बरसात के मौसम में इन सब्जियों के खाने से करें परहेज, कीड़ों की वजह से रहता है फूड पॉइजनिंग का खतरा
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बरसात के मौसम में इन सब्जियों के खाने से करें परहेज, कीड़ों की वजह से रहता है फूड पॉइजनिंग का खतरा

मानसून में बरसात के कारण बढ़ती नमी और गंदगी से सब्जियों में कीटाणु और फंगल संक्रमण पनप सकते हैं। जानिए किन सब्जियों से इस मौसम में बचना चाहिए।

Written byसौम्या सिंहसौम्या सिंह
Jun 27, 2025, 07:15 am IST
inजीवनशैली, स्वास्थ्य

मानसून की पहली फुहार जैसे ही धरती को छूती है, हरियाली खिल उठती है और मौसम सुहावना हो जाता है। लेकिन यही मौसम अपने साथ लाता है नमी, गंदगी और कीटाणुओं का ऐसा जाल, जो हमारे स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकता है। शहर के एक छोटे से मोहल्ले में रहती थी रमा, जो बहुत समझदार और सजग गृहिणी थी। हर मौसम की तरह इस बार भी वह अपने परिवार की सेहत को लेकर सतर्क थी। लेकिन एक दिन उसके बेटे को तेज बुखार और पेट दर्द की शिकायत हो गई। डॉक्टर ने बताया कि यह फूड प्वाइजनिंग है और वजह थी बारिश में ठीक से नहीं धोई गई सब्जियों का सेवन। रमा को एहसास हुआ कि मानसून में हर खाने की चीज पर अतिरिक्त ध्यान देना जरूरी है, खासकर सब्जियों पर।

डॉक्टर ने उसे बताया कि कुछ सब्जियां इस मौसम में बहुत जल्दी खराब हो जाती हैं, और उनमें बैक्टीरिया और परजीवी पनपने लगते हैं। डॉक्टर ने चेताया कि पत्तेदार हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी और सरसों गीली और गंदी होने पर फंगल संक्रमण फैला सकती हैं। मशरूम नमी के कारण जल्दी खराब होते हैं और जहरीले हो सकते हैं। सलाद में प्रयोग होने वाली कच्ची सब्जियां जैसे खीरा, मूली, टमाटर भी अगर ठीक से साफ न की जाएं तो पेट में संक्रमण का कारण बन सकती हैं। फूलगोभी और पत्तागोभी इनमें मिट्टी और कीड़े छिपे हो सकते हैं। भिंडी और तोरी जैसी चिपचिपी सब्जियां बारिश में नमी की वजह से जल्दी सड़ जाती है। रमा ने अब से ठान लिया कि वह सब्जियों को अच्छे से धोएगी, केवल ताजी और हल्की सब्जियां पकाएगी, और हर बार खाने को पूरी तरह से पका कर ही परोसेगी। आइए आपको बताते हैं किन सब्जियों को खाने से बरसात के मौसम में हो सकती है परेशानी।

स्वाद से पहले सेहत, और सावधानी से ही सुरक्षा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बहुत अधिक बढ़ जाती है, जिससे सब्जियों में फंगस, कीड़े और बैक्टीरिया आसानी से पनपने लगते हैं। खासकर पत्तेदार और चिपचिपी सब्जियां जल्दी खराब होती हैं और यदि इन्हें सही तरीके से साफ़ या पकाया न जाए, तो ये पाचन संबंधी समस्याओं और संक्रमण का कारण बन सकती हैं।

पत्तेदार सब्जियों से करें परहेज

बरसात के दिनों में ताजी पालक और मेथी जैस हरी सब्जियां हर किसी को आकर्षित करती हैं ऐसे में अगर हेल्दी खाने का मूड बन रहा होता है तो लोग तुरंत हरी पत्तेदार सब्जियों का चुनाव करते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर ऐसे मौसम में आपने सब्जियां धुलने में लापरवाही की तो आपको इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अगर आपने हरी पत्तेदार सब्जियों को धोने में लापरवाही बरती तो आप पेट संबंधी रोगों से परेशान हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ‘बारिश के मौसम में पत्तेदार सब्जियां भले ही ताजी दिखें, लेकिन इनमें नमी और गंदगी आसानी से समा जाती है। यही नमी कीड़े, बैक्टीरिया और फफूंद के पनपने का कारण बनती है। अगर इन्हें ठीक से साफ न किया जाए, तो ये गंभीर पेट संबंधी बीमारियों का कारण बन सकती हैं।’

फूलगोभी और ब्रोकली खाने से करें परहेज

बरसात के दिनों में फूलगोभी और ब्रोकली खाने से भी परहेज करें। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ‘बरसात के मौसम में फूलगोभी और ब्रोकली जैसी सब्जियों से खास सावधानी बरतनी चाहिए। इनके घने फूलों में नमी बनी रहती है, जिसमें कीड़े, फफूंद और बैक्टीरिया आसानी से छिप जाते हैं। अगर इन्हें ठीक से नहीं धोया और पकाया जाए, तो ये पेट की गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती हैं।’ इससे बचने के लिए आपको सब्जी को अच्छे तरीके से नमक वाले पानी से या सिरके के पानी से या फिर उबालकर धोते हैं ताकि उसमें उपस्थित कीड़े और जीवाणु खत्म हो जाएं।

पत्तागोभी के सेवन से बचें

बरसात के दिनों में पत्तागोभी की सब्जी खाने से पहले भी आपको काफी सावधानी बरतनी चाहिए। एक्सपर्ट्स की मानें तो ‘पत्तागोभी जमीन के बिल्कुल करीब उगती है। इसमें मिट्टी के कण, कीटनाशकों के अंश और कीड़े आसानी से छिप सकते हैं। अगर इसे ठीक से न धोया और न पकाया जाए, तो यह बैक्टीरिया संक्रमण का कारण बन सकती है, खासकर मानसून वाले दिनों में।’ ऐसे में अगर आपका पत्तागोभी खाने का मन बन चुका है तो उसको आप घर लाइए और बहुत ही सावधानी पूर्वक उसे बनाने से पहले धोएं ताकि उसके कीटाड़ु और जीवाणु खत्म हो जाएं। सब्जी अच्छी तरह से धोए जाने के बाद किसी भी तरह से आपक नुकसान नहीं पहुंचाएगी।

मशरूम खाने से बचें

मानसून के मौसम में जब बारिश की हल्की-हल्की फुहारें पड़ रहीं हो तो ऐसे में नॉनवेज नहीं खाने वालों के लिए मशरूम की मसालेदार सब्जी सबसे बढ़िया विकल्प होती है। हालांकि बरसात के मौसम में मशरूम कुछ ज्यादा ही संक्रामक होती है। ऐसे में हमें मशरूम बनाने से पहले काफी अच्छी तरीके से धुल लेना चाहिए। अगर आपको मशरूम कुछ पुराने लग रहे हों तो उन्हें बिलकुल भी न खरीदें क्योंकि इसमें बहुत जल्दी फंगस लग जाते हैं जो कि आपके भोजन को फूड प्वाइजिनिंग का शिकार बना सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ‘मशरूम नमी में उगते हैं और मानसून में बहुत जल्दी खराब हो सकते हैं। खासकर बाजार में मिलने वाले जंगली या खराब तरीके से संग्रहीत मशरूम जहरीले भी हो सकते हैं। इससे फंगल संक्रमण, एलर्जी और गंभीर फूड पॉइजनिंग हो सकती है।’ आपको मशरूम खरीदते समय पैकिंग की तारीख, ब्रांड, और उनकी ताजगी पर ध्यान देना है और बिना ठीक से जांचे-पकाए मशरूम कभी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

बैंगन से करें परहेज

बरसात के दिनों में हमें बैंगन खाने से भी परहेज करना चाहिए। कभी-कभी बैंगन ऊपर से तो काफी चमकदार और बेहतरीन होता है लेकिन जब हम उसे घर लाकर काटते हैं तो उसमें कीड़े निकल आते हैं। बरसात के दिनों में ये आम बात होती है। ऐसे कीड़ों से संक्रमित बैंगन खाने से पेट संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसा बैंगने खाने से पेट में भारीपन, गैस और सूजन महसूस होती है और एलर्जी जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। एक्सपर्ट्स का दावा है, ‘मानसून में बैंगन जल्दी खराब हो जाते हैं और इनमें कीड़े लगने का खतरा ज्यादा रहता है। कुछ लोगों को बैंगन से एलर्जी भी होती है, जिससे पेट दर्द, सूजन और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।’

Topics: मानसून में क्या खाएंफूड सेफ्टी मानसून टिप्सMonsoon vegetables to avoidVegetables to avoid in rainy seasonFood poisoning in monsoonMonsoon Health Tips
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