कृषि में निजी क्षेत्र का अंध विरोध करने वाले पंजाब में गोदामों में सड़ रहा अनाज केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने तीन कृषि सुधार अधिनियम लाकर कृषि क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया था ताकि राज्य में कृषि उपज के भंडारण की उचित व्यवस्था हो सके, लेकिन इन कानूनों के अंध विरोध के कारण इन्हें वापस लेना पड़ा। आज पंजाब इस किसान राजनीति का शिकार बनता दिख रहा है, जहां करोड़ों रुपये का अनाज भंडारण के अभाव में सड़ रहा है। इससे राज्य को राजस्व की हानि के साथ-साथ किसानों की मेहनत का भी अनादर हो रहा है।
पंजाब में स्टोरेज संकट की वजह से बीते चार सालों में 8,191 मीट्रिक टन अनाज खराब हो चुका है। देशभर में अनाज खराब होने का यह आंकड़ा सबसे अधिक है। चिंताजनक बात ये है कि 2022-23 में करीब 264 मीट्रिक टन अनाज खराब हुआ था लेकिन अगले वित्त वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा करीब 29 गुना बढक़र 7746 मीटिंग टन पहुंच गया। इस देश में जहां हर साल सैकड़ों लोग भूख से मर जाते हैं, वहां इस तरह के आंकड़े हैरानीजनक हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत इस खराब हुए अनाज से 16 लाख लोगों का पेट भरा जा सकता था।
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, खराब होने वाले अनाज की मात्रा हर साल बढ़ रही है, जिससे भंडारण प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। वर्ष 2019-20 में 56 मीट्रिक टन अनाज खराब हुआ था। वर्ष 2020-21 में घटकर 25 मीट्रिक टन रह गया। वर्ष 2021-22 में इसमें उछाल आया और 100 मीट्रिक टन अनाज खराब हुआ। 2022-23 में 264 मीट्रिक टन अनाज खराब हुआ और फिर कई गुना बढक़र 2023-24 में यह आंकड़ा 7746 मीट्रिक टन हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, रोपड़ डिपो में सबसे अधिक चावल व गेहूं खराब हुआ है। यहां 1483 मीट्रिक टन गेहूं और 1198 मीट्रिक टन चावल खराब हुआ है। इसके बाद ही बठिंडा में दूसरे नंबर 1753 मीट्रिक टन अनाज खराब हुआ, जिसमें 1704 मीट्रिक टन गेहूं और 49.58 मीट्रिक टन चावल शामिल है। इसी तरह संगरूर में 1326 मीट्रिक टन गेहूं और मोरिंडा में 1130 मीट्रिक टन कुल अनाज खराब हुआ, जिसमें 18.07 एमटी गेहूं और 1112 एमटी चावल शामिल है। बलाचौर होशियारपुर में 303 एमटी, पटियाला 87.3 एमटी, कोटकपुरा फरीदकोट में 270 एमटी, खमानों 70.45 एमटी, जालंधर 35 एमटी, पटियाला 54.85 एमटी, मोगा की दो साइलो 3.195 और 28.789 एमटी अनाज खराब हुआ है।

















