21 शिवलिंगों को बचाने और 2 नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 21 किलोमीटर की कांवर यात्रा
September 12, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत झारखण्‍ड

21 शिवलिंगों को बचाने और 2 नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 21 किलोमीटर की कांवर यात्रा

रांची के पास स्थित 400 वर्ष पुराने 21 शिवलिंगों को बचाने के लिए श्रद्धालुओं ने कसी कमर। मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक से की गई अपील।

Written byरितेश कश्यपरितेश कश्यप
Aug 12, 2023, 11:55 am IST
inझारखण्‍ड
लोगों को जागरूक करते सुधीर शर्मा, नदी में फैली जलकुंभी और शिवलिंग की पूजा करती एक श्रद्धालु।

लोगों को जागरूक करते सुधीर शर्मा, नदी में फैली जलकुंभी और शिवलिंग की पूजा करती एक श्रद्धालु।

झारखंड की राजधानी राँची के पास से होकर गुजरने वाली स्वर्णरेखा नदी पूरी तरह प्रदूषित हो चुकी है । दरअसल इस नदी की एक सहायक नदी है हरमू। हरमू नदी के जरिये रांची और उसके आसपास के क्षेत्रों का मल-मूत्र और गंदगी स्वर्णरेखा नदी में गिरती है।

इस कारण स्वर्णरेखा नदी का अस्तित्व ही यहां समाप्त होता दिखाई दे रहा है। बता दें कि हरमू नदी चुटिया नामक स्थान पर स्वर्णरेखा नदी से मिलती है। दोनों नदियों के इस संगम स्थल पर लगभग 400 वर्ष पुराने इक्कीस शिवलिंग हैं। इनका निर्माण 16वीं शताब्दी में नागवंशी शाशकों ने किया था। कहा जाता है कि उन दिनों यह क्षेत्र नागवंशी शाशकों की राजधानी हुआ करता था। इतिहासकारों के अनुसार राजघराने के लोग प्रतिदिन यहां पूजा-पाठ किया करते थे।

दोनों नदियों के प्रदूषण के कारण इन शिवलिंगों का क्षरण हो रहा है। इस कारण इस धार्मिक स्थान की पहचान भी धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। इससे कई संगठन और व्यक्ति चिंतित हैं। यही कारण है कि पिछले अनेक वर्षों से यह मांग उठ रही है कि दोनों नदियों को प्रदूषण-मुक्त कर इन शिवलिंगों को बचाया जाए। इसके बावजूद ना तो प्रशासन ने उनकी सुनी और ना ही किसी सक्षम एजेंसी ने। अब इन नदियों को प्रदूषण-मुक्त करने का बीड़ा स्वतंत्र पत्रकार सुधीर शर्मा ने उठाया है। लोकजागरण के लिए उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। उन्होंने इन शिवलिंगों की दुर्दशा और इन नदियों के प्रदूषण पर एक वीडियो बनाया है, जो इन दिनों काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे अपनी आंखों और मुँह में पट्टी बांध कर एक प्ले कार्ड के माध्यम से लोगों से पूछ रहे हैं कि नदियों के प्रदूषण और शिवलिंगों की दुर्दशा पर आप अपनी आंखें कब खोलेंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दोनों नदियों और शिवलिंगों को बचाने की अपील की है। उनकी इस अपील का असर भी होता दिख रहा है। रांची के भजपा सांसद संजय सेठ ने रांची के उपायुक्त से कहा है कि स्वर्णरेखा नदी और हरमू नदी के संगम स्थल की सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि सावन महीने में इस स्थल पर प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। इसीलिए इस धार्मिक स्थल की पवित्रता को बनाये रखने के लिए साफ-सफाई जरूरी है।

लोगों को इस मुद्दे से जोड़ने के लिए ही कल यानी 13 अगस्त को स्वर्णरेखा के उद्गम स्थल रानीचुआं से संगम स्थल तक कांवर यात्रा निकाली जा रही है। उम्मीद है कि इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे और 21 किलोमीटर पैदल चलकर शिवलिंगों पर जल अर्पित करेंगे।

आपको बता दें कि राँची के रानीचुआं से निकलकर सीधे बंगाल की खाड़ी में मिलने वाली 474 किलोमीटर लंबी स्वर्णरेखा नदी अपने रेतकणों में सोना लेकर बहने के लिए विख्यात है। राँची और इसके आसपास के क्षेत्रों में आज भी ग्रामीण इस नदी के रेतकणों को छानकर सोने के कण निकालते हैं। राँची से सटे मूरी के आसपास कई लोग बालू से सोना निकालकर ही अपनी अजीविका चलाते हैं।

Topics: Jharkhand
रितेश कश्यप
रितेश कश्यप
डेढ़ दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। राजनीति, सामाजिक और सम-सामायिक मुद्दों पर पैनी नजर। कर्मभूमि झारखंड।   [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Jharkhand: झारखंड में 22 प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द, 6 स्थगित; 23 परीक्षाओं की CID जांच

JPSC आंदोलन में लाठीचार्ज, छात्र बोला- पीछे खड़ा था फिर भी पड़ी लाठी, हाथ-पैर में आईं चोटें

Jharkhand: रांची में विधानसभा घेराव मार्च, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी हुए शामिल

Jharkhand के छात्रों ने क्यों कहा- हमसे नेहा बोरा के बारे में बात मत करिए?

Jharkhand Protest: Panchjanya के सिर्फ 5 सवाल… और AISA नेता हो गए कन्फ्यूज!

Jharkhand छात्र आंदोलन के बीच बाबूलाल मरांडी का बड़ा इंटरव्यू, हेमंत सरकार पर तीखा हमला

Load More

ताज़ा समाचार

आज का राशिफल

12 सितंबर राशिफल: शनिवार को किस राशि की चमकेगी किस्मत? जानें मेष से मीन तक का हाल

“मुझे पराया महसूस नहीं हुआ”: टोरंटो में सरसंघचालक जी के कार्यक्रम में पहुंचे ईरानी मूल के हसन ने साझा किया अद्भुत अनुभव

arya migration theory genetics archaeology india

दम तोडती अंग्रेजों की आर्यकथा: आनुवंशिकी, घोड़े, सरस्वती और सिनौली के प्रमाणों पर क्या कहता है यह विमर्श?

52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन की तैयारी तेज, हरिद्वार में जुटेंगे 3,000 से अधिक विद्वान और प्रतिभागी

Pushkar Singh Dhami

धामी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले : मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ा, 33 पद सृजित, अधिवक्ताओं की फीस में इजाफा

‘सुशासन संवाद : ओडिशा की उड़ान 2.0’ में  विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र  कुमार जैन से वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा

ओडिशा की उड़ान 2.0 : ‘हमारी यात्रा राम मंदिर से राष्ट्रमंदिर की है’

फिल्म हनुमान अंश

हनुमान अंश : सिनेमाई परदे पर भारत की आध्यात्मिक चेतना की वापसी

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से बातचीत करते पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर

ओडिशा की उड़ान 2.0 : ‘हमारा लक्ष्य सुशासन और विकास’

प्रतीकात्मक तस्वीर

कल का मौसम: 12 सितंबर को देश के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी में तूफानी हवा ने बढ़ाई टेंशन

फ्रांस में सड़क पर नमाज पढ़ते मुस्लिम समाज के लोग।

यूरोप में मुसलमानों को लेकर ‘द इकोनॉमिस्ट’ के लेख पर हंगामा क्यों है?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies