उत्तराखंड: हल्द्वानी में अवैध मजारों के जरिए जमीन कब्जाने का 'खेल' , शहरी क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक मजारें
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उत्तराखंड: हल्द्वानी में अवैध मजारों के जरिए जमीन कब्जाने का ‘खेल’ , शहरी क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक मजारें

देवभूमि उत्तराखंड में एक योजनाबद्ध तरीके से अवैध मजारें बना कर सरकारी जमीनों पर कब्जा कर वहां से धार्मिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।

Written byदिनेश मानसेरादिनेश मानसेरा
Jul 26, 2024, 11:21 am IST
in उत्तराखंड
Uttarakhand mazars

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में योजनाबद्ध तरीके से अवैध मजारें बना कर सरकारी जमीनों पर कब्जा कर वहां से मजहबी गतिविधियां चलाई जा रही हैं। उत्तराखंड सरकार ने इन्हें ध्वस्त कर इन पर अंकुश तो लगाया है, लेकिन अभी भी बहुत से अवैध अतिक्रमण हैं जिन्हें हटाया जाना है। खास बात ये कि ये अवैध मजारें संवेदनशील स्थानों पर बनी हुई हैं।

हल्द्वानी में कैंट एरिया के पास आवास विकास के पीछे विनायक संपत्ति के पास मजार बना दी गई। काठगोदाम रेलवे स्टेशन के पीछे वन भूमि पर कब्जा कर मजार और आलीशान इमारत बना दी गई, यहां वन विभाग ने नोटिस जारी किया है।

बीती रात सड़क चौड़ीकरण को लेकर काठगोदाम रेलवे परिसर के पास बनी एक मजार को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध दर्ज किया। ये कथित मजार अभी तक झाड़ियों में छुपी थी, जैसे ही सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ इसके खादिम सामने आ गए और इस मजार को शिफ्ट करने की एवज में भूमि मांगने लगे जिसके विरोध में हिंदू संगठन सामने आए। इसके बाद प्रशासन के अधिकारियों ने पहुंच कर मामले को शांत करवाया।

हल्द्वानी के राजपुरा में एफसीआई के गोदाम में मजार बना दी गई, ये कैसे बनी? इसकी कोई जानकारी नहीं है। ऐसे ही राजपुरा में एक और मजार बना दी गई और उसके इर्दगिर्द मुस्लिम आबादी ने कब्जे कर लिया और जमीनों की स्टांप पेपर पर खरीद फरोख्त का धंधा चल रहा है। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से थोड़ा आगे बनभूलपुरा क्रॉसिंग के पास मजार बना दी गई। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के भीतर मजार, बरेली रोड शमा रेस्त्रां के पीछे मजार, रामपुर रोड में पेट्रोल पंप के पास मजार कैसे बन गई? इस पर सवाल उठ रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: उत्तराखंड: गौ तस्करों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5000 के इनामी तस्लीम और वजीर गिरफ्तार

हल्द्वानी काठगोदाम का कुल क्षेत्रफल 15 किलोमीटर का भी नहीं है और यहां एक दर्जन से ज्यादा कथित पीर फकीरों की मजारें बन गई जिनका कभी नाम भी यहां के लोगों ने नहीं सुना था। कुछ पुराने मुस्लिम परिवार भी ये कहते हैं कि न जानें किसने और क्यों मजारें बना दीं।

आखिर ये सवाल भी उठना लाजमी है कि हल्द्वानी में आखिर कितने कथित पीर फकीर दफनाए गए? खास बात ये है कि देवबंदी मुस्लिम मजारों पर सजदा नहीं करते तो इन्हें किस उद्देश्य के लिए बनाया गया? बहरहाल हल्द्वानी को एक योजनाबद्ध तरीके से कट्टरपंथी घेर रहे हैं, खुफिया रिपोर्ट्स में ये भी बताया गया है कि जमीयत का एक मरकज हल्द्वानी में अपना केंद्र बना कर यहां कट्टरपंथ के बीज बो रहा है। हल्द्वानी बनभूलपुरा हिंसा मामले में भी इस बात के संकेत मिले हैं जिस पर पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियों ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

Topics: Haldwani Newsउत्तराखंडUttarakhandillegal mazar in uttarakhandउत्तराखंड में अवैध मजारहल्द्वानी न्यूज
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