 व्यक्तियों में से 90 प्रतिशत इस्लामी चरमपंथी हैं।“

ब्रिटेन के सांसद रूपर्ट ल ने भी इसका विरोध करते हुए कहा कि उन्होनें संसद में एक प्रस्ताव पेश किया है जिसमें सरकार से फिलिस्तीनी प्रवासियों के लिए किसी भी पुनर्वास योजना को अस्वीकार करने का आह्वान किया गया है – एक भी व्यक्ति को ब्रिटेन में शरण लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

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इसके बाद उन्हें काफी अपशब्दों का भी सामना करना पड़ा। उन्होनें एक्स पर ही लिखा कि उन्हें सामान्य से अधिक अपशब्द केवल इसलिए कहे जा रहे हैं कि उन्होनें यह कहा कि वे ब्रिटेन में किसी भी फिलिस्तीनी अप्रवासी को शरण का दावा नहीं करने देंगे।

इसे लेकर restorebritain नामक यूजर ने लिखा कि हमें फिलीस्तीनी प्रवासियों को ब्रिटेन में शरण लेने की अनुमति देने का विरोध करना चाहिए। इस पर अदनान हुसैन सांसद ने लिखा कि हमें क्यों नहीं यह कहना चाहिए कि जीनोसाइड न हो। किसी भी फिलिस्तीन को ब्रिटेन जाने का कोई शौक नहीं है, वे अपने यहाँ सुरक्षित रहना चाहते हैं।

इस पर टोनी मीडो ने लिखा कि सहमत अदनान। यू.के. में कोई फ़िलिस्तीनी नहीं चहाइए। उनके स्थानीय साथी विश्वासियों को उनकी देखभाल करने दें, यू.के. के करदाताओं पर बोझ न डालें। और फिर मुस्लिम देशों का नक्शा साझा किया था।

इसे लेकर विरोध तेज हो रहा है। वहीं इस पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा: “यू.के. में अपने परिवार के सदस्यों से मिलने की इच्छा रखने वाले फिलिस्तीनियों के लिए कई तरह के रास्ते उपलब्ध हैं।

उन्होनें कहा कि “व्यापक रूप से, हम तत्काल युद्धविराम, हमास द्वारा क्रूरतापूर्वक हिरासत में लिए गए सभी बंधकों की रिहाई, नागरिकों की सुरक्षा और गाजा में और अधिक सहायता पहुँचते देखना चाहते हैं।”

Topics: Gaza ceasefire UK reactionब्रिटेन फिलिस्तीनी शरणार्थी विवादUK Palestine Refugee CrisisGaza Family Scheme UKब्रिटेन वीसा स्कीम विवादPalestinian refugees UKUK MPs Gaza letterGaza visa route UKUK immigration rowMI5 Islamic extremism listUK Israel Hamas
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