'अरुणाचल है भारत का अभिन्न अंग', अमेरिका की सीनेट कमेटी में पारित हुआ प्रस्ताव
June 8, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

‘अरुणाचल है भारत का अभिन्न अंग’, अमेरिका की सीनेट कमेटी में पारित हुआ प्रस्ताव

चीन एक लंबे वक्त से भारत के अंग अरुणाचल पर झूठा दावा जताता आ रहा है। इतना ही नहीं, वह अरुणाचल और लद्दाख में भारत की सीमाओं पर घुसपैठ करता आ रहा था, जिसमें पिछले नौ साल में उल्लेखनीय कमी आई है

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jul 14, 2023, 03:15 pm IST
in विश्व
Representational Image

Representational Image

आज पूरी दुनिया पर ‘मोदी मैजिक’ छाया हुआ है। भारत क प्रधानमंत्री ने भारत को दुनिया के एक ऐसे देश के रूप में खड़ा कर दिया है कि आज हर विकसित देश भारत की बात गौर से सुनता है, बल्कि भारत से जुड़े विषयों पर हमारे मत का समर्थन करता है। अमेरिका की संसद में जो हुआ है वह अभूतपूर्व है। वहां की सीनेटर जेफ मर्कले ने कहा कि संसदीय कमेटी ने यह प्रस्ताव पारित किया है कि ‘अरुणाचल प्रदेश को अमेरिका भारत का अभिन्न हिस्सा मानता है, वह इसे चीन का हिस्सा नहीं मानता’। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी अभी हाल में अमेरिका यात्रा पर गए थे और वहां उन्होंने एक वैश्विक नेता की अपनी छवि से सबको हैरत में डाल दिया था।

अमेरिका की संसदीय समिति द्वारा अरुणाचल प्रदेश के संदर्भ में पारित उक्त प्रस्ताव को सीनेटर जेफ मर्कले, बिल हेगर्टी, टिम काइन तथा क्रिस वान होलेन ने प्रस्तुत किया था।

ध्यान देने की बात है कि चीन एक लंबे वक्त से भारत के अंग अरुणाचल पर झूठा दावा जताता आ रहा है। इतना ही नहीं, वह अरुणाचल और लद्दाख में भारत की सीमाओं पर घुसपैठ करता आ रहा था, जिसमें पिछले नौ साल में उल्लेखनीय कमी आई है। पीछे कुछ खबरें आई थीं कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया है। चीन उन इलाकों को ‘अपना हिस्सा’ बताता है। लेकिन अब इस प्रस्ताव के अमेरिका द्वारा पारित होने के बाद यह पुख्ता तौर पर साबित हुआ है भारत का पक्ष सही है और चीन झूठे विमर्श फैला कर पड़ोसी देशों की जमीन कब्जाने की अपनी चाल चल रहा है।

मोदी और बाइडेन (फाइल चित्र)

सांसद कॉर्निन का कहना था भारत तथा चीन के बीच उन देशों की सटी हुई सीमा को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। इन परिस्थितियों में अमेरिका का स्वतंत्र तथा खुले हिन्द—प्रशांत क्षेत्र को अपना समर्थन देकर लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरी ताकत के साथ आगे आना जरूरी है।

भारत के लिए यह बड़े महत्व की बात है कि अमेरिकी संसद की सीनेट कमेटी अरुणाचल प्रदेश पर इस पर भारत के पक्ष का दृढ़ता के साथ समर्थन कर रही है। अरुणाचल प्रदेश को भारत के अभिन्न अंग के रूप में देखती है और इसे ठोस आधार प्रदान करने के लिए उसने यह प्रस्ताव पारित किया है।

सीनेट कमेटी में कल जब यह प्रस्ताव सीनेटर जेफ मर्कले, बिल हेगर्टी, टिम काइन और क्रिस वान होलेन ने प्रस्तुत किया तो अनेक सदस्य पहले से इसके पक्ष में नजर आए। पारित हुए इस प्रस्ताव में स्पष्ट उल्लेखन है कि संयुक्त राज्य अमेरिका मॅकमोहन लाइन को भारत और चीन के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा की मान्यता देता है।

प्रस्ताव के बारे में संसदीय कार्यकारी आयोग के सहायक अध्यक्ष सांसद जेफ मर्कले का कहना था कि अमेरिका विश्व में स्वतंत्रता तथा कानून आधारित व्यवस्था का समर्थक है। यह प्रस्ताव स्पष्ट करता है कि अरुणाचल प्रदेश को अमेरिका भारत का ही अभिन्न अंग मानता है, न कि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का।

इस मुद्दे पर सह प्रस्तावक सांसद हेगर्टी का कहना था कि ऐसे वक्त में जब चीन स्वतंत्र तथा खुले हिंद-प्रशांत इलाके को गंभीर खतरे पैदा कर रहा है, अमेरिका के लिए इस क्षेत्र में अपने रणनीतिक साझेदारों, खासतौर पर भारत सहित अन्य क्वाड के सदस्य देशों के साथ एकजुट होकर खड़ा होना बहुत जरूरी है। इतना ही नहीं, विस्तारवादी चीन की ऐसी रणनीति के विरुद्ध प्रभावी उपाय करने जरूरी हैं, जो उस कम्युनिस्ट देश ने दक्षिण तथा पूर्वी चीन सागर, हिमालयी क्षेत्र तथा दक्षिणी प्रशांत क्षेत्र में अपना रखी है।

वहीं सांसद कॉर्निन का कहना था भारत तथा चीन के बीच उन देशों की सटी हुई सीमा को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। इन परिस्थितियों में अमेरिका का स्वतंत्र तथा खुले हिन्द—प्रशांत क्षेत्र को अपना समर्थन देकर लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरी ताकत के साथ आगे आना जरूरी है।

इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद अब अमेरिका मानता है कि मॅकमोहन रेखा ही भारत और चीन के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा है। चीनी फौज इस अंतरराष्ट्रीय सीमा के ‘स्टेटस को’ में बदलाव करने की कोशिशें करती आ रही है। यही साजिश है जिसके तहत चीन की सेना भारत से सटी सीमाओं पर सैन्य ढांचे और रिहायशी गांव बना रही है। इतना ही नहीं, चीन ने मंदारिन में जो नया नक्शा जारी किया है, उसमें भारत के अभिन्न अंग अरुणाचल प्रदेश को धूर्ततापूर्वक अपना हिस्सा दिखाया है।

Topics: BidenmacmohanlineAmericaIndiaresolutionChinaborderladakhpmmodisenateusplaभारतसीनेटचीनarunachalpradeshअमेरिकाterritory
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक

पाक-चीन की चाल पर अमेरिका ने फेरा पानी, BLA को UN आतंकी सूची में शामिल करने से किया इनकार

पी. हरीश, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि

UN में भारत का पाकिस्तान को जवाब: जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा

Explainer: युद्ध विराम के बावजूद अमेरिकी सेना ने ईरान के ‘केशम द्वीप’ पर क्यों की भारी बमबारी?

Suprime Court

3 महीने से ज्यादा नहीं रुकेगा फैसला, सुप्रीम Court ने हाई कोर्टों को दिया सख्त आदेश

पेनपा त्सेरिंग दलाई लामा का आशीर्वाद लेते हुए

पूज्य Dalai Lama की उपस्थिति में निर्वासित तिब्बती संसद के नेता बने पेनपा, चीन ने ​चिढ़कर कहा-‘यह हमारा आंतरिक मामला’​

रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

जम्मू-कश्मीर पर दूसरे देश को टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं, भारत ने चीन-पाकिस्तान की ‘शरारत’ का किया सख्त विरोध

Load More

ताज़ा समाचार

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

ईरान, होर्मुज और परमाणु प्रश्न: संभावित अमेरिका–ईरान समझौते के पीछे असली दांव

शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में अवैध मदरसों पर कार्रवाई : घुसपैठ और कट्टरपंथ का पूरा तंत्र होगा ध्वस्त

पश्चिम बंगाल : अवैध विदेशियों पर ‘ममता’

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा: लोहे की चपेट में आने से 8 मजदूरों की मौत, PM मोदी ने जताया दुख; मुआवजे की घोषणा

ममता बनर्जी और काकोली घोष

TMC में संकट गहराया, काकोली घोष सहित 20 सांसदों का राजग को समर्थन देने का फैसला

इंडी गठबंधन की बैठक पर BJP का तंज, कहा- कमजोर पड़ चुकी है जमीन, आने वाले समय में कार में होगी बैठक

हरियाणवी गायिका काजल चौधरी अपनी सास को करा रहीं 84 कोसी परिक्रमा

हरियाणवी गायिका काजल चौधरी ने पेश की मिसाल, 95 वर्षीय सास को करा रहीं 84 कोसी परिक्रमा 

भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपनी बारी का इंतजार करते घुसपैठिए

बंगाल से विशेष रिपोर्ट : सेंधमार सीमा से बाहर

अवैध हथियार

पाकिस्तान से चल रहा हवाला नेटवर्क और हथियार तस्करी का पर्दाफाश, एक अफगान नागरिक

ममता बनर्जी और सुखेंदु शेखर

टीएमसी के 20 बागी सांसदों ने एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताई, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखने की चर्चा

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies