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बढ़े हमलों से दहशत में हिंदू

2022 में 66 हिंदू महिलाओं का रेप, 154 की हत्या, 333 को गोमांस खाने के लिए किया मजबूर। हिंदू परिवारों की 8990 एकड़ जमीन जिहादियों ने हड़प ली तो 128 हिंदू मंदिरों में आग लगा दी गई

Written byPanchjanyaPanchjanya
Feb 17, 2023, 11:18 am IST
in विश्व

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ बलात्कार, हत्या, हिंदू धार्मिक संस्थानों पर हमले, जमीन हड़पना, जबरन कन्वर्जन एक सामान्य घटना बन गई थी।

पिछले कई वर्षों की तरह पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों का सिलसिला साल 2022 में भी जारी रहा। पिछले एक साल में हिंदू समुदाय पर अमानवीय अत्याचार का स्तर सारी हदें पार कर गया। पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ बलात्कार, हत्या, हिंदू धार्मिक संस्थानों पर हमले, जमीन हड़पना, जबरन कन्वर्जन एक सामान्य घटना बन गई थी।

2022 में बांग्लादेश में इस्लामवादियों द्वारा 154 हिंदुओं की हत्या कर दी गई और 424 हिंदुओं को इस्लामिक बदमाशों द्वारा मारने का प्रयास किया गया। इसी अवधि के दौरान 849 लोगों को जान से मारने की धमकी दी गई और उन हमलों में 360 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इनमें से 62 लोग अब भी लापता हैं।

2022 में बांग्लादेश में 39 हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया और 27 हिंदू महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। 17 हिंदू महिलाओं की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई और 55 अन्य महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और बलात्कार करने का प्रयास किया गया। बांग्लादेश में 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2022 के दौरान 152 हिंदू महिलाओं को जबरन इस्लाम कबूल कराया गया।

बांग्लादेश हिंदू जातीय संघ के महासचिव गोविंद चंद्र प्रमाणिक द्वारा हस्ताक्षरित एक बयान में कहा गया है कि 2022 में बांग्लादेश में इस्लामवादियों द्वारा 128 हिंदू मंदिरों में आग लगा दी गई और तोड़फोड़ की गई। इसी अवधि के दौरान 481 हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को भी उपद्रवियों ने तोड़ दिया। विभिन्न मंदिरों से 72 हिंदू मूर्तियों की चोरी हुई। पिछले कई वर्षों में देश में हिंदू समुदाय पर अत्याचार के स्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। 2022 में 40 लोगों को इस्लाम में कन्वर्ट होने के लिए मजबूर किया गया। 127 हिंदू व्यक्तियों का अपहरण कर लिया गया। 333 हिंदुओं को गोमांस खाने के लिए मजबूर किया गया। 179 धार्मिक संस्थानों में बीफ फेंका गया।

15115 हिंदू परिवारों को इस्लामवादियों द्वारा बांग्लादेश छोड़ने की धमकी दी गई और 445 हिंदू परिवारों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। कुल 1 लाख 96 हजार हिंदू परिवारों ने सूचित किया है कि उन्हें इस्लामवादियों द्वारा धमकी दी जा रही है और वे अपने स्थान पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इनके अलावा अक्टूबर 2022 में इस्लामवादियों द्वारा दुर्गा पूजा उत्सव पर 35 हमले किए गए।

ठाकुरगांव में 27 हिंदू देव प्रतिमाएं तोड़ी गईं

बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाने का क्रम वर्ष 2023 में भी अवरुद्ध नहीं हुआ है। विगत 4 फरवरी की रात ठाकुरगांव के बलियाडांगी उपजिले में अज्ञात तत्वों ने अलग-अलग इलाकों के कई हिंदू मंदिरों पर हमला कर 27 देव प्रतिमाओं को खंडित कर दिया। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया है।

हिंदू समुदाय की ओर से इन घटनाओं का कड़ा विरोध किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषियों का जल्द से जल्द पता लगाया जाए और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने कहा कि हमला रात में किया गया है। इस घटना के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

इलाके का दौरा करने के बाद ठाकुरगांव के उपायुक्त महबूबुर रहमान, पुलिस प्रमुख जहांगीर हुसैन और हिंदू, बौद्ध, ईसाई ओक्या परिषद के ठाकुरगांव जिला महासचिव प्रबीर कुमार गुप्ता ने बताया कि धनतला के सिंदूरपिंडी इलाके में नौ प्रतिमाओं, पारिया के कॉलेजपारा इलाके में चार प्रतिमाओं और चारोल के शहबाजपुर नाथपारा इलाके में एक मंदिर में 14 प्रतिमाओं को तोड़ा दिया गया है।

उपजिला के पूजा समारोह परिषद के महासचिव बिद्यानाथ बर्मन ने कहा कि कुछ मूर्तियों को तोड़ा गया है जबकि कुछ मूर्तियां मंदिर से जुड़े तालाबों में मिली हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं के हाथ, पैर और सिर तोड़े गए हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘हम उनकी पहचान नहीं कर पाए हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि इसकी जांच होकर न्याय मिले।’

हिंदू समुदाय के नेता और संघ परिषद के अध्यक्ष समर चटर्जी ने कहा कि इस क्षेत्र को हमेशा सभी धर्मों के बीच सद्भाव से जाना जाता है। यहां ऐसी कोई घटना अतीत में नहीं हुई है। यहां की बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी को हिंदुओँ के साथ कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन हम समझ नहीं पा रहे कि ये लोग कौन हैं?

इस्लामवादियों ने इसी अवधि में 129 बार हिंदू त्योहारों के आयोजन में बाधा डाली। इसके अलावा, बांग्लादेश में इस्लामवादियों द्वारा 51 हिंदू मंदिरों की भूमि पर कब्जा कर लिया गया। इस्लामवादी बदमाशों ने 319 मंदिरों को लूटा था। 2022 में हिंदू परिवारों के 519 घरों को इस्लामी बदमाशों ने आग के हवाले कर दिया था और 891 परिवारों पर हमला किया था। हिंदू परिवारों की 8990 एकड़ जमीन इस्लामवादियों ने हड़प ली, जिसमें से 6550 एकड़ संथाल और त्रिपुरी पहाड़ी जनजातियों की थी। 35818 हिंदू परिवारों को उनकी पैतृक संपत्ति से इस्लामवादियों द्वारा बेदखल करने की धमकी दी गई थी और पिछले साल 572 हिंदू परिवारों को बेदखल कर दिया गया था।

15115 हिंदू परिवारों को इस्लामवादी द्वारा बांग्लादेश छोड़ने की धमकी दी गई और 445 हिंदू परिवारों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। कुल 1 लाख 96 हजार हिंदू परिवारों ने सूचित किया है कि उन्हें इस्लामवादियों द्वारा धमकी दी जा रही है और वे अपने स्थान पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इनके अलावा अक्टूबर 2022 में इस्लामवादियों द्वारा दुर्गा पूजा उत्सव पर 35 हमले किए गए। 91 दुर्गा मूर्तियों को बांग्लादेश में कट्टरपंथियों द्वारा तोड़ दिया गया।

पड़ोसी देश में दशकों से हिंदू समुदाय के खिलाफ उत्पीड़न जारी है, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश में हिंदू आबादी में तेजी से कमी आई है। 1971 में 22 प्रतिशत से घटकर 2022 में हिंदू आबादी 7.9 प्रतिशत हो गई है। लेकिन अभी भी बांग्लादेश में हिंदू समुदाय द्वारा सामना की जाने वाली कठोर चुनौतियों का दस्तावेजीकरण करने के लिए कोई यूरोपीय प्रचार मीडिया नहीं है।

गौरतलब है कि 2021 में भी 46 हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया, और 411 से अधिक हिंदू महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की गई। 32 हिंदू लोगों को कट्टरपंथियों द्वारा गोमांस खाने के लिए मजबूर किया गया और उसी वर्ष 252 हिंदुओं को मार दिया गया।

Topics: बांग्लादेश में इस्लामवादिSindoorpindi area of ​​Dhantalaहिंदू धार्मिक संस्थानयूरोपीय प्रचार मीडियाहिंदुओं को गोमांस खाने के लिए मजबूरइस्लाम कबूलधनतला के सिंदूरपिंडी इलाकेबांग्लादेश में हिंदूHindus in panicHindus in BangladeshIslamists in BangladeshConverted to IslamHindu religious institutionsहिंदू समुदायEuropean propaganda mediahindu communityHindus forced to eat beef
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