देहरादून: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर से स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। भ्रष्टाचार को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“मीडिया” से बातचीत में श्री धामी ने कहा कि “ऊपर तक जाता है, ऊपर तक देना होता है ” कह कर पैसा मांगने वाले अधिकारियों कर्मचारियों की शिकायत 1064 पर करें। उन्होंने कहा शिकायतकर्ता को डरने की जरूरत नहीं है, सरकार उन्हें पूर्ण सुरक्षा देगी।
सीएम धामी ने हाल ही में हरिद्वार नगर निगम भूमि घोटाले मामले में दो आईएएस और एक पीसीएस को सस्पेंड कर उनके खिलाफ विजलेंस जांच कराने मामले पर कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग ये कहते थे कि भ्रष्टाचार मामलों में छोटी मछलियां पकड़ी जाती है, बड़ी छूट जाती है जबकि ये आरोप इसलिए गलत है कि हमने पहले भी आईएफएस और अन्य अधिकारियों को भ्रष्टाचार में जेल भेजा है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले दर्जनों लोगों को जेल भेजा उन पर गैंगस्टर तक लगाई है। सरकार ने सख्त नकल विरोधी अध्यादेश भी राज्य में लागू किया, जिसके बाद हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता से रोजगार मिला है।
विपक्ष के आरोपों के सवाल पर सीएम धामी कहते हैं कि हम यही कहते हैं, उनके पास भ्रष्टाचार संबंधी कोई ऐसी शिकायतें है तो वे विजलेंस में प्रमाण सहित दर्ज करवा सकते हैं या उन तक पहुंचा सकते हैं। हम विश्वास दिलाते हैं कि सरकार निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी। श्री धामी ने कहा कि तहसील स्तर पर कार्य संस्कृति में बदलाव की जरूरत है, आम आदमी के कार्यों के प्रति प्रशासनिक अधिकारी ध्यान कम दे रहे हैं इसलिए उनको हिदायत दी गई है। श्री धामी ने कहा कि वे खुद तहसील का औचक निरीक्षण करने जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रमाणपत्रों के आवेदन की संघनता से जांच कर ही प्रमाणपत्रों को समयबद्धता से जारी किया जाएगा।
इस कार्य में कोई शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्री धामी ने कहा कि परिवार रजिस्टर में हेर-फेर करने, फर्जी दस्तावेजों से आधारकार्ड, वोटर कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनाने वाले कर्मचारी भी जांच अधिकारियों की नजर से बचने नहीं चाहिए। सीएम धामी ने कहा कि विजलेंस के रडार पर कई अधिकारी है जिनकी शिकायतें आई है। आय से अधिक संपत्तियों को रखने वाले, बेनामी संपतियों को रखने वाले ऐसे कई अधिकारियों की भी जांच पड़ताल, वित्त एजेंसियां कर सकती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने दो सौ से अधिक भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कारवाई की है और ऐसा किसी भी पूर्ववर्ती सरकार में नहीं हुआ है।
श्री धामी ने कहा कि सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों से कार्य संस्कृति में बदलाव की अपेक्षा है। इस बारे में विभागाध्यक्षों को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं।

















