जो भारत को अपनी माता मानता है वह हिंदू है : श्री मोहन भागवत
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जो भारत को अपनी माता मानता है वह हिंदू है : श्री मोहन भागवत

- संघ कोई पैरामिलिट्री नहीं है, यह परंपरा की कला है। संघ की शाखा में आने वाले किसी भी शख्स से उसकी जात-पात नहीं पूछी जाती।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Nov 15, 2022, 07:48 pm IST
inभारत, संघ @100, छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि भारत को अपनी माता मानने वाला व्यक्ति हिन्दू है। सरसंघचालक जी ने आज अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम में स्वयंसेवकों व उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

उन्होंने कहा, जब भी भारत पर संकट आता है, हम सब अपने झगड़े भूल जाते हैं। हम आपस में कितने भी लड़ते रहे हैं, लेकिन संकट में हम सब एक हो जाते हैं। जो भारत को अपनी माता मानता है वो हिन्दू है। संघ सरसंघचालक ने मैदान में उपस्थित जनसमूह और स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एकमात्र हिंदुत्व ही विविधता में एकता का साक्षात्कार करता है। हमारा स्वार्थ हमेशा भारत के स्वार्थ से छोटा होगा।

बच्चों में डालें दान देने की आदत

उन्होंने कहा कि हम घर पर किसी भी देवी-देवता की पूजा करते हो, किसी भी धर्म के हों, लेकिन जब देश पर संकट आता है तो हम एक हो जाते हैं। हमें अपने धर्म के साथ ही दूसरे के धर्म का भी उतना ही आदर करना चाहिए। समाज के लिए जितना संभव हो काम करने की कोशिश करनी चाहिए। अपने बच्चों में दान देने की आदत डालें। यदि आप दान करते हैं तो यह कोशिश करें कि बच्चों के हाथ से ही दिलवाएं, ताकि बच्चे आगे भी इसे कायम रख सकें। बच्चों को संस्कार सिखाएं। हमें हमारी संस्कृति को जीना है।

शाखा में नहीं पूछी जाती जात-पात

सरसंघचालक जी ने कहा कि देश में स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ी है। देश में चलने वाला यह संघ अनोखा है। संघ की किसी बात से तुलना नहीं की जा सकती। यदि इसे जानना है तो संघ में आकर इसकी महानता को समझें। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में आने वाले किसी भी शख्स से उसकी जात-पात नहीं पूछी जाती।

संघ कोई पैरामिलिट्री नहीं है, यह परंपरा की कला

उन्होंने कहा कि हर कोई यहां आए और अपना 1 घंटे का समय दें। राष्ट्र निर्माण में एक स्वर्ण अवसर की प्राप्ति होगी। उन्होंने कहा कि संघ कोई पैरामिलिट्री नहीं है, यह परंपरा की कला है। यहां व्यायाम, संगीत, कबड्डी सहित अन्य आयोजन होते रहते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह कोई क्लब है। हम चाहते हैं कि हमारा हर तरह से विकास हो। चाहे बौद्धिक हो, शारीरिक हो या मानसिक हो। इसी को ध्यान में रखते हुए शाखा के द्वारा हर एक पहलुओं में कार्यक्रम आयोजित कराया जाता रहता है।

मंच पर संघ प्रमुख श्री मोहन भागवत के साथ संघ के प्रांतीय पदाधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री व सरगुजा सांसद रेणुका सिंह, पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा समेत अन्य दिग्गज नेता शामिल हुए।

Topics: संघ समाचारआरएसएस समाचारश्री मोहन भागवतसरसंघचालक समाचारसरसंघचालक का बौद्धिक कार्यक्रमछत्तीसगढ़ में आरएसएस प्रमुखक्या है संघ की शाखाश्री मोहन भागवत समाचारराष्ट्रीय समाचार
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