आक्रोश असीमित
September 21, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

आक्रोश असीमित

बांग्लादेश मेें हिंदुओं की हत्या पर पूरे भारत के हिंदू आक्रोशित हैं। हिंदू सड़कों पर उतर कर बांग्लादेश सरकार को सचेत कर रहे हैं कि जिहादी सोच ठीक नहीं है, इस पर लगाम लगे

Written byPanchjanyaPanchjanya
Dec 14, 2024, 07:33 am IST
inभारत, विश्व, संघ @100
अमदाबाद में प्रदर्शन करते लोग।

अमदाबाद में प्रदर्शन करते लोग।

भुवनेश्वर की रैली में शामिल संत और आम जन

गत 11 दिसंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनील आंबेकर ने नई दिल्ली में कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए भारत सरकार को और प्रयास करने चाहिए। उम्मीद है कि बातचीत से उपाय निकल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो और कुछ उपाय खोजने होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि बांग्लादेश में मुगल शासन चल रहा है। वहां हमारे मंदिर जलाए जा रहे हैं, मंदिरों को लूटा जा रहा है, हमारी महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। हमें गुस्सा आना चाहिए। केवल दुखी होकर बैठने से कुछ नहीं होगा।

रांची में रैली करते लोग

11 दिसंबर को गोरखपुर में हिंदुओं ने विशाल रैली की। वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जा हो रहा है, वह बहुत ही दुखद है। इसे हिंदू किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
10 दिसंबर को सिविल सोसाइटी आफ दिल्ली और 200 से अधिक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर विरोध मार्च का आयोजन किया।

इस अवसर पर आयोजित सभा में साध्वी दीदी मां ऋतंभरा, इस्कॉन के केशव मुरारी, इंडिया सेंट्रल एशिया फाउंडेशन के निदेशक रमाकांत द्विवेदी, दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव, बांग्लादेश में भारत की उच्चायुक्त रहीं वीणा सिकरी, बौद्ध संत राहुल भंते, सामाजिक कार्यकर्त्ता रुद्रनील घोष, कोलकाता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं भाजपा सांसद अभिजीत गांगुली जैसे लोगों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह बांग्लादेश में अत्याचार एवं नरसंहार का सामना कर रहे हिंदुओं के मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रभावी कदम उठाए। सिविल सोसाइटी आफ दिल्ली द्वारा बांग्लादेश के उच्चायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

ज्ञापन में याद दिलाया गया कि भारत एवं बांग्लादेश के मजबूत सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं तथा भारत के लोग बांग्लादेश की स्वतंत्रता की लड़ाई के साथ एकजुटता में खड़े रहे। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान भारतीय सैनिकों ने बांग्लादेशी लोगों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी, और पाकिस्तान द्वारा किए गए हिंसा, शोषण और नरसंहार से बांग्लादेश को मुक्त करने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। हालांकि, हाल के वर्षों में बांग्लादेश में स्थिति काफी खराब हो गई है, खासकर पांथिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों के संबंध में।

गोरखपुर में प्रदर्शन करते हिंदू

बांग्लादेश में 5 अगस्त, 2024 के बाद हिंदुओं एवं अन्य पांथिक अल्पसंख्यकों की स्थिति तेजी से खराब हुई है। सिविल सोसाइटी आफ दिल्ली द्वारा ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई कि बांग्लादेश में हिंदुओं एवं अन्य अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों की रक्षा की जाए। हिंदुओं तथा अन्य पांथिक अल्पसंख्यकों को शांतिपूर्ण सह अस्तित्व अधिकार मिलना चाहिए तथा उनके खिलाफ जारी हिंसा समाप्त होनी चाहिए।

10 दिसंबर को रांची में भी हजारों हिंदुओं ने बांग्लादेश के विरोध में प्रदर्शन किया और कहा कि बांग्लादेश की सरकार हिंदुओं की रक्षा करे, नहीं तो भारत सरकार वहां की स्थिति को देखते हुए कोई कड़ा निर्णय ले।

देहरादून में भी हिंदुओं ने ऐसा ही प्रदर्शन किया। इसमें हजारों हिंदू शामिल हुए। सबने एक स्वर से कहा कि अब हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चंडीगढ़ में प्रदर्शन

दिल्ली में घुसपैठियों में खलबली

बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचारों के बीच दिल्ली में बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों की पहचान का काम शुरू हो गया है। उप राज्यपाल वी.के. सक्सेना के आदेश पर दिल्ली पुलिस की एक टुकड़ी ने 11 और 12 दिसंबर को कालिंदी कुंज, मदनपुर खादर जैसे इलाकों में जाकर घुसपैठियों का विवरण जमा किया। हालांकि पुलिस के आने की भनक लगते ही कुछ घुसपैठिए वहां से भाग गए।

पुलिस उनकी जानकारी लेने का प्रयास कर रही है। बता दें कि कई संगठनों ने उप राज्यपाल से मांग की थी कि दिल्ली में रह रहे मुस्लिम घुसपैठियों को भगाया जाए, क्योंकि वे लोग देश के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। इसे देखते हुए ही उप राज्यपाल ने घुसपैठियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा है।

चंडीगढ के सेक्टर 17 में हिंदुओं ने विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया। लोग तख्तियां लेकर हिंदुओं पर अत्याचार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

ओडिशा में अलग-अलग दिनों में कई स्थानों पर हिंदुओं ने प्रदर्शन कर बांग्लादेशी हिंदुओं की रक्षा करने की मांग की। भुवनेश्वर, भद्रक, केंदुझर, कंधमाल, कटक, बारिपदा और खोरधा में हिंदुओं ने प्रदर्शन और रैली निकालकर बांग्लादेश सरकार को चेताया कि वह हिंदुओं को हल्के में न ले।

भुवनेश्वर की रैली में वक्ताओं ने कहा कि जिहादियों के हमले व वहां की सरकार की वजह से बांग्लादेश में हिंदुओं का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। इसलिए सारे विश्व के हिंदुओं को एकजुट होने की आवश्यकता है। भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी मुसलमानों की शीघ्र पहचान कर उन्हें तत्काल बांग्लादेश भेजे जाने की आवश्यकता है। बांग्लादेश के प्रताड़ित हिंदुओं के लिए भारत सरकार को हर संभव कदम उठाना चाहिए।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रदर्शन कर रहे हिंदुओं को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि देश में करीब दो करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। हमें उन्हें निकालने के लिए सड़कों पर उतरना होगा, तभी बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या बंद होगी।

Topics: Cultural OrganizationExistence of Hindus in Bangladeshराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघRashtriya Swayamsevak Sanghबांग्लादेशपाञ्चजन्य विशेषबांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहारसिविल सोसाइटी आफसांस्कृतिक संगठनCivil Society of Bangladesh
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

किशाऊ परियोजना और सहकारी संघवाद की असली परीक्षा

बढ़ता प्रभाव, बढ़ती जिम्मेदारी

‘भारत बन रहा आर्थिक सेतु’

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर द्वारा रचित प्राचीन ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन : बदलती वैश्विक भूमिका

mathura rss paryavaran sanrakshan gatividhi kund pujan water conservation

राधाष्टमी पर RSS स्वयंसेवकों की सराहनीय पहल: मथुरा में जलाशयों और कुंडों हुआ पूजन, लोगों ने ली अनोखी शपथ

दिल्ली विश्वविद्यालय में लहराया एबीवीपी का परचम

DUSU चुनाव रिजल्ट : दुनिया ने फिर देखा दम, DUSU में फिर गूंजा ABVP का परचम! छात्रों ने लहराया भगवा

Load More

ताज़ा समाचार

आज का श्लोक : त्रेतायां मंत्र-शक्तिश्च, ज्ञानशक्तिः कृते युगे

आज का राशिफल

21 सितंबर राशिफल: आज किसके बनेंगे बिगड़े काम और किसे बरतनी होगी सावधानी? जानें सभी 12 राशियों का हाल

bhopal rashtriya sansthan chhatra samvad dattatreya hosabale

नई पीढ़ी का प्रश्न पूछना भारतीय परंपरा का हिस्सा, युवाओं के प्रश्नों को सुनने और समझने की जरूरत: दत्तात्रेय होसबाले

Delhi Janakpuri Hyatt Hotel Conversion Controversy Hindutva Protest Najafgarh Road Panchjanya

दिल्ली के 5 स्टार हयात होटल में कन्वर्जन का आरोप! 800 लोगों से फॉर्म भरवाने का दावा, बवाल के बाद सड़क जाम

RSS Centenary Bhopal Swayamsevak Ekagrikaran Dattatreya Hosabale Lal Parade Ground Panchjanya

“भारत अविनाशी और मृत्युंजयी राष्ट्र है”: सरकार्यवाह जी ने 30 हजार स्वयंसेवकों को दिया ‘शाखा से राष्ट्रनिर्माण का मंत्र’

devbhoomi cultural festival 2026 badrinath cm dhami

देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 का समापन: बदरीनाथ में सीएम धामी ने कहा- लोक संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ना जरूरी

किशाऊ परियोजना और सहकारी संघवाद की असली परीक्षा

Uttarakhand MBBS Fake Certificate SIT

MBBS में फर्जी सर्टिफिकेट से एडमिशन पर एक्शन : उत्तराखंड में बनी 5 सदस्यीय SIT, पटवारियों से पूछताछ!

cm pushkar singh dhami badrinath master plan katha mahotsav

बद्रीनाथ पहुंचे सीएम धामी: भगवान बदरीविशाल के किए दर्शन, मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा

“अजीत डोभाल पर टिप्पणी हर देशभक्त उत्तराखंडी का अपमान” : राहुल गांधी पर BJP का कड़ा प्रहार, जानिए क्या है पूरा मामला!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies