अर्धकुम्भ 2019 के मुकाबले 43 करोड़ ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, महाकुंभ नगर की आबादी कई देशों से ज्यादा
August 16, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

अर्धकुम्भ 2019 के मुकाबले 43 करोड़ ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, महाकुंभ नगर की आबादी कई देशों से ज्यादा

महाकुम्भ में अमेरिका की दोगुनी से ज्यादा, पाकिस्तान की ढाई गुना से अधिक और रूस की चार गुनी से ज्यादा आबादी के बराबर श्रद्धालु यहां आए

Written byPanchjanyaPanchjanya
Feb 26, 2025, 09:32 pm IST
inभारत, उत्तर प्रदेश
महाकुंभ की तस्वीर

महाकुंभ की तस्वीर

महाकुम्भ नगर, (हि.स.)। प्रयागराज महाकुम्भ 2025 ने कई नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इन कीर्तिमानों की चर्चा देश-दुनिया में हो रही है। महाकुम्भ में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पुराने रिकॉर्ड तो ध्वस्त किये ही, वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के अनुमान को भी मीलों पीछे छोड़ दिया। सीएम योगी के नेतृत्व में 2019 में प्रयागराज में अर्धकुम्भ आयोजित हुआ था। इसमें 24 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगायी थी। इस महाकुम्भ में महाशिवरात्रि के स्नान के दिन शाम छह बजे तक 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। उप्र सरकार को महाकुम्भ में 45 करोड़ श्रद्धालु आने का अनुमान था। हालांकि श्रद्धालुओं का अंतिम आंकड़ा आना शेष है।

प्रयागराज में 2019 में अर्ध कुंभ मेला 15 जनवरी से चार मार्च तक आयोजित हुआ था। 49 दिन तक चलने वाले इस मेले में 24 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी। अर्ध कुम्भ में महाशिवरात्रि पर चार मार्च को एक करोड़ से अधिक लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई थी। यह संख्या मेला प्रशासन के अनुमान से कहीं अधिक थी। मेला प्रशासन ने 50-60 लाख श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में स्नान करने की संभावना जताई थी। अब तक कुम्भ मेले में 24 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया था।

महाकुम्भ ने नये कीर्तिमान स्थापित किये। प्रदेश की योगी सरकार ने भव्य दिव्य और डिजिटल कुम्भ की सफलता के लिये कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इसका नतीजा भी देखने को मिला। 13 जनवरी को शुरू हुए महाकुम्भ में अंतिम स्नान तक आते आते श्रद्धालुओं की संख्या के सारे अनुमान मीलों पीछे छूट गये। पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गये। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार शाम 6 बजे तक 66.21 करोड़ श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालुओं का अंतिम आंकड़ा आना शेष है।

महाशिवरात्रि का भी रिकॉर्ड टूटा

अर्ध कुम्भ 2019 में महाशिवरात्रि पर एक करोड़ से ​अधिक लोगों ने आस्था की डुबकी लगायी थी। 2025 महाकुम्भ में महाशिवरात्रि के अभी अंतिम आंकड़ें आने बाकी है। शाम 6 बजे तक करीब 1.44 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं।

विश्व में सबसे बड़ा मानव जुटाव बना महाकुम्भ

प्रयागराज में 45 दिन में जुटे श्रद्धालुओं की संख्या दुनिया के 231 देशों की आबादी से ज्यादा है। सिर्फ भारत और चीन की आबादी ही प्रयागराज पहुंचे लोगों की संख्या से ज्यादा रही। विश्व के कुछ सबसे बड़े जुटावों में 2025 के महाकुम्भ मेले से पहले 2019 को प्रयागराज में हुआ अर्ध कुम्भ, 2013 में प्रयागराज में हुआ कुम्भ और 2010 में हरिद्वार में हुआ कुम्भ शामिल है। चौंकाने वाली बात यह है कि दुनिया में किसी भी धार्मिक, सांस्कृतिक या अन्य आयोजनों में इतनी भीड़ नहीं जुटी है। उदाहरण के लिए सऊदी अरब में हर साल होने वाले हज में करीब 25 लाख मुस्लिम मक्का में एकत्रित होते हैं। दूसरी तरफ इराक में हर साल होने वाले अरबईन में दो दिन में 2 करोड़ से अधिक तीर्थयात्री जुटते हैं।

महाकुम्भ नगर की आबादी इन देशों से ज्यादा

सिर्फ भारत और चीन की आबादी ही महाकुम्भ नगर पहुंचे लोगों की संख्या से ज्यादा रही। जहां भारत की अनुमानित आबादी 145 करोड़ है, वहीं चीन की अनुमानित जनसंख्या 141 करोड़ है। इसके बाद नंबर आता है अमेरिका का, जहां की आबादी महज 34 करोड़ है। यानी महाकुंभनगर में पहुंचे लोगों के मुकाबले सिर्फ आधी।

इन देशों की आबादी भी उतनी नहीं 

महाकुम्भ में अमेरिका की दोगुनी से ज्यादा, पाकिस्तान की ढाई गुना से अधिक और रूस की चार गुनी से ज्यादा आबादी के बराबर श्रद्धालु यहां अब तक आ चुके हैं। यही नहीं, जापान की पांच गुना आबादी, यूके की 10 गुना से ज्यादा आबादी और फ्रांस की 15 गुना से ज्यादा आबादी ने यहां आकर त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाई है।

60 फीसदी से अधिक सना​तनियों ने लगायी डुबकी

उप्र सरकार के मुताबिक, सनातन धर्म को मानने वाले दुनिया के 60 प्रतिशत से अधिक लोगों ने संगम में स्नान किया। अमेरिका की दोगुनी, रूस की चार गुनी और जापान की पांच गुनी से अधिक आबादी ने संगम में डुबकी लगाई। उप्र सरकार ने कहा-यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन है। इससे पहले इतनी बड़ी संख्या में लोगों के सहभागी होने के प्रमाण नहीं हैं।

विशेष स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या :

13 जनवरी (पौष पूर्णिमा, महाकुम्भ की शुरूआत) को 1.70 करोड़

14 जनवरी (मकर संक्रांति, प्रथम अमृत स्नान) को 3.50 करोड़

29 जनवरी (मौनी अमावस्या, दूसरा अमृत स्नान) को 7.64 करोड़

03 फरवरी (वसंत पंचमी, तीसरा और अंतिम अमृत स्नान) को 2.57 करोड़

12 फरवरी (माघी पूर्णिमा स्नान) को 2.04 करोड़

Topics: महाकुंभ नगर66 करोड़ श्रद्धालुमहाकुंभ देशों की आबादी
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

माघी पूर्णिमा पर अमृत स्नान करते श्रद्धालु (फाइल फोटो)

सनातन धर्म विरोधी नैरेटिव ध्वस्त, 57 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम स्नान के बाद भी गंगा जल सबसे शुद्ध

श्रद्धालुओं को जलपान कराते संघ के स्वयंसेवक

महाकुम्भ में सेवा और समर्पण की गूंज, RSS के स्वयंसेवक दुनिया को दिखा रहे मानवता की राह

Load More

ताज़ा समाचार

1947 की एक बैठक के दौरान जवाहर लाल नेहरू, लार्ड माउंटबेटन और मोहम्मद अली जिन्ना

विभाजन की विभीषिका : षड्यंत्र का परिणाम पाकिस्तान

सर्वानंद कौल और उनके पुत्र वीरेंद्र कौल

कौल परिवार में जगी न्याय की उम्मीद

निर्मल पुर्जा

स्मृतिशेष : शिखरों से संवाद

फैक्ट चेक: बीजेपी नेता के पुराने वीडियो को स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर विपक्ष ने चलाया गलत नैरेटिव, जानिए पूरा मामला

युवा आबादी भारत की सबसे बड़ी ताकत, डेमोग्राफिक डिविडेंड को राष्ट्रीय शक्ति बनाएं: सरसंघचालक मोहन भागवत

नैनीताल: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी को बताया असंस्कारी, मंच पर फूहड़ नाटक और अमर्यादित भाषा की निंदा

नैनीताल पुलिस ने 15 मुकदमों वाले आरोपी को एनकाऊंटर में गिरफ्तार किया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अखण्ड भारत संकल्प दिवस: विभाजन स्मृति और देश की एकता पर जोर

ध्वजारोहण से लेकर सात घोषणाओं तक: सीएम धामी का स्वतंत्रता दिवस 2026 संदेश

झारखंड छात्रों के आंदोलन पर स्वामी रामदेव का बड़ा बयान, व्यवस्था और नौकरी घोटाले पर उठाए सवाल

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies