पश्चिमी देशों में मुस्लिम शरणार्थियों की तेजी से बढ़ती आबादी चिंता का विषय बनती जा रही है। इसका असर ये हो रहा है कि इन ईसाई देशों में अपराध तेजी से बढ़े हैं। लेकिन वोट बैंक की राजनीति हर जगह है। कुछ लोग गुड और बैड इस्लाम के विमर्श को जन्म दे रहे हैं। इसी क्रम में सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यूजर ने कहा कि अगर इस्लाम इतना ही अच्छा है तो मुसलमान इस्लामिक देशों में जाने की जगह ईसाई देशों में क्यों जा रहे हैं।
डॉक्टर मालॉफ नाम के एक यूजर ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें एक महिला एक इंटरव्यू के दौरान ये सवाल करती है। 51 सेकंड लंबे इस वीडियो में कई फ्रेम शामिल हैं, जिनमें संबंधित उपशीर्षक हैं जो इस्लाम को श्रेष्ठ मानने पर मुसलमानों द्वारा ईसाई देशों में शरण लेने की कथित विडंबना के इर्द-गिर्द चर्चा को फ्रेम करते हैं। वीडियो में दो महिलाएं चर्चा करती हैं कि मुसलमान सउदी अरब, ईरान या अन्य इस्लामिक देशों में जाने की जगह ईसाई देशों में प्रवास कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि ईसाई मिलनसार हैं और वे उन्हें स्वीकार कर लेंगे।
“If Islam is so fantastic, then why do Muslims always flee to Christian countries?”
It’s a fair question! pic.twitter.com/VzOgV0Q5Yk
— Dr. Maalouf (@realMaalouf) June 29, 2025
जर्मनी ने सबसे पहले मुस्लिमों शरण देने की की थी वकालत
गौरतलब है कि सीरिया समेत कई मुस्लिम देशों में छिड़े गृह युद्ध को देखते हुए 2015 में सबसे पहले जर्मनी की चांसलर रहीं एजेंला मर्केल ने उदारता दिखाते हुए मुस्लिमों को शरण दी थी। इसके बाद कई अन्य यूरोपीय देश जैसे, स्वीडन, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली आदि ने मुस्लिमों को बड़े पैमाने पर शरण दी। इसका असर ये हो रहा है कि इन देशों में अचानक से अपराध बढ़ गए हैं। हालात ये हो गए हैं कि इन देशों में कई क्षेत्र तो ऐसे हो गए हैं, जहां स्थानीय पुलिस तक को जाने कि इजाजत नहीं है।
सीरिया का गृहयुद्ध समाप्त होने के बाद एक सवाल जो उठा था कि जब इन शरणार्थियों के देशों में शांति स्थापित हो गई है तो अब ये वापस क्यों नहीं जा रहे हैं। इन्हें वापस भेजने की मांग इन देशों में उठने लगी है।

















