वाराणसी : मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही में बनेगा संग्रहालय, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने की घोषणा
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वाराणसी : मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही में बनेगा संग्रहालय, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने की घोषणा

इस संग्रहालय के माध्यम से उपन्यास सम्राट के प्रशंसकों को उनके जीवन से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी

Written byसुनील रायसुनील राय
Nov 6, 2023, 07:07 pm IST
in उत्तर प्रदेश
वाराणसी में उपन्यासकार सम्राट मुंशी प्रेमचंद के पैतृक गांव लमही में संग्रहालय बनेगा

वाराणसी में उपन्यासकार सम्राट मुंशी प्रेमचंद के पैतृक गांव लमही में संग्रहालय बनेगा

वाराणसी में उपन्यासकार सम्राट मुंशी प्रेमचंद के पैतृक गांव लमही में संग्रहालय बनेगा। इसके लिये 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन की अनुमति के लिये भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलते ही संग्रहालय के निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस संग्रहालय के कई भाग होंगे। जिसमें वर्चुअल म्यूजियम के अलावा गृहस्थी के समान तथा उनकी स्मृतियों से जुड़ी हुई अन्य सामग्री रखी जायेगी। इस संग्रहालय के माध्यम से उपन्यास सम्राट के प्रशंसकों को उनके जीवन से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज की विडम्बनओं का चित्रण किया। उनकी रचना में समाज का वास्तविक चेहरा उभर कर आता है। उन्होने सामाजिक कुरीतियों के प्रति जन चेतना जगाई। वास्तव में कहा जाये तो उन्होने समाज में व्याप्त तमाम विकृतियों को अपनी रचना में जहाँ एक ओर रेखांकित किया वहीं दूसरी ओर उनके समाधान का तरीका भी बताया। ऐसे कालजयी लेखक के सम्पूर्ण जीवन के घटनाक्रम को इस संग्रहालय में स्थान प्राप्त होगा। आज की नयी पीढ़ी मुंशी प्रेमचंद को करीब से जान सकेगी।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि वर्तमान समय में उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद का गांव लमही पर्यटन स्थल है। कुछ साहित्य प्रेमी तो उनके पैतृक आवास को एक मंदिर मानते हैं। वहां तीन भवन हैं। एक भवन का हाल में ही निर्माण हुआ है। इसमें पर्यटन विभाग वर्चुअल म्यूजियम बनाएगा। यहां लोगों को उपन्यास सम्राट की ऑनलाइन किताबें, तस्वीर व उनके जुड़े अन्य संग्रह देखने-पढ़ने के लिए उपलब्ध होंगी। दूसरा भवन वह है जहां मुंशी प्रेमचंद रहते थे। यहां उनकी गृहस्थी से जुड़ी लगभग सभी वस्तुओं का संग्रह किया जायेगा। चाहे वह चारपाई हो या बिस्तर, चूल्हा-चौका हो या बर्तन। इसके लिए शोध भी कराया जाएगा। तीसरा स्थान, जहां स्मारक बना है और लमही महोत्सव का आयोजन होता है। वहां लैंडस्केप आदि बनाए जाएंगे।

जयवीर सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग यहां संग्रहालय के साथ-साथ पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं भी विकसित करेगा। लोगों के प्रस्ताव के मुताबिक पाथवे, बेंच, लाइटिंग आदि का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद्र के गांव लमही में संग्रहालय बनने से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। उनके प्रशंसक एक साधारण शिक्षक से महान साहित्यकार बनने तक की यात्रा को जान सकेंगे। साथ ही यह पर्यटकों के लिए बेहद पसंदीद स्थल है। संग्रहालय के साथ ही बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग महापुरूषों, लेखकों तथा साहित्यकारों से जुडें स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर गम्भीरता से विचार कर रहे हैं।

Topics: मुंशी प्रेमचंदलमही वाराणसीउपन्यास सम्राटपर्यटन मंत्री जयवीर सिंह
सुनील राय
सुनील राय
ब्यूरो चीफ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश [Read more]
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