देवभूमि में दुर्गा की सवारी की मौजूदगी का एहसास, बाघों के घनत्व और भगौलिक दृष्टि से देश के पहले स्थान पर उत्तराखंड
August 30, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तराखंड

देवभूमि में दुर्गा की सवारी की मौजूदगी का एहसास, बाघों के घनत्व और भगौलिक दृष्टि से देश के पहले स्थान पर उत्तराखंड

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की तरफ से भारत सरकार ने उत्तराखंड में 560 बाघों की मौजूदगी की पुष्टि की है।

Written byदिनेश मानसेरादिनेश मानसेरा
Jul 30, 2023, 01:42 pm IST
inउत्तराखंड

कॉर्बेट पार्क : उत्तराखंड में 560 बाघों की मौजूदगी की पुष्टि, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की तरफ से भारत सरकार ने की है। देश में 3167 बाघों के होने की पुष्टि की गई है। जिनमें मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 785 और कर्नाटक में 563 बाघों की संख्या के बाद उत्तराखंड को तीसरे पायदान पर स्थान दिया गया है।

यदि राज्य की भागौलिक क्षेत्र की स्थिति का आंकलन करें तो उत्तराखंड पहले स्थान पर आता है। जहां टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट में हर पांच किमी में एक बाघ की मौजूदगी है। जबकि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से लगे वेस्टर्न सर्कल में भी बाघों की संख्या किसी भी टाइगर रिजर्व से कम नहीं है। वेस्टर्न सर्कल वो क्षेत्र है, जोकि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से लगा हुआ है, जैसे रामनगर फॉरेस्ट डिविजन, तराई फॉरेस्ट डिविजन और नंधौर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, यहां वो उम्र दराज बाघ होते है, जोकि टेरेटरी की जंग में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जवान बाघों द्वारा खदेड़ दिए जाते हैं।

देश में 2014 में 2226, पिछली गणना 2018 में 2967 बाघ थे। अब चार साल बाद करीब दो सौ बाघ बढ़ गए हैं। देश के 2.63 प्रतिशत वन क्षेत्र को बाघों के घर यानि 53 टाइगर रिजर्व के रूप में संरक्षित किया गया है।

देश में झारखंड ऐसा राज्य है। जहां घने जंगल होने के बावजूद वहां एक ही बाघ की मौजूदगी सामने आई है। ऐसा संभवतः वहां की जलवायु और बाघ के भोजन की कमी से हुआ है। बाघ पहाड़ और मैदान के बीच भावर इलाके के जंगलों में पाए जाए हैं, लेकिन बाघों की मौजूदगी उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्र के बर्फ वाले क्षेत्रों तक में दिखाई दी है।

बाघ विशेषज्ञ शाह बिलाल मानते हैं, कि उच्च हिमालय क्षेत्र तक बाघ कैमरा ट्रैपिंग में दिखाई दिए हैं, ऐसा इसलिए हो रहा है, कि वहां उसे जंगलों में भोजन मिल रहा है।

उत्तराखंड छोटा राज्य है, लेकिन बाघों की दृष्टि से सभी धनी राज्य हैं, ये देश का एकमात्र राज्य है। जहां हर जिले में बाघों की मौजूदगी है, बेशक एनटीसीए की गाइड लाइन के अनुसार केवल रिजर्व फॉरेस्ट में ही कैमरा ट्रैपिंग से बाघों को मौजूदगी की गणना होती है, लेकिन उत्तराखंड के वन पंचायत क्षेत्रों में भी बाघों की मौजूदगी की रिपोर्टिंग हुई है। अभी तक हिमालय के वन पंचायत क्षेत्रों में लेपर्ड ज्यादा होते देखे गए हैं, लेकिन लेपर्ड के इलाकों में बाघों की दस्तक एक स्वस्थ्य जंगल या हेबिटेट की पहचान है।

वन पंचायत के मुख्य वन संरक्षक डॉ. पराग धकाते बताते हैं, कि एनटीसीए की गाइडलाइंस के अनुसार उत्तराखंड बाघों की संख्या में तीसरे नंबर पर है, किंतु यदि हम राज्य के अन्य जंगलों जोकि टाइगर रिजर्व से जुड़े वन पंचायत के जंगल होते हैं। वहां भी बाघों की मौजूदगी है। उस दृष्टि से बाघों की संख्या में उत्तराखंड और ऊंचे पायदान पर पहुंच जाता है।

उत्तराखंड की वाइल्डलाइफ चीफ डॉ. समीर सिन्हा कहते हैं, कि हमारा राज्य देश में तीसरे नंबर पर है, और हम कर्नाटक से थोड़ा पीछे ही है, लेकिन हमारे यहां बाघ ज्यादा हैं। इसमें कोई शक नहीं और हम इसलिए भी उत्साहित हैं, कि हमारे यहां शावकों की संख्या भी सम्मानजनक है। हम एक साल की उम्र तक शावकों के बाद उसे बाघों की गणना में शामिल करते हैं।

डॉ. सिन्हा कहते हैं, कि वो दिन दूर नहीं कि हम पहले दूसरे स्थान पर होंगे और इसमें हमारे लिए चुनौतियां भी बहुत ज्यादा हैं। हमें बाघों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए और बेहतर इंतजाम करने होंगे। खासतौर पर टाइगर रिजर्व से बाहर के बाघों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती रहती है।

बाघ, मां दुर्गा की सवारी
उत्तराखंड देव भूमि मानी जाती है। यहां हर चोटी पर माता दुर्गा का देवी स्वरूप मंदिर है। यहां बाघों को सम्मान मिलता रहा है, पहाड़ों में तेंदुए को खलनायक की दृष्टि से देखा जाता है, और इसे भी बाघ बोला जाता है, लेकिन टाइगर को यहां संरक्षण सुरक्षा इसलिए भी मिलती रही है, कि ये माता दुर्गा की वाहिनी है।

Topics: देश में 3167 बाघUttarakhand Newsमध्यप्रदेश में 785 बाघउत्तराखंड समाचारकर्नाटक में 563 बाघभारत सरकारTigersकॉर्बेट पार्क560 tigers present in UttarakhandएनटीसीएNational Tiger Conservation Authorityntca3167 tigers in the countryराष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण785 tigers in Madhya Pradeshcorbett park563 tigers in KarnatakaबाघGovernment of Indiaउत्तराखंड में 560 बाघ मौजूद
Share5
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

उत्तराखंड में खेला गया बग्वाल

उत्तराखंड : देवीधुरा में फल-फूलों से बरसी बग्वाल, ऐतिहासिक पाषाण युद्ध के साक्षी बने लाखों श्रद्धालु

देहरादून में टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए सीएम धामी

प्रतीकात्मक तस्वीर

सशक्त बहना उत्सव में सीएम धामी ने खरीदे स्थानीय उत्पाद, लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ अपनाने की अपील की

उत्तराखंड कैबिनेट में 17 बड़े फैसले, उपनल कर्मियों को समान वेतन से लेकर बलिदानियों की मूर्तियों तक, जानें क्या बदला?

uttarakhand cabinet decisions

उत्तराखंड : बलिदानी सैनिकों की स्मृति में गांवों में स्थापित होंगी मूर्तियां, अग्निवीर रोजगार सेल के गठन को मंजूरी

वंदे मातरम पर BJP का कांग्रेस को सीधा संदेश- ‘राष्ट्रगीत का सम्मान सर्वोपरि’, हरदा को भी सुनाई खरी-खरी

Load More

ताज़ा समाचार

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

‘हिंदुत्व सभी धर्मों का सम्मान करता है’ : न्यूयार्क में सरसंघचालक श्री मोहन भागवत के भाषण के प्रमुख अंश

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

न्यूयॉर्क में डॉ. मोहन भागवत : विविधता हमारी एकता का आभूषण, इसकी रक्षा की जानी चाहिए

मदरसा (प्रतीकात्मक चित्र)

हरिद्वार जिले में दो अवैध मदरसे सील, पूरे उत्तराखंड में होगी कार्रवाई, शासन हुआ सख्त

उज्बेकिस्तान के छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी का हिंदी में किया स्वागत

उज्बेकिस्तान के युवाओं ने हिंदी में किया प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत, भारतीय संस्कृति के प्रति दिखा लगाव

शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

‘JU में फ्री फिलिस्तीन की जगह अब फ्री POJK का नारा गूंजे’, CM शुभेंदु अधिकारी ने वामपंथियों पर किया कड़ा प्रहार

ताशकंद पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव।

ताशकंद पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने किया गर्मजोशी से स्वागत

'समस्त केरल जमीयतुल उलमा' ने सार्वजनिक कार्यक्रमों और समारोहों में मुस्लिम महिलाओं के शामिल होने पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया है। इस पर राहुल गांधी की चुप्पी पर उठे सवाल।

केरलम: ‘मुस्लिम महिलाओं को सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका जाए’, राहुल गांधी की चुप्पी पर उठे सवाल

हिंदू प्रतीकों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद हुआ तनाव

छत्तीसगढ़: हिंदू प्रतीकों पर सोहेल खान और कट्टरपंथी मुस्लिमों ने की आपत्तिजनक पोस्ट, हिंसक झड़प, 50 से ज्यादा घायल

राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के शिलान्यास के मौके पर जनता का अभिवादन करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय का शिलान्यास

पुस्तक का लोकार्पण करते (बाएं से) श्री राजीव तुली, डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, श्री हितेश शंकर,
श्री अभिजीत जोग और श्री हरि मारुति मिरासदार

‘संघ कार्यकर्ताओं के बलिदान से पूर्वोत्तर में गूंज रही राष्ट्रीयता’

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies