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संसार में संस्कृति का विस्तार

दुनिया में सनातन धर्म का पताका फहरा रही है। विदेशों में रहने वाले हिंदू न सिर्फ अपने बच्चों, बल्कि विदेशियों को भी सनातन धर्म, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से परिचत करा रहे हैं और उनमें ‘स्व’ का भाव जगा रहे हैं

Written byरवि कुमाररवि कुमार
Aug 16, 2024, 04:15 pm IST
inविश्व, विश्लेषण, धर्म-संस्कृति
बैंकॉक में नवरात्रि पर शोभा यात्रा निकालते थाई और चीनी नागरिक

बैंकॉक में नवरात्रि पर शोभा यात्रा निकालते थाई और चीनी नागरिक

विश्व भर में हिंदुत्व और हिंदू धर्म का प्रसार हो रहा है। आज विश्व में हिंदू धर्म के लगभग 120 करोड़ अनुयायी हैं, जो दुनिया की आबादी का 15 प्रतिशत है। वहीं, ईसाई 31.5 प्रतिशत और इस्लाम 23.3 प्रतिशत हैं। 100 करोड़ से अधिक हिंदू आबादी वाला भारत व 2 करोड़ हिंदुओं वाला नेपाल ही हिंदू बहुल राष्ट्र हैं। बड़ी हिंदू आबादी वाले अन्य देश हैं-बांग्लादेश (1.40 करोड़), पाकिस्तान (52 लाख), इंडोनेशिया (50 लाख, बाली में 87 प्रतिशत हिंदू हैं), अमेरिका (33 लाख), श्रीलंका (26 लाख), मलेशिया (20 लाख), इंग्लैंड (10 लाख), म्यांमार (9 लाख), कनाडा (8 लाख), आस्ट्रेलिया (7 लाख), मॉरीशस (7 लाख), दक्षिण अफ्रीका (5 लाख) और संयुक्त अरब अमीरात (5 लाख)।

रवि कुमार
सदस्य, अखिल भारतीय सम्पर्क टोली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

प्रवासी हिंदुओं ने दुनिया भर में हजारों छोटे-बड़े मंदिर बनाए हैं। इनमें बच्चों को वेद-पुराण, रामायण, हिंदी, पंजाबी, बंगाली, मराठी, गुजराती, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ आदि भारतीय भाषाएं सिखाने के लिए सप्ताहांत कक्षाएं, युवाओं को हिंदू धर्म की मूल बातें सिखाने के लिए नियमित रूप से शिविर व कार्यशालाएं भी आयोजित की जाती हैं। साल दर साल साड़ी, कुर्ता, पायजामा जैसी भारतीय पोशाकों की बढ़ती मांग को पूरा करने वाले हजारों भारतीय सुविधा स्टोर और रेस्तरां भी हैं। दुनिया में भारतीय परंपरा, धर्म-संस्कृति ही नहीं, भारतीय भाषाओं का प्रचार-प्रसार भी हो रहा है। खासतौर से अरब, मलेशिया, थाईलैंड सहित कुछ देशों में हिंदी और तमिल फिल्में पसंद की जा रही हैं। जापानी तो रजनीकांत की तमिल फिल्में बहुत पसंद करते हैं।

तमिल त्योहार थाईपुसम : थाईपुसम (ताइपुकम) तमिल हिंदू त्योहार है, जो भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की राक्षस सुर्पदमन पर विजय की खुशी में मनाया जाता है। यह तमिल माह थाई की पहली पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो पूसम नक्षत्र के साथ मेल खाता है। इसे भारत में 8 करोड़ तमिल ही नहीं, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिजी, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, सिंगापुर, री-यूनियन व मॉरीशस के 80 लाख तमिल हिंदू भी हर्षोल्लास से मनाते हैं। 48 दिन पहले से इसकी तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस दौरान श्रद्धालु ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं, शाकाहारी भोजन करते हैं और पीले व केसरिया वस्त्र पहनते हैं। कुछ लोग कांवड़ के रूप में दूध का पात्र ले जाते हैं और भगवान मुरुगन को अर्पित करते हैं। मलेशिया में कुआलालंपुर के पास बातू गुफाओं में स्थित शनमुग मंदिर में 20 लाख से अधिक तमिल हिंदू श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे बड़ी वार्षिक सभा भी है।

बट्टू गुफाओं में भगवान मुरुगन की 140 फीट ऊंची प्रतिमा है। यह मलेशिया की सबसे ऊंची और दुनिया में कार्तिकेय की सबसे ऊंची मूर्तियों में से एक है। मुस्लिम बहुल मलेशिया में कन्वर्जन, हिंदू मंदिरों के विनाश जैसे मजहबी अत्याचारों के बावजूद हिंदुओं ने अपने धर्म, रीति-रिवाज और दीपावली, पोंगल, नवरात्रि व थाईपुसम जैसे त्योहार मनाना नहीं छोड़ा है। पूरे मलेशिया में 800 से अधिक मंदिर हैं।

तमिल त्योहार थाईपुसम मनाते मलेशियाई नागरिक

बैंकॉक में नवरात्रि : बैंकॉक (थाईलैंड) में श्री मरिअम्मन मंदिर माता पार्वती का मुख्य मंदिर है। यहां हर वर्ष अक्तूबर-नवंबर में नवरात्रि पर शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें 60,000 से अधिक तमिल-थाई बहिर्विवाहित हिंदू भाग लेते हैं। 10 दिनों तक चलने वाले इस पर्व के अंतिम दिन शोभायात्रा से पहले मंदिर के सामने की सड़क को पीले फूलों की मालाओं और मोमबत्तियों से सजाया जाता है, फिर श्री मरिअम्मन की शोभायात्रा निकलती है, जिसमें 90% से अधिक श्रद्धालु चीनी व थाई होते हैं। अधिकांश थाई और चीनी नागरिक पीले व भगवा झंडों से अपनी दुकानें सजाते हैं और नौ दिन तक मांसाहारी भोजन बेचने व खाने से परहेज करते हैं। थाईलैंड के कई विश्वविद्यालयों में संस्कृत पढ़ाई जाती है। थाईलैंड की राजकुमारी ने तो संस्कृत में कई गीत भी लिखे हैं।

यूएई में कृष्ण मंदिर : संयुक्त अरब अमीरात में तीन मंदिर हैं। इनमें दो दुबई में और एक मंदिर अबू धाबी में है। दुबई में श्रीकृष्ण मंदिर का निर्माण 1958 में किया गया था। दूसरा मंदिर सिख गुरुद्वारे के पास जेबेल अली गांव में है। इसमें शिव, कृष्ण, गणेश व महालक्ष्मी सहित 16 देवता हैं। लगभग 816 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मंदिर को 5 अक्तूबर, 2022 को खोला गया था। अबू धाबी स्थित तीसरे भव्य मंदिर, जिसे बीएपीएस हिंदू मंदिर नाम से जाना जाता है। यूएई सरकार से दान में मिले 27 एकड़ में लगभग 700 करोड़ रुपये में बने इस मंदिर का उद्घाटन 14 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके अलावा, दुबई में गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार 10,000 से अधिक लोगों को सेवा प्रदान करता है।

20 करोड़ डॉलर से निर्मित जेबेल अली में बड़ा गुरुद्वारा अक्तूबर 2022 में खोला गया था। इसमें अप्रवासी भारतीयों की अगली पीढ़ी में धार्मिक मूल्य को विकसित करने के लिए शनिवार को तीन घंटे के विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं। इसमें उन्हें सिखाया जाता है कि ‘कीर्तन’ व पूजा स्थलों पर कैसे व्यवहार करना चाहिए। अरब में कई स्थानीय पुरुषों और महिलाओं को भजन गाते हुए देखा जा सकता है। इसी तरह, योग पूरे अरब, ईरान व तुर्की में लोकप्रिय है। योगी हैदर (शमशाद हैदर) 1994 से पाकिस्तान में योग सिखा रहे हैं। उनका संगठन इस्लामाबाद, कराची, रावलपिंडी व लाहौर में 10,000 से अधिक छात्रों को योग सिखाता है। कई प्रतिष्ठित लोग उनके अनुयायी हैं। अरबी महिलाओं में त्वचा रोग को देखते हुए आयुर्वेदिक बुर्का भी लोकप्रिय हो रहा है।

सनातन परंपरा के पोषक : ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति सनातन परंपरा की पोषक हैं। इसी तरह, भारतीय मूल के लियो वराडकर 2022 में आयरलैंड के प्रधानमंत्री बने। डॉ. आनंद सत्यानंद 2006 से 2011 तक न्यूजीलैंड के गवर्नर जनरल रहे। त्रिनिदाद और टोबैगो के प्रधानमंत्री बासदेव पांडे ने 14 जनवरी, 2000 को 50,000 हिंदुओं की सभा में हनुमान चालीसा गाकर तीसरी सहस्राब्दी का स्वागत किया था। 2016 में कमला प्रसाद बिसेसर ने भगवद्गीता पर हाथ रखकर त्रिनिदाद के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 2020 में चंद्रिका प्रसाद संतोकी ने संस्कृत में सूरीनाम के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।

अमेरिका में भारतीय : सभी अमेरिकी कॉलेज भारतीय छात्रों से भरे हुए हैं। गूगल, आईबीएम व माइक्रोसॉफ्ट जैसी कई प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ भारतीय हैं। अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भारतीय मूल की हैं। अमेरिका की कुल आबादी में भारतीय एक प्रतिशत से भी कम हैं। इनमें पटेल 0.1 प्रतिशत से भी कम हैं, फिर भी उनके पास 70 प्रतिशत मोटल हैं। यह सब उन्होंने 50 वर्ष में हासिल किया है।

Topics: Hindutva and HinduismKrishna Temple in UAENurturers of Sanatan TraditionIndians in AmericaNavratri in Bangkokपाञ्चजन्य विशेषTamil Festival Thaipusamहिंदुत्व और हिंदू धर्मयूएई में कृष्ण मंदिरसनातन परंपरा के पोषकअमेरिका में भारतीयबैंकॉक में नवरात्रितमिल त्योहार थाईपुसम
रवि कुमार
रवि कुमार
सदस्य, अखिल भारतीय सम्पर्क टोली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ [Read more]
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