देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों को हर फॉरेस्ट डिविजन में एक हजार फलदार पेड़ लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि वन्य जीवों के आहार की चिंता भी की जानी चाहिए अन्यथा वन्यजीव भोजन की तलाश में आबादी की तरफ आते है जहां मानव जीव संघर्ष की शुरुआत होती है। श्री धामी ने बुके नहीं बुक दीजिए ये कल्चर स्थापित करने का भी आह्वान किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर सीएम धामी ने अपने आवास पर अपनी पत्नी के साथ एक पेड़ मां के नाम लगा कर , इस सीजन में पेड़ लगाओ अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल और शासन प्रशासन के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्य सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी का विद्यार्थियों ने पुष्प भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया साथ ही उनके द्वारा स्कूली विद्यार्थियों एवं अन्य उपस्थित लोगों के साथ ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली। पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सुंदरलाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार-2025 के लिए चयनित पर्यावरणविद
सीएम धामी ने अपने संबोधन में प्लास्टिक का प्रयोग कम से कम करने के लिए भी आह्वान किया और जंगलों को बचाने के लिए जन सहभागिता पर जोर दिया। उन्होंने ग्लेशियर, नदियों, जल स्रोतों के संरक्षण के साथ साथ जंगलों को आग से बचाने के लिए ठोस कार्ययोजनाएं बनाए जाने को कहा।
वन मंत्री सुबोध उनियाल में जंगलों के संरक्षण में वन विभाग की योजनाओं का उल्लेख किया और पर्यावरण संरक्षण में राज्य सरकार द्वारा किए गए नवाचार के विषय में जानकारी दी। इस अवसर पर पिरुल संग्रह और इको टूरिज्म से जुड़े वृत चित्र भी दिखाए गए।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद वर्धन, पीसीसीएफ हॉफ धनंजय मोहन, पीसीसीएफ भवानी प्रकाश गुप्ता, समीर सिन्हा, कॉर्बेट निदेशक साकेत बडोला ,एडीजी मुरुगेशन, सचिव वन रविशंकर, धीराज गार्बियल, दुर्गेश पंत आदि भी मौजूद रहे।
















