महाकुंभ 2025 : त्रिवेणी स्नान कर पीएम मोदी ने दिया विशेष सन्देश, औंधे मुंह गिरा विपक्षी नैरेटिव
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महाकुंभ 2025 : त्रिवेणी स्नान कर पीएम मोदी ने दिया विशेष सन्देश, औंधे मुंह गिरा विपक्षी नैरेटिव

स्मार्ट प्रोटोकॉल अपनाकर महाकुंभ 2025 में पहुंचे पीएम मोदी, त्रिवेणी संगम में स्नान कर की विधिवत पूजा-अर्चना। बिना बोले विपक्षियों को करार जबाव दे गए पीएम मोदी। पढ़ें पूरी खबर..

Written byShivam DixitShivam Dixit
Feb 5, 2025, 06:33 pm IST
inभारत, विश्लेषण, उत्तर प्रदेश

आज जब देश की राजधानी में मतदान हो रहा तो इस अवसर पर पीएम मोदी सनातन के सबसे बड़े समागम महाकुंभ 2025 में सम्मलित होने प्रयागराज पहुंचे. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐसा उदाहरण पेश किया, जो हर वीवीआईपी और नेता के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ में पारंपरिक लाव-लश्कर और भारी सुरक्षा बंदोबस्त की जगह स्मार्ट प्रोटोकॉल अपनाया। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि उनकी मौजूदगी के बावजूद आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

नहीं बंद हुई आम श्रद्धालुओं के लिए एंट्री

महाकुंभ के दौरान पीएम मोदी के आगमन पर मेला क्षेत्र में कहीं भी आम लोगों के लिए एंट्री बंद नहीं की गई। न ही मुख्य मेला क्षेत्र में ट्रैफिक को बदला गया और न ही किसी भी श्रद्धालु को स्नान से रोका गया। इस सादगी भरे प्रोटोकॉल ने श्रद्धालुओं को सहजता से अपने धार्मिक अनुष्ठान पूरे करने का अवसर दिया।

स्टीमर से त्रिवेणी संगम पहुंचे पीएम मोदी

संगम स्नान और पूजा के लिए पीएम मोदी अरैल घाट से त्रिवेणी संगम तक स्टीमर के माध्यम से पहुंचे। पीएम मोदी के इस जल रूट से संगम क्षेत्र में महाकुंभ स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ पर कोई असर नहीं पड़ा और ना ही सुरक्षा के नाम पर किसी भी श्रद्धालु को किसी भी तरह की असुविधा का सामना करना पड़ा।

केवल दो घंटे में की विधिवत पूजा-अर्चना

प्रधानमंत्री मोदी महाकुंभ में केवल मात्र दो घंटे रुके और इस दौरान उन्होंने बिना किसी अतिरिक्त तामझाम के विधिवत पूजा-अर्चना की। उनके इस कदम से न केवल प्रशासनिक दबाव कम हुआ, बल्कि आम लोगों को भी किसी भी तरह की असुविधा का सामना करना पड़ा।

विपक्ष का बेतुका विमर्श ध्वस्त

जो विपक्ष कई दिनों से पीएम मोदी के आगमन और प्रोटोकॉल को लेकर महाकुंभ श्रद्धालुओं की समस्याओं और VVIP सुविधाओं का बेतुका ढोल पीट रहा था, उसका पूरा विमर्श औंधे मुंह गिर गया। विपक्ष ने भी कभी नहीं सोचा था कि बिना एक शब्द कहे ही पीएम मोदी उन्हें ऐसा जवाब देकर जाएंगे, जो एक नजीर बन जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल सामान्य श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी, बल्कि स्मार्ट प्रोटोकॉल अपनाकर यह सिद्ध किया कि बड़े आयोजनों में लाव-लश्कर और भारी सुरक्षा से बचा जा सकता है। उनके इस कदम ने विपक्ष की आलोचना को पूरी तरह निष्प्रभावी बना दिया और यह संदेश दिया कि नेतृत्व दिखावे से नहीं, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशीलता से तय होता है।

अन्य नेताओं को भी सीख दे गए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ में सादगी और अनुशासन का जो उदाहरण पेश किया है, वह अन्य वीवीआईपी और नेताओं के लिए सीख लेने का अवसर है। बड़े धार्मिक आयोजनों में लाव-लश्कर और भारी सुरक्षा की जगह सामान्य श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

Topics: महाकुंभ 2025Triveni Sangam Prayagrajmaha kumbh 2025VVIP protocol in Maha Kumbhप्रयागराज कुंभ 2025Narendra Modi Maha Kumbh Yatraपीएम मोदी संगम स्नानPM Modi's reply to the oppositionमहाकुंभ में वीवीआईपी प्रोटोकॉलSmart Protocol PM Modiनरेंद्र मोदी महाकुंभ यात्राMaha Kumbh devotees facilityविपक्ष पर पीएम मोदी का जवाबPM Modi ordinary travelस्मार्ट प्रोटोकॉल पीएम मोदीमहाकुंभ श्रद्धालु सुविधापीएम मोदी साधारण यात्राPM Modi Sangam bath
Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
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