Social Justice Movement: एक छलावा, इजरायल पर हमास के हमले के बाद उतरा नकाब, 7 अक्टूबर 2023 की तारीख ने खोली आंखें
June 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

Social Justice Movement: एक छलावा, इजरायल पर हमास के हमले के बाद उतरा नकाब, 7 अक्टूबर 2023 की तारीख ने खोली आंखें

सामाजिक न्याय या सोशल जस्टिस के नाम पर कई युवा कई बार समाज को तोड़ने वाले एजेंडे का शिकार हो जाते हैं

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Nov 3, 2023, 05:23 pm IST
in विश्व
Cruelty to a woman, Israel

इजरायल में महिला के साथ की गई नृशंसता (फोटो- वीडियो फुटेज)

सामाजिक न्याय या सोशल जस्टिस के नाम पर कई युवा कई बार समाज को तोड़ने वाले एजेंडे का शिकार हो जाते हैं, जैसा हमने भारत में लगातार देखा है। भारत में नागरिकता संशोधन विरोधी आन्दोलन हो या फिर कृषि कानूनों का विरोध करने वाले आन्दोलन, सभी में सामाजिक न्याय के नाम पर भारत के सामाजिक तानेबाने को छिन्न-भिन्न करने के लिए हरसंभव कदम उठाए गए थे।

विशेषकर नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करने वाले आन्दोलन में, जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान से पीड़ित होकर आए हिन्दुओं के लिए नागरिकता और न्याय का विरोध किया गया था। और वह सब किया गया था उन लोगों द्वारा जो कथित सामाजिक न्याय की घुट्टी विद्यार्थियों को पिलाते हैं। और उन्हें समाज के विरुद्ध खड़ा कर देते हैं। मगर जब कोई ऐसी घटना होती है, जिस पर सामाजिक न्याय का विकृत एजेंडा चलाने वालों की प्रतिक्रिया नहीं आती है तो हजारों ऐसे लोग होते हैं, जो सत्य देखते हैं। वह एजेंडे की परत तोड़कर देखते हैं। भारत में वह देखते हैं कि सामाजिक न्याय की बात करने वाले कभी कश्मीरी पंडितों के जीनोसाइड की बात नहीं करते, वह मोपला में हुए हिन्दुओं के जीनोसाइड को किसान विद्रोह बताकर पूरा विमर्श बदलते हैं, उनके लिए गिरिजा टिक्कू की जिंदा कटने की पीड़ा और कश्मीरी पंडितों के दुधमुंहे बच्चों की हत्या कोई मायने नहीं रखती है और तब उन्हें समझ आता है कि दरअसल यह सारा कथित सामाजिक न्याय एक छलावे के अतिरिक्त और कुछ नहीं है।

वह देखते हैं कि रोज दिनदहाड़े पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों का अपहरण और उनका जबरन निकाह हो रहा है, मगर “देह ही देश है” लिखने वाली लेखिकाओं की चुप्पी उन लड़कियों की पीड़ा पर नहीं टूटती! आठ साल से लेकर 40 साल तक की हिन्दू महिलाएं वहां पर शिकार हो रही हैं, मगर एक भयानक चुप्पी ही नहीं छाई रहती है बल्कि साथ ही उसे नकारने का और कहीं न कहीं सही भी ठहराने का प्रयास होता है और कई कारण दिए जाते हैं। जैसे कश्मीरी पंडितों का एकाधिकार नौकरियों पर था आदि आदि!

यहाँ तक कि वह बिट्टा कराते के उस इंटरव्यू पर भी कुछ नहीं कहते हैं जिसमें वह साफ़ कहता हुआ पाया गया कि उसने 20 कश्मीरी पंडितों की हत्या की थी और उसने सिर या दिल पर गोली मारी थी और उसने कहा था कि अगर उसे अपनी मां या भाई का कत्ल करने का आदेश भी मिलता तो वह उनकी भी हत्या करने से नहीं हिचकता।

और जब इन कथित सामाजिक न्याय के एजेंडे से प्रभावित लोगों का मोहभंग होता है तो वह विलाप करते हैं। ऐसा ही विलाप सोशल मीडिया पर इन दिनों कई वह लोग कर रहे हैं जो लेफ्ट लॉबी के सोशल जस्टिस मूवमेंट अर्थात सामाजिक न्याय आन्दोलनों का शिकार हुए। वह लोग देख रहे हैं कि कैसे जैसे ही इजरायल में यहूदियों को मारना आरम्भ किया गया और बच्चों को निर्ममता पूर्वक मारा इतना ही नहीं एक बच्चे को जिंदा ही ओवन में भून दिया गया, मगर उस पर कथित सोशल जस्टिस वालों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। और जैसे ही इजरायल ने अपनी रक्षा के लिए हमास के आतंकियों पर पलटवार करना आरम्भ किया, एक अजीब सी क्रांति पूरी दुनिया में आ गयी। लोग कहने लगे कि इजरायल जीनोसाइड कर रहा है, वह विस्तारवादी है आदि आदि! परन्तु यह नींद तब नहीं टूटी थी जब निर्दोष इजरायली नागरिकों को हमास के आतंकियों ने जिस वीभत्सता से मारा था, उसे देखकर हैवानियत भी शरमा जाए। क्या वास्तव में सामाजिक न्याय या सोशल जस्टिस इस सीमा तक एकतरफा है कि वह हमास के आतंकियों द्वारा इजरायल के नागरिकों को मारे जाने पर मौन रहता है और इजरायल के निर्दोष नागरिकों को बंधक बनाने पर भी चुप्पी साधता ही नहीं है बल्कि कथित मानवता का दावा करने वाले उन तमाम पोस्टर्स को भी उखाड़ फेंकते हैं, जिनमें उस हमले में लापता हुए बच्चों की तस्वीरें होती हैं।

सोशल मीडिया पर तमाम लोग उस मोहभंग और पीड़ा से होकर गुजर रहे हैं। Jordyn नामक एक यूजर ने लिखा कि

Before October 7, I actually believed in social justice movements. I believed that there were large swaths of people who cared unequivocally about women, who cared unequivocally about people of color, who cared unequivocally about members of the LGBTQ+ community.

Then I saw…

— Jordyn (@JordynTilchen) October 31, 2023

7 अक्टूबर से पहले, वास्तव में सामाजिक न्याय आंदोलनों में मेरा विश्वास था। मेरा मानना था कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग थे जो स्पष्ट रूप से महिलाओं की परवाह करते थे, जो स्पष्ट रूप से रंग के लोगों की परवाह करते थे, जो स्पष्ट रूप से एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के सदस्यों की परवाह करते थे।

मगर फिर मेरे सामने आया कि उन्हें महिलाओं की परवाह नहीं है (यदि वे यहूदी हैं), उन्हें कलर्ड लोगों की अर्थात श्वेत या अश्वेत जैसे किसी भी परवाह नहीं है (यदि वे यहूदी हैं), और उन्हें एलजीबीटीक्यू+ लोगों की परवाह नहीं है (यदि वे पुनः यहूदी हैं))। अरे, उन्हें बच्चों की भी परवाह नहीं है (यदि वे यहूदी हैं)।

आपका लबादा उतर चुका है। आपके सामाजिक न्याय आंदोलन नकली हैं।

इस पोस्ट पर तमाम लोग लगभग इसी स्वीकारोक्ति की बात कर रहे हैं। और एक यूजर ने लिखा कि हम हिन्दू इसे पहले ही अनुभव कर चुके हैं। मगर यह बात सत्य नहीं है। आज भी भारी संख्या में युवा पीढ़ी इसी सामाजिक न्याय के झुनझने वाले आन्दोलन का शिकार हो रही है, जो तमाम चुप्पियों को समेटे रहता है।
उन्हें मरती हुई महिलाओं या लड़कियों की परवाह नहीं होती है (यदि वह हिन्दू हैं, तो! कहीं भी नहीं, पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं कट्टर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में), उन्हें उन मुस्लिम लड़कियों या महिलाओं की परवाह नहीं हैं जो मुस्लिमों की ही कट्टरता का शिकार हो रही हैं, उन्हें मरते बच्चों की परवाह नहीं हैं, (यदि वह हिन्दू हैं या फिर भारतीय जड़ों से जुड़े लोग हैं तो) और उन्हें एलजीबीटीक्यू+ लोगों की परवाह नहीं है (यदि वह मुस्लिम कट्टरता का शिकार हैं तो)!
ऐसा प्रतीत होता है कि कथित सामाजिक न्याय मात्र कट्टरपंथी मुस्लिम का एक सहायक टूल बनकर रह गया है, जो उन तमाम हिंसाओं पर मौन साधता है जो कट्टरपंथी आतंकियों द्वारा की जाती हैं, जैसे वह हमास के आतंकियों द्वारा की गयी हिंसा पर मौन ही नहीं बल्कि उसे विद्रोह या प्रतिरोध कह रहा है!

Topics: इजरायल पर हमास का हमलासामाजिक न्याय आंदोलनसोशल जस्टिस मूवमेंटSocial Justice MovementHamas attack on IsraelIsrael hamas warइजरायल-हमास युद्ध
Share17TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

इजराइल ने हमास के मिलिट्री विंग के चीफ को मार डाला

गाजा में इजरायल का बड़ा हमला, 7 अक्टूबर हमले का ‘मास्टरमाइंड’ ढेर

Hamas Atrocities Report Israel

इजरायल स्थापना दिवस से पहले आई हमास हमले की वीभत्स रिपोर्ट : रोंगटे खड़े कर देंगी 7 अक्टूबर 2023 के पीड़ितों की आपबीती

Daily Mail report on Hamas abusing children in Gaza mosques and using them as shields.

गाजा में बच्चे हो रहे हमास के अत्याचारों का शिकार : डेली मेल का चौंकाने वाला खुलासा

Donald trump Gaza peace plan

इजरायल-हमास युद्ध का अंत! ट्रंप के 20-सूत्रीय प्लान के तहत 20 बंधकों की रिहाई आज, क्या गाजा में होगी शांति?

Israel Hamas War Cairo peace deal

इजरायल-हमास युद्ध में स्थायी शांति की पहली उम्मीद: हमास ने 72 घंटे में बंधकों की अदला-बदली का ऐलान किया

Iran warns on Gaza peace deal

ट्रंप के पीस प्लान पर ईरान की चेतावनी: गाजा से नाकाबंदी न हटी तो शांति नामुमकिन

Load More

ताज़ा समाचार

MP की बेटी दीक्षा ने चने की दाल के 12 दानों पर 12 ज्योतिर्लिंगों की पेंटिंग कर बनाया ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’

डॉ सुभाष कश्यप (फाइल फोटो)

संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप का निधन, 97 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Gujarat Wire Free City Mission 2030 Budget

गुजरात 2030 तक बनेगा “वायर फ्री” : गुजरात में अब कार्यरत होगा देश का पहला “सर्विस कमिश्नरेट”

देश के 10 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में पश्चिम बंगाल के 8 शहर शामिल, बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए खतरा!

दिल्ली अग्निकांड: होटल मालिक लवकेश बजाज 4 दिन की पुलिस रिमांड पर…

CM Yogi Gyan Bharatam Mission UP Tourism Policy Neem Karoli Baba Circuit

नीम करोली बाबा सर्किट से शिवाजी महाराज म्यूजियम तक! CM योगी का बड़ा ऐलान, UP में दिखेगा सांस्कृतिक पुनर्जागरण

dehradun administration removes illegal prasad shops outside fri rangers colony mazar

देहरादून: FRI रेंजर्स कॉलोनी के बाहर विवादित मजार पर प्रशासन का एक्शन, हटाई गईं अवैध दुकानें

ऑटो में हिंदू लड़की को छेड़ना… GYM को शरीयत नियमों से चलाना- ये कैसी जिहादी मानसिकता?

Cockroach

घर का अनचाहा ‘मेहमान’ है कॉकरोच, इसे दूर करना है जरूरी

कोच्चि IPL विवाद: ललित मोदी बोले-‘मिला था सोनिया गांधी का संरक्षण’

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies