पश्चिम बंगाल में भाजपा महिला कार्यकर्ताओं के साथ शर्मसार करने देने वाली घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में कूचबिहार में टीएमसी के गुंडों ने भाजपा की महिला नेता को निर्वस्त्र कर उसे बेरहमी से पीटा था। अब घटना के 10 दिन बाद घोक्सादांगा पुलिस ने पीड़िता को जांच के लिए अपना ब्लाउज और पेटीकोट जमा करने को कहा है। इस घटनाक्रम की पुष्टि भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर की है। उन्होंने शनिवार (6 जुलाई 2024) सुबह घोक्सादांगा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक अविजित सरकार द्वारा महिला को सीआरपीसी की धारा 91 के तहत जारी एक नोटिस भी साझा किया है। नोटिस के अनुसार, पीड़िता को शनिवार (6 जुलाई) सुबह 10 बजे अपनी साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट, जो उसने घटना के समय पहना हुआ था उसे पुलिस स्टेशन में जमा करने के लिए कहा गया है।
सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस की आलोचना करते हुए एक्स पर लिखा, “पीड़ित को पीड़ित करने का क्लासिक मामला! जरा, ममता पुलिस का दुस्साहस तो देखिए। वे महिला से, जो भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की नेता है। जिसे कूचबिहार जिले में टीएमसी के गुंडों द्वारा निर्वस्त्र कर दिया गया, उससे छेड़छाड़ की गई और बेरहमी से पीटा गया। अपराधियों ने जघन्य अपराध को अंजाम देते समय उसके जबरदस्ती कपड़े तक फाड़ दिए। उससे ये पुलिस वाले फटे कपड़े मांग रहे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा, ”महिला के परिवार वालों को वह जमीन पर बेहोश पड़ी हुई मिली थी। उस वक्त उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। वह पूरी तरह से निर्वस्त्र थी। इसका उल्लेख एफआईआर में स्पष्ट रूप से किया गया है। मैंने अपनी पिछले पोस्ट में भी इस मुद्दे को उठाया है। मैंने यह भी मांग की है कि इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके, क्योंकि पुलिस का इरादा अपराधियों को सजा दिलाना नहीं है, बल्कि उन्हें बचाना है। पीड़िता का एकमात्र दोष यह है कि वह भाजपा से जुड़ी हुई है और उसने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर काम किया है।”
सुवेंदु अधिकारी ने इसे जांच अधिकारी (आईओ) का शर्मनाक और घिनौने कृत्य बताते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि पुलिस केवल पीड़िता को परेशान करने की कोशिश कर रही है। घोक्सादांगा थाने के जांच अधिकारी और प्रभारी अधिकारी को उनके पक्षपातपूर्ण रवैये और पीड़िता को अपमानित करने के लिए तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।
बता दें कि यह घटना 25 जून 2024 को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी के गुंडों के एक समूह ने भाजपा महिला कार्यकर्ता को निर्वस्त्र कर पहले उसको बालों से पकड़कर 1 किलोमीटर तक घसीटा और फिर एक घंटे से अधिक समय तक बेरहमी से पीटा, जिसके बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, टीएमसी के लोगों ने 4 जून 2024 को लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद महिला को उसके घर से बाहर निकलने से रोक दिया था।

















